अभिषेक बनर्जी का केंद्र सरकार पर हमला, बाेले- डेढ़ साल से शेख हसीना को दिल्ली में शरण क्यों दी है

कोलकाता : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच लाेकसभा सांसद व तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने शुक्रवार को तृणमूल भवन में आयाेजित प्रेस वार्ता में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के चुनावी घोषणापत्र और केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर “डेढ़ साल से शेख हसीना को दिल्ली में शरण क्यों दी गई और किस उद्योगपति को बचाने के लिए ऐसा किया जा रहा है?”
अभिषेक बनर्जी ने भाजपा के वादों को “जुमला” बताते हुए कहा कि पार्टी लोगों को भ्रमित करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा एक साथ नौकरी और भत्ता देने की बात कर रही है, जो व्यावहारिक नहीं है। भाजपा सोचती है कि जनता को आसानी से गुमराह किया जा सकता है।
घाटाल मास्टर प्लान को लेकर उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि राज्य सरकार पहले ही इस परियोजना पर काम शुरू कर चुकी है और इसके लिए धन भी खर्च किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य किसी पर निर्भर नहीं है और अपने संसाधनों से विकास कार्य कर रहा है।
घुसपैठ के मुद्दे पर भाजपा को घेरते हुए अभिषेक ने कहा कि यह सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए उठाया जा रहा मुद्दा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा मतदाताओं के अधिकार छीनने की कोशिश कर रही है, लेकिन तृणमूल कांग्रेस ऐसा नहीं होने देगी।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की योजनाएं बिना किसी भेदभाव के सभी लोगों तक पहुंच रही हैं, जबकि केंद्र की योजनाओं में कई शर्तें हैं।
अभिषेक बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा “परिवारवाद” का आरोप लगाती है, जबकि उनके अपने दल में भी कई नेताओं के परिजन चुनाव मैदान में हैं। साथ ही, उन्होंने कहा कि भाजपा के पास राज्य में कोई स्पष्ट मुख्यमंत्री चेहरा नहीं है जो उनकी “कमजोरी” को दर्शाता है।
प्रेसवार्ता में उन्होंने यह भी दावा किया कि भाजपा अगर सत्ता में आती है तो राज्य की सांस्कृतिक परंपराओं पर असर पड़ सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि “दुर्गा पूजा को बंद कर रामनवमी को बढ़ावा देने” की कोशिश की जाएगी।
तृणमूल कांग्रेस सांसद ने कहा कि चुनाव के परिणाम जनता तय करेगी और लोगों की ताकत के सामने हर राजनीतिक दल को जवाब देना होगा।



