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थॉमस कप: फ्रांस ने जापान को हराकर रचा इतिहास, सेमीफाइनल में भारत से भिड़ंत

डेनमार्क के थॉमस कप में, जो फोरम होर्सेन्स में खेला जा रहा है, फ्रांस ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। फ्रांस ने पहली बार सेमीफाइनल में जगह बनाई। जापान को 3-0 से हराकर फ्रांस ने यह मुकाम हासिल किया। वहीं, मेजबान डेनमार्क भी अंतिम चार में पहुंच गया है।

फ्रांस टीम ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन जारी रखा, खासकर एकल मुकाबलों में। कड़े मुकाबलों के बावजूद, क्रिस्टो पोपोव, एलेक्स लैनियर और टोमा जूनियर पोपोव ने सीधे गेम में जीत दर्ज की और डबल्स की जरूरत ही नहीं पड़ी।

क्रिस्टो ने कोडाई नाराओका के खिलाफ मुश्किल शुरुआत के बाद लय पकड़ी और जीत हासिल की। बीडब्ल्यूएफ के अनुसार, क्रिस्टो ने कहा, “जब आप कोडाई के साथ खेलते हैं, तो आपको पता होता है कि मैच लंबा चलेगा। वह आसान गलतियां नहीं करता और आपको लगातार दौड़ाता है। मैं इसके लिए तैयार था।”

साभार : गूगल

इसके बाद एलेक्स लैनियर ने युशी तनाका को हराकर फ्रांस की बढ़त मजबूत की और टीम को ऐतिहासिक जीत के करीब पहुंचा दिया। निर्णायक तीसरे मैच में टोमा जूनियर पोपोव ने कोकी वतनबे को 21-19, 23-21 से हराकर मुकाबला खत्म कर दिया।

टोमा जूनियर ने कहा, “मैं बेहद खुश हूं। मेरे शरीर में अब कोई ऊर्जा नहीं बची है। मैंने कोर्ट पर अपना सब कुछ दे दिया। यह अविश्वसनीय है। हमने पहले इंडोनेशिया को हराकर इतिहास रचा था और अब फिर से ऐसा किया है। यह टीम चैंपियनशिप में हमारा पहला पदक है। हमने फ्रांस में बैडमिंटन के लिए एक बड़ी छाप छोड़ी है। हम लड़ने के लिए तैयार हैं।”

इस जीत के साथ फ्रांस का सेमीफाइनल मुकाबला भारत से तय हुआ है। भारत ने चीनी ताइपे को 3-0 से हराकर अंतिम चार में जगह बनाई। भारत की जीत में लक्ष्य सेन, आयुष शेट्टी और सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी व चिराग शेट्टी की डबल्स जोड़ी का अहम योगदान रहा।

डेनमार्क ने थाईलैंड को 3-1 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। एंडर्स एंटोनसेन ने तीन गेम के मुकाबले में कुनलावुत विटिडसार्न को हराया। इसके बाद किम एस्ट्रुप और एंडर्स स्कारुप रासमुसेन की जोड़ी ने डबल्स में जीत दर्ज की।

थाईलैंड ने पैनिचाफोन तीरात्साकुल के जरिए वापसी की कोशिश की, जिन्होंने मैग्नस जोहानसेन को हराया, लेकिन डेनमार्क की मैथियास क्रिस्टियनसेन और डेनियल लुंडगार्ड की जोड़ी ने सीधे गेम में जीत हासिल कर मुकाबला अपने नाम कर लिया।

चीन के भी सेमीफाइनल में पहुंचने के साथ अब अंतिम चार में पारंपरिक दिग्गजों और उभरती टीमों का रोमांचक मुकाबला देखने को मिलेगा।

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