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कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताः अन्नपूर्णा देवी

नई दिल्ली : केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने शनिवार को कहा कि सरकार महिलाओं को सशक्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। विकसित भारत की यात्रा में कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। इसकी बानगी इस बार के बजट 2026 में परिलक्षित होती है जिसमें महिलाओं के विकास और सशक्तीकरण के लिए 5 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।

 

केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी शनिवार को यहां विज्ञान भवन में महिला सुरक्षा को लेकर आयोजित सम्मेलन को संबोधित कर रही थीं। विज्ञान भवन में कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा विषय पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि शी-बॉक्स पोर्टल ने महिलाओं के लिए कार्यस्थल से जुड़ी शिकायतें दर्ज करना आसान बना दिया है। कई कार्यस्थलों ने इस केंद्रीकृत पोर्टल पर स्वयं को पंजीकृत किया है।

 

मंत्री ने कहा कि विकसित भारत की यात्रा में कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है।

 

उन्होंने कहा कि शी-बॉक्स महिलाओं को कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की शिकायत सुरक्षित और गोपनीय रूप से दर्ज करने का सशक्त माध्यम है। यह पहल महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मंत्री ने कहा कि महिलाओं की कार्यस्थल सुरक्षा केवल कानूनी बाध्यता नहीं, बल्कि विकसित भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। देशभर में 1.48 लाख से अधिक संस्थान शी बॉक्स पोर्टल पर पंजीकृत हैं और 60,000 से अधिक आंतरिक समितियां सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं।

 

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पिछले छह वर्षों में महिलाओं की श्रम भागीदारी दर 23 प्रतिशत से बढ़कर 42 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो महिलाओं की बढ़ती आर्थिक भागीदारी को दर्शाता है। सरकार द्वारा महिलाओं के लिए 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का जेंडर बजट प्रावधान भी इस दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। उन्होंने महिलाओं के कल्याण के लिए चलाई जा रही विभिन्न सरकारी योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री उज्जवला योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की प्रशंसा की।

 

सम्मेलन में महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। इस मौके पर राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर ने कहा कि कार्यस्थल की सुरक्षा, महिला सशक्तीकरण का मूल आधार है। उन्होंने बताया कि 70 प्रतिशत मुद्रा ऋण महिलाओं को दिए गए हैं, 44 प्रतिशत पीएम स्वनिधि लाभार्थी महिलाएं हैं और 10 करोड़ से अधिक महिलाएं 90 लाख स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हुई हैं।

 

इस अवसर पर अन्नपूर्णा देवी ने राष्ट्रीय कार्यस्थल सुरक्षा शपथ भी दिलाई।

 

इस सम्मेलन का उद्देश्य कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत करना, कानून के प्रावधानों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और शी बॉक्स पोर्टल के उपयोग को व्यापक बनाना था। कार्यक्रम में लगभग 1,500 प्रतिभागी प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित रहे, जबकि 40,000 से अधिक लोग ऑनलाइन माध्यम से जुड़े।

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