असम में शिक्षा सुधारों का असर, 36 लाख से अधिक छात्रों को मिला सीधा लाभ

गुवाहाटी (सौरभ ज्योति शर्मा) : असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार की शिक्षा-केंद्रित विभिन्न योजनाओं का लाभ 36 लाख से अधिक छात्रों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि इन पहलों से परिवारों पर शिक्षा का आर्थिक बोझ कम हुआ है और बच्चों को अपने सपनों को साकार करने का बेहतर अवसर मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, “असम सरकार की अनेक शिक्षा संबंधी पहलें राज्य के 36 लाख से अधिक छात्रों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डाल रही हैं। हमारे सभी प्रयास परिवारों पर शिक्षा का बोझ कम कर रहे हैं, ताकि हर बच्चा अपने सपनों को पूरा कर सके।”
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की शिक्षा योजनाओं का दायरा लगातार बढ़ रहा है और अब तक 4,523 स्कूलों को इन पहलों के तहत शामिल किया जा चुका है। सरकार का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को अधिक सुलभ और किफायती बनाना है।
शिक्षा क्षेत्र में कई योजनाएं लागू
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में राज्य सरकार ने स्कूली शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इनमें स्कूलों के बुनियादी ढांचे का विकास, छात्रों को मुफ्त पाठ्यपुस्तकें और यूनिफॉर्म, साइकिल वितरण, छात्रवृत्ति योजनाएं तथा स्कूलों में नामांकन और उपस्थिति बढ़ाने के लिए विशेष अभियान शामिल हैं।
इसके अलावा, सरकार ने डिजिटल तकनीक के माध्यम से शिक्षण व्यवस्था को आधुनिक बनाने और छात्रों के सीखने के स्तर में सुधार के लिए भी कई पहल शुरू की हैं।
ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों पर विशेष ध्यान :
राज्य सरकार का कहना है कि उसकी प्राथमिकता ग्रामीण क्षेत्रों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के छात्रों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना है। इसके साथ ही स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था और आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी लगातार काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कई बार कहा है कि शिक्षा उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उनका मानना है कि शिक्षा में निवेश से ही असम के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।
शिक्षा बजट में लगातार बढ़ रहा निवेश :
असम सरकार ने लगातार अपने बजट में शिक्षा क्षेत्र के लिए अधिक धनराशि का प्रावधान किया है। इसका उद्देश्य स्कूलों के बुनियादी ढांचे का विस्तार, डिजिटल शिक्षा सुविधाओं को मजबूत करना और छात्र कल्याण योजनाओं को बढ़ावा देना है।
सरकार ड्रॉपआउट दर कम करने और राज्य के प्रत्येक बच्चे को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए भी कई नई योजनाएं चला रही है। मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब राज्य सरकार अपनी शिक्षा और कल्याणकारी योजनाओं की उपलब्धियों को लगातार सामने रख रही है।



