‘युद्ध कोई विकल्प नहीं है’, फारूक अब्दुल्ला ने कहा- मुझे खुशी है कि अब लोग शांति की बात कर रहे हैं

श्रीनगर। नेशनल कॉन्फ्रेंस (एन. सी.) के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने गुरुवार को आरएसएस के पदाधिकारी दत्तात्रेय होसबोले की पाकिस्तान के साथ बातचीत की वकालत करने वाली टिप्पणी का समर्थन करते हुए कहा कि युद्ध कोई विकल्प नहीं था।
जम्मू-कश्मीर के तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके अब्दुल्ला ने श्रीनगर में संवाददाताओं से बात करते हुए पूर्व सेना प्रमुख एम. एम. नरवणे द्वारा होसबले का समर्थन करने का भी स्वागत किया।
उन्होंने कहा कि यह एक बहुत बड़ा कदम है कि आरएसएस नेता ने कहा है कि पाकिस्तान के साथ बातचीत होनी चाहिए और पूर्व सेना प्रमुख ने भी अपने बयान का समर्थन किया है। मुझे खुशी है कि अब कोई सोच रहा है कि युद्ध कोई विकल्प नहीं है।
इससे पहले मंगलवार को होसबोले ने कहा कि पाकिस्तान के साथ गतिरोध को तोड़ने के लिए लोगों का संपर्क महत्वपूर्ण है और बातचीत के लिए हमेशा एक खिड़की होनी चाहिए।
आर. एस. एस. नेता ने कहा था कि पाकिस्तान के सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व ने भारत का विश्वास खो दिया है और यह नागरिक समाज के लिए नेतृत्व करने का समय है।
नई दिल्ली में चल रहे ब्रिकस सम्मेलन का जवाब देते हुए अब्दुल्ला ने उम्मीद जताई कि इस समूह से मध्य पूर्व में शांति स्थापित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की चीन यात्रा का भी स्वागत किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कई केंद्रीय मंत्रियों द्वारा अपने काफिले को कम करने के बारे में उनकी प्रतिक्रिया के बारे में पूछे जाने पर अब्दुल्ला ने कहा कि ईंधन संकट से निपटने के लिए ये उपाय आवश्यक हैं।
उन्हाेंन कहा कि मुझे लगता है कि यह बहुत अच्छा है। यह दर्शाता है कि हमारे पास ईंधन की कमी है और जाहिर है कि कमी है। मुझे उम्मीद है कि हर कोई अपना काफिला कम करेगा।



