नीट (NEET) परीक्षा रद्द होने के तनाव ने ली एक और मासूम की जान
झारखंड के कोडरमा में 16 वर्षीय छात्रा ने की आत्महत्या, देश में गहराया छात्रों का मानसिक संकट

कोडरमा/रांची : देश में राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में होने वाली गड़बड़ियों और प्रशासनिक ढुलमुल रवैये का खामियाजा एक बार फिर देश के होनहार युवाओं को भुगतना पड़ा है। झारखंड के कोडरमा जिले से एक बेहद दर्दनाक और झझोंर देने वाली खबर सामने आई है, जहां राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) की तैयारी कर रही एक 16 वर्षीय छात्रा रुचि कुमारी ने मानसिक तनाव के चलते आत्महत्या कर ली है। यह दुखद घटना कोडरमा के तिलैया थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले चित्रगुप्त नगर इलाके की है। मृतका रुचि कुमारी मूल रूप से बिहार के नवादा जिले की रहने वाली थी और उसका परिवार पिछले 12 सालों से उसकी बेहतर शिक्षा के लिए कोडरमा में किराए के मकान में रह रहा था। इस घटना ने एक बार फिर देश में प्रतियोगी परीक्षाओं के आयोजन और उसके कारण छात्रों पर बढ़ने वाले मानसिक दबाव को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है
। छात्रा के पिता संजय कुमार सिंह, जो एक एलआईसी (LIC) एजेंट और मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के रूप में काम करते हैं, ने इस घटना के पीछे के दर्दनाक हालातों को बयां किया है। उन्होंने बताया कि रुचि ने पिछले महीने आयोजित हुई नीट परीक्षा दी थी और वह अपने प्रदर्शन को लेकर बेहद आश्वस्त और उत्साहित थी। उसे पूरा भरोसा था कि उसे इस बार मेडिकल कॉलेज में सीट मिल जाएगी। लेकिन पेपर लीक के गंभीर आरोपों के बाद जब 12 मई को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने परीक्षा को रद्द करने और दोबारा परीक्षा आयोजित करने का फैसला सुनाया, तो वह गहरे सदमे और मानसिक तनाव में चली गई। उसके मन में यह डर बैठ गया था कि आगामी 21 जून को होने वाली दोबारा परीक्षा (Re-test) पहले से कहीं अधिक कठिन होगी। हालांकि परिवार के सदस्यों ने उसकी लगातार काउंसलिंग की और उसे ढांढस बंधाया, जिसके बाद उसने दोबारा ऑनलाइन मॉक टेस्ट देने शुरू कर दिए थे, लेकिन अंदर ही अंदर वह इस अनिश्चितता के दबाव को झेल नहीं पाई।
यह दुखद वाकया उस समय सामने आया जब रविवार की शाम रुचि अपने कमरे में ऑनलाइन मॉक टेस्ट दे रही थी। रात के खाने के समय जब परिवार वालों ने उसे बार-बार आवाज दी और अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, तो उन्हें चिंता हुई। जब परिजनों ने कमरे का दरवाजा जबरन तोड़ा, तो अंदर रुचि अचेत अवस्था में मिली। उसे तुरंत नजदीकी निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। तिलैया थाना के प्रभारी विनय कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है और पिता के बयान के आधार पर अस्वाभाविक मृत्यु (UD Case) का मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक की लहर है और यह हादसा देश की पूरी परीक्षा प्रणाली के लिए एक बड़ा वेक-अप कॉल है, जहां प्रशासनिक नाकामियों की कीमत छात्रों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ रही है।



