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योगासन का वैश्विक उदय: पीएम मोदी बोले- भविष्य में ओलंपिक का हिस्सा बनेगा योग

अहमदाबाद में आयोजित पहली विश्व योगासन खेल चैम्पियनशिप को योग के एक नए चरण का शुभारंभ बताते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि भविष्य में योगासन ओलंपिक समेत अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में अपनी जगह बनाएगा।

अहमदाबाद में पहली विश्व योगासन खेल चैम्पियनशिप के शुभारंभ की घोषणा करते हुए पीएम ने अपने वर्चुअल संबोधन में बोला, “अहमदाबाद की धरती से विश्व की खेल विरासत में एक और नया अध्याय जुड़ा है। पहली विश्व योगासन चैम्पियनशिप में हिस्सा लेने आए सभी देशों के खिलाड़ियों का भारत में स्वागत करता हूं।”

उन्होंने बोला, “मुझे विश्वास है कि भविष्य में योगासन भी अंतरराष्ट्रीय खेलों में अपनी जगह बनाएगा। चाहे ओलंपिक हो या अन्य बहु-खेल आयोजन, निश्चित तौर पर अहमदाबाद में आयोजित हो रही पहली योगासन विश्व चैम्पियनशिप इसमें बड़ी भूमिका निभाएगी।”

साभार : गूगल

अहमदाबाद में आयोजित इस चैम्पियनशिप में 60 से अधिक देशों के 400 से ज्यादा खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। मेजबान भारत ने 122 सदस्यीय दल उतारा है, जिसमें खिलाड़ी छह वर्गों में प्रतिस्पर्धा करेंगे। ये खिलाड़ी पांच दिनों तक व्यक्तिगत और कलात्मक स्पर्धाओं में अपना कौशल प्रदर्शित करेंगे।

प्रधानमंत्री ने योगासन खेल के विस्तार को नई संभावनाओं का सृजनकर्ता बताते हुए कहा, “हर बड़ा आयोजन अपने साथ रोजगार के नए अवसर लेकर आता है। जैसे-जैसे योगासन खेल का विस्तार होगा, इससे जुड़ी नई संभावनाएं भी विकसित होंगी। यह खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, खेल वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और इवेंट मैनेजरों के लिए नए अवसर उत्पन्न करेगा।”

योगासन वर्तमान में आधिकारिक ओलंपिक खेलों का हिस्सा नहीं है। हालांकि, इसे वैश्विक खेल के रूप में मान्यता दिलाने के प्रयास तेजी से चल रहे हैं। भारत सरकार और अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं इसे 2036 ओलंपिक में शामिल कराने के लिए सक्रिय रूप से प्रयासरत हैं, जिसकी मेजबानी का भारत इच्छुक है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले यह चैम्पियनशिप खेल और फिटनेस की “डबल डोज” लेकर आई है। उन्होंने कहा, “अहमदाबाद यूनेस्को की विश्व धरोहर (वर्ल्ड हेरिटेज) सूची में शामिल शहर है और भारत के इस ऐतिहासिक नगर में इस आयोजन का होना पूरे देश के लिए गर्व की बात है।

यह चैम्पियनशिप ऐसे समय में हो रही है, जब पूरी दुनिया 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारी में जुटी है। यह अपने आप में खेल और फिटनेस की डबल डोज लेकर आई है।” प्रधानमंत्री ने कहा कि आज करोड़ों लोगों ने योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लिया है और योगासन चैम्पियनशिप योग के नए चरण का शुभारंभ है।

उन्होंने कहा, “हर जीवन परंपरा समय के साथ एक नए चरण में प्रवेश करती है। योगासन खेल की विश्व चैम्पियनशिप योग के लिए इसी नए चरण का शुभारंभ है। इसके माध्यम से योगासन को एक प्रतिस्पर्धी खेल के रूप में नई पहचान मिलेगी।”

उन्होंने कहा, “करीब एक दशक पहले भारत संयुक्त राष्ट्र में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का प्रस्ताव लेकर गया था। हम प्राचीन भारतीय परंपरा को पूरी मानवता के स्वास्थ्य और सामूहिक कल्याण से जोड़ना चाहते थे। उस समय संयुक्त राष्ट्र में 190 देशों ने भारत के इस प्रस्ताव का समर्थन किया था।”

उन्होंने योग को न्यूनतम खर्च में स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का प्रभावी माध्यम बताते हुए कहा कि “हर रोज योग, भगाएगा सारे रोग” के मंत्र को याद रखना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी ने चैम्पियनशिप में भाग ले रहे खिलाड़ियों से अपने-अपने देशों में लौटते समय योग का संदेश साथ ले जाने का भी आग्रह किया।

उन्होंने कहा, “भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने ‘योग 365’ अभियान शुरू किया है। मैं इस चैम्पियनशिप में भाग ले रहे सभी खिलाड़ियों से आग्रह करूंगा कि वे अपने देशों में योग का यह संदेश भी साथ लेकर जाएं।” उन्होंने आगे कहा, “आप अपने देश में ‘योग 365’ के दूत बन सकते हैं। आपका अनुभव और योग के प्रति आपका विश्वास पूरे विश्व को इस संदेश से जोड़ सकता है।

इस प्रतियोगिता में जीत चाहे किसी की भी हो, लेकिन इतिहास के इस महत्वपूर्ण अध्याय का हिस्सा बनकर आप पहले ही चैम्पियन बन चुके हैं।” उन्होंने कहा, “आपकी प्रतिभा और अनुशासन दुनिया भर के युवाओं को प्रेरित करेगा।”

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