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पश्चिम बंगाल में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के चार वरिष्ठ अधिकारियों को आयोग ने हटाया

कोलकाता : भारतीय निर्वाचन आयोग ने सोमवार को पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए चार महत्वपूर्ण अधिकारियों को उनके पदों से हटा दिया। इनमें एक उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी स्तर के अधिकारी भी शामिल हैं।

 

तबादला किए गए उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुभ्रत पाल (2005 बैच, पश्चिम बंगाल सिविल सेवा-कार्यकारी) को राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में वरिष्ठ उप सचिव के पद पर भेजा गया है। इसके साथ ही मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के दो अतिरिक्त सचिव और एक संयुक्त सचिव का भी तबादला किया गया है। जिन अधिकारियों को स्थानांतरित किया गया है, उनमें नरेंद्र नाथ दत्त और सुप्रिया दास (अतिरिक्त सचिव) तथा मिथु सरकार (संयुक्त सचिव) शामिल हैं। हालांकि इन पदों पर नियुक्त किए जाने वाले नए अधिकारियों की घोषणा अभी तक नहीं की गई है।

 

इसी क्रम में 2001 बैच के पश्चिम बंगाल सिविल सेवा (कार्यकारी) अधिकारी राहुल नाथ को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अतिरिक्त सचिव पद से हटाकर संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी बनाया गया है। नरेंद्र नाथ दत्त को राज्य के श्रम विभाग में अतिरिक्त सचिव, सुप्रिया दास को खाद्य प्रसंस्करण उद्योग एवं बागवानी विभाग में अतिरिक्त सचिव तथा मिथु सरकार को अल्पसंख्यक कार्य एवं मदरसा शिक्षा विभाग में संयुक्त सचिव के पद पर भेजा गया है।

 

सूत्रों के अनुसार, ये तबादले पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल की सिफारिश पर किए गए हैं। उल्लेखनीय है कि विधानसभा चुनाव की तिथियां घोषित होने के बाद राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू है। इसके बावजूद निर्वाचन आयोग द्वारा प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के विभिन्न स्तरों पर लगातार तबादले किए जा रहे हैं। पहली बार मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय भी इस प्रकार के बदलाव के दायरे में आया है। इस बीच इन तबादलों और चुनाव से पहले अधिकारियों को अन्य राज्यों में प्रतिनियुक्ति पर भेजने के निर्णय को चुनौती देते हुए कलकत्ता उच्च न्यायालय में दो जनहित याचिकाएं भी दायर की गई हैं।

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