Trending

केरल की सड़कों पर खूनी संघर्ष

तिरुवनंतपुरम में सत्ताधारी CPM और कांग्रेस के छात्र संगठनों (SFI और KSU) के बीच भारी हिंसक बवाल, कई घायल

दक्षिण भारतीय राज्य केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम (Thiruvananthapuram) का शांतिपूर्ण राजनीतिक माहौल एक बार फिर भारी हिंसा और खूनी झड़पों से दहल उठा है। शहर के बीचों-बीच सड़कों पर सत्ताधारी मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPIM) की छात्र इकाई एसएफआई (SFI) और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के छात्र संगठन केएसयू (KSU) के कार्यकर्ताओं के बीच भयानक बवाल हुआ है। इस हिंसक झड़प में दोनों पक्षों के दर्जनों छात्र नेता और कई पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

केरल की राजनीति में विचारधारा (Ideology) की लड़ाई अक्सर विश्वविद्यालयों के कैंपस (Campus) से निकलकर सड़कों पर हिंसक रूप ले लेती है। ऐसा ही एक भयावह मंजर आज केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में देखने को मिला। राज्य सचिवालय (State Secretariat) और कई प्रमुख शिक्षण संस्थानों के आसपास के इलाके युद्ध के मैदान में बदल गए, जब दो सबसे बड़े छात्र संगठन आमने-सामने आ गए।

विवाद की जड़: कैंपस चुनाव और राजनीतिक आरोप
पुलिस रिपोर्ट और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस पूरे बवाल की शुरुआत हाल ही में राज्य के कई प्रमुख कॉलेजों में संपन्न हुए छात्र संघ चुनावों (Student Union Elections) के नतीजों को लेकर हुई। कांग्रेस समर्थित केएसयू (KSU – Kerala Students Union) के नेताओं ने आरोप लगाया था कि सत्ताधारी पार्टी की छात्र विंग एसएफआई (SFI – Students’ Federation of India) ने पुलिस प्रशासन की मदद से चुनाव में बड़े पैमाने पर धांधली (Rigging) और फर्जी वोटिंग की है।

इसी मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन करते हुए आज सुबह केएसयू (KSU) के सैकड़ों कार्यकर्ता सचिवालय की ओर एक विशाल मार्च (Protest March) निकाल रहे थे। इसी दौरान, रास्ते में मौजूद एसएफआई (SFI) के कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर इस मार्च को रोकने की कोशिश की, जिससे तनाव एकदम से भड़क गया।

लाठीचार्ज, आंसू गैस और सड़कों पर पत्थरबाजी
बहस से शुरू हुआ यह टकराव देखते ही देखते एक बड़े दंगे (Riot) में बदल गया। दोनों तरफ से एक-दूसरे पर जमकर ईंट, पत्थर और कांच की बोतलें फेंकी गईं। राजनीतिक पोस्टरों और झंडों को फाड़कर आग के हवाले कर दिया गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और एंटी-रॉयट वाहन (Anti-riot Vehicles) तैनात किए गए।

जब उपद्रवियों ने पुलिस के बैरिकेड्स (Barricades) तोड़ने की कोशिश की और पुलिस वैन पर पथराव किया, तो पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। भीड़ को तितर-बितर (Disperse) करने के लिए पुलिस ने कई राउंड आंसू गैस (Tear Gas) के गोले दागे, वाटर कैनन (Water Cannon) का इस्तेमाल किया और अंततः भारी लाठीचार्ज किया।

कई घायल और अस्पतालों में भारी भीड़
इस पूरे खूनी संघर्ष में लगभग 40 से अधिक लोग घायल हुए हैं। इनमें एसएफआई (SFI) और केएसयू (KSU) दोनों के कई बड़े स्थानीय छात्र नेता शामिल हैं, जिनके सिर और हाथों में गंभीर चोटें आई हैं। इसके अलावा पत्थरबाजी में 8 से ज्यादा पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। सभी घायलों को तिरुवनंतपुरम के सरकारी मेडिकल कॉलेज (Government Medical College) में भर्ती कराया गया है।

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू
इस भारी हिंसा ने केरल की राजनीति में एक नया भूचाल ला दिया है। राज्य के मुख्यमंत्री (CM) ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि कांग्रेस राज्य का शांतिपूर्ण माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रही है और कानून हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। दूसरी ओर, कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने आरोप लगाया है कि राज्य की पुलिस सीपीआई-एम (CPIM) की निजी सेना (Private Army) की तरह काम कर रही है और शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे उनके छात्रों पर बर्बरता से लाठियां बरसाई गई हैं। फिलहाल, पूरे शहर में तनावपूर्ण शांति है और भारी पुलिस बल की तैनाती जारी है।

Related Articles

Back to top button