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क्या है उत्तर प्रदेश सरकार की डिजिटल क्लास जो है सुर्ख़ियों में

 ( राघवेंद्र प्रताप सिंह): उत्तर प्रदेश सरकार ने मिशन कर्मयोगी साधना सप्ताह के तहत सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए डिजिटल लर्निंग अनिवार्य कर दी है। योगी सरकार डिजिटलाइजेशन के शासन प्रशासन में हर एक लाभ को सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है। प्रदेश में कर्मचारियों को कम से कम तीन एआइ कोर्स पूरे कर “एआइ दक्ष” बैज हासिल करने के लिए प्रेरित किया गया है। इसके साथ ही आइजीओटी मार्केटप्लेस पर उपलब्ध एडवांस लेवल के कम से कम एक कोर्स को पूरा कर “कर्मयोगी उत्कृष्ट” बैज प्राप्त करने की अपेक्षा भी की गई है।
इसका उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों की कार्यकुशलता और क्षमता को बढ़ाना है। प्रदेश सरकार ने विशेष रूप से एआइ (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से जुड़े कोर्स पर जोर दिया है। डिजिटल क्लास के जरिए कर्मयोगियों की दक्षता कुशलता बढ़ाई जाएगी तो इससे प्रशासन का भी कायाकल्प होगा। सुशासन की एक बड़ी शर्त यह है कि इसके लिए काम करने वालों की सोच , विजन, माइंडसेट क्या है। वो किसी समस्या के सारे पहलुओं और समाधान के हर संभावित तरीकों को कितना जानते हैं। उनकी बुद्धि क्राइसिस के स्थिति में कितना काम करती है। इसमें से कई गुण बेहतर लर्निंग और अनुकरण की प्रक्रिया के जरिए भी होते हैं। योगी सरकार इसी स्थिति को अंजाम देने के लिए कार्य कर रही है।

सर्विस डिलीवरी को ऑनलाइन मोड में ले आकर लोगों की असुविधा हटाना और भ्रष्टाचार का निवारण करना योगी आदित्यनाथ के प्राइम एजेंडे में है। नवीनतम खबर ये भी है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने मृत सरकारी कर्मचारियों के आश्रितों के लिए भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है। अब नौकरी पाने के लिए आश्रितों को दफ्तर-दफ्तर भटकना नहीं पड़ेगा। आवेदन से लेकर नियुक्ति पत्र जारी होने तक की पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से पूरी होगी। कार्मिक विभाग ने इस दिशा में अहम सुधार करते हुए ‘मानव संपदा पोर्टल’ के जरिए मृतक आश्रितों की नियुक्ति को अनिवार्य रूप से ऑनलाइन करने का निर्णय लिया है।

इस संबंध में प्रमुख सचिव कार्मिक एम. देवराज ने सभी विभागों, जिलाधिकारियों और मंडलायुक्तों को जारी शासनादेश में कहा है सेवाकाल में मृत सरकारी सेवकों के आश्रितों की भर्ती नियमावली 1974 (संशोधित) के तहत पूरी प्रक्रिया को आनलाइन किया जाएगा। इसके लिए एनआइसी द्वारा मानव संपदा पोर्टल पर विशेष ‘मृतक आश्रित सेवायोजन मॉड्यूल’ विकसित किया गया है। सभी विभागों को अपने-अपने कार्यालयों में एडमिन आइडी के माध्यम से प्रथम स्तर, अप्रूविंग और आर्डर अथारिटी नामित करने के निर्देश दिए गए हैं।

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