दिल्ली में गरजा ईशान का बल्ला, हार्दिक को दिया वापसी का श्रेय
दिल्ली में नामीबिया के खिलाफ खेले गए मुकाबले में ईशान किशन ने अपनी आक्रामक बल्लेबाज़ी से इतिहास रच दिया। उन्होंने 61 रनों की मैच विनिंग पारी खेली और टी20 विश्व कप के इतिहास में अर्धशतक जड़ने वाले पहले भारतीय बन गए।
न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में भी उन्होंने धमाल मचाया था। हालांकि, उस सीरीज से पहले वह लंबे समय तक भारतीय टीम से बाहर रहे थे और सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट भी उनसे छिन गया था। अब ईशान किशन ने बताया है कि किस खिलाड़ी ने उनको मोटिवेट किया।
ईशान किशन ने दिल्ली में खेले गए मैच के बाद बताया कि हार्दिक पांड्या ने 2024 में उनको सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट की लिस्ट से बाहर किए जाने के बाद एक सलाह दी थी, जिससे उनका करियर बचा।
ईशान ने बताया कि कैसे हार्दिक ने उनसे कहा कि वे इस सेटबैक पर ध्यान न दें, बल्कि घरेलू क्रिकेट में हर मौके का पूरा फायदा उठाएं। मैच के बाद दोनों ने अपने प्रदर्शन और किशन के उस मुश्किल दौर के बारे में हल्की-फुल्की बातचीत की, जब उनका कॉन्ट्रैक्ट रेड-बॉल और घरेलू क्रिकेट के प्रति कमिटमेंट की कमी के कारण खत्म हो गया था।

दिलचस्प बात ये है कि उस समय हार्दिक पांड्या भी खराब दौर से गुजर रहे थे। गुजरात टाइटन्स से मुंबई इंडियंस में आए हार्दिक पांड्या को काफी आलोचना का सामना करना पड़ा था। उनको टी20 टीम के कप्तान के तौर से भी हटा दिया गया था।
हालांकि, हार्दिक ने अपनी परफॉर्मेंस से सभी का दिल जीता। यही काम ईशान किशन ने घरेलू क्रिकेट में किया और अब इंटरनेशनल क्रिकेट में भी अलग फ्लेवर के साथ नजर आ रहे हैं। अपने बाहर बिताए समय के बारे में बताते हुए ईशान किशन ने कहा कि वह “चुप रहने वाले इंसान नहीं हैं।
हार्दिक ने उन्हें सलाह दी कि वह अपने बल्ले से बात करें। ईशान ने बताया, “मैं आमतौर पर चुप रहने वाला इंसान नहीं हूं, लेकिन क्योंकि मैं उनके टच में था और वह ऐसे थे, ‘यह तुम पर है कि तुम किसी से इस बारे में बात करना चाहते हो या नेगेटिव सोचना चाहते हो।
यह तुम्हारे हाथ में है और वह क्रिकेट खेलना और रन बनाना था और जिन भी टूर्नामेंट में मैं खेल रहा था, उनमें अच्छा परफॉर्म करना था। क्रेडिट भी उन्हें जाता है (इंडिया में वापसी में उनकी मदद करने के लिए)।” हार्दिक ने ईशान की न्यूजीलैंड के खिलाफ बनाई गई सेंचुरी को लेकर भी बात की और कहा, “जिस रिदम में आपने इसे मारा, जिस तरह से बॉल आपके बैट से निकली, मैं बहुत खुश था।
पिछले दो सालों से, आपने पर्दे के पीछे बहुत मेहनत की है, चुप रहे। जब मौका नहीं आया, तब भी आप मुस्कुराते रहे, हौसला बनाए रखा और कड़ी मेहनत की। मेहनत तब करनी चाहिए जब कोई देख न रहा हो और यही असली फायदा देता है।
जिंदगी में चाहे कुछ भी हो जाए, रोने वाले मत बनो। सुबह उठो, मेहनत करो, सिर झुकाकर सो जाओ। फिर से, इसे दोहराओ। उसने मशाल उठाई है, बल्ले से जवाब दिया है और मुझे इस पर सच में गर्व है।”



