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बिली जीन किंग कप: भारत ने मंगोलिया को 3-0 से रौंदा, जील-सहजा की एकतरफा जीत

बिली जीन किंग कप के एशिया/ओशिनिया ग्रुप-1 मुकाबले में शुक्रवार को यहां भारत ने मंगोलिया को 3-0 से करारी शिकस्त दी, जिसमें जील देसाई और सहजा यमलापल्ली की एकतरफा जीत अहम रही।

इस प्रतियोगिता में अपना पदार्पण मैच खेल रही जील ने 15 वर्षीय अनु-वजिन गैंटोर को महज 37 मिनट में सीधे सेटों में 6-0, 6-0 से हराया। वहीं सहजा ने भी डीएलटीए परिसर में खेले गए मुकाबले में बिना कोई गेम गंवाए 32 वर्षीय जरगल अल्तानसरनाई को 42 मिनट में 6-0, 6-0 से मात दी।

इसके बाद युगल मुकाबले में वैष्णवी आडकर और रुतुजा भोसले की जोड़ी ने भारत का दबदबा कायम रखते हुए खोंगोरज़ुल अलडारकिशिग और जारगल अल्तानसरनाई की जोड़ी को 6-1, 6-0 से आसानी से हरा दिया।

मंगोलिया की कमजोर टीम पर इस प्रभावशाली जीत के बाद भारत के सामने शनिवार को प्रतियोगिता के अंतिम दिन कोरिया की चुनौती होगी। हालांकि, थाईलैंड के खिलाफ मिली हार ने भारत की स्थिति पहले ही कठिन बना दी है।

छह टीमों वाले इस ग्रुप में शीर्ष दो टीमें प्लेऑफ में पहुंचेंगी, जबकि अंतिम दो टीमों को ग्रुप-2 में जाना पड़ेगा। ऐसे में भारत के ग्रुप-1 में बने रहने की संभावना अधिक नजर आ रही है। प्लेऑफ में पहुंचने के लिए भारत को यह उम्मीद करनी होगी कि इंडोनेशिया पहले कोरिया को 3-0 से हराए और फिर भारत भी शनिवार को कोरिया को इसी अंतर से पराजित करे।

मंगोलिया पर जीत के बाद भारतीय कप्तान विशाल उप्पल ने कहा, “हम थाईलैंड से मिली हार के बारे में नहीं सोचेंगे। हमारे लिए जरूरी है कि हम कल मैदान पर उतरें और कोरिया को हराएं। अब यह मायने नहीं रखता कि हम प्लेऑफ में पहुंचते हैं या नहीं। मुझे लगता है कि हमारी टीम के युवा खिलाड़ी अपने अनुभव का उपयोग कर कोरिया जैसी टीम को हरा सकते हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “थाईलैंड से हारने के बाद पछताने से कोई फायदा नहीं। अंकिता और रुतुजा के लिए यह साल बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह एशियाई खेलों का वर्ष है और वे निश्चित रूप से वहां कोरियाई टीम के खिलाफ खेलेंगी। ऐसे में यहां उनके खिलाफ खेलना फायदेमंद रहेगा।”

थाईलैंड के खिलाफ शुरुआती एकल मुकाबले में वैष्णवी की हार अप्रत्याशित रही। उन्होंने माना कि घबराहट के कारण वह यह मैच हार गईं। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि यह बाहरी परिस्थितियों से ज्यादा मानसिक दबाव का मामला था, क्योंकि इस स्तर के बड़े मंच पर यह मेरा पहला मैच था। मैं अपनी घबराहट को सही तरीके से संभाल नहीं पाई।”

मंगोलिया के खिलाफ गैंटोर के अनुभवहीन होने के कारण कप्तान ने जील को मौका दिया। पूरे टूर्नामेंट में अब तक केवल एक गेम जीत सकी गैंटोर इस स्तर के मुकाबलों के लिए तैयार नहीं दिखीं।

गैर-वरीयता प्राप्त गैंटोर को अभी काफी कुछ सीखने की जरूरत है। मुकाबले के दौरान वह अपने दम पर अंक हासिल करने में लगभग असफल रहीं और उनके खाते में अंक तभी जुड़े जब भारतीय खिलाड़ी से कोई गलती हुई।

मैच के दौरान ऐसा लगा कि गैंटोर ने पहले ही हार मान ली थी। वह सर्विस रिटर्न भी सही ढंग से नहीं कर सकीं और लगातार गेंदें लाइन से बाहर जाती रहीं, जिससे मुकाबला पूरी तरह एकतरफा हो गया। हालांकि भारतीय टीम को इससे कोई शिकायत नहीं होगी, क्योंकि प्लेऑफ की दौड़ में बने रहने के लिए उसे मंगोलिया के साथ-साथ कोरिया के खिलाफ भी जीत दर्ज करनी होगी।

सहजा ने भी अपने मुकाबले में बिना किसी परेशानी के जीत हासिल की। इस मैच में भी दोनों खिलाड़ियों के स्तर में बड़ा अंतर साफ नजर आया। विश्व रैंकिंग में 385वें स्थान पर काबिज खिलाड़ी के खिलाफ जरगल के लिए एक भी गेम जीतना मुश्किल साबित हुआ।

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