वैभव का तूफान, इंग्लैंड पस्त: भारत छठीं बार अंडर-19 वर्ल्ड चैंपियन
हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में भारत ने इंग्लैंड को 100 रन से हराकर न सिर्फ मुकाबला जीता, बल्कि दबाव, साझेदारियों और निर्णायक क्षणों के दम पर छठी बार विश्व चैंपियन बनने की पटकथा भी लिख दी।
शुक्रवार का यह मुकाबला कई उतार-चढ़ावों से भरा रहा, लेकिन हर अहम मोड़ पर भारत ने खुद को इंग्लैंड से एक कदम आगे रखा। टॉस जीतकर बल्लेबाजी चुनने के फैसले के साथ ही भारत ने इरादे साफ कर दिए, हालांकि शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही।
महज 20 रन पर आरोन जॉर्ज (9) के रूप में पहला विकेट गिरा और इंग्लैंड को शुरुआती बढ़त मिलती दिखी। यहीं से मैच की दिशा बदलने की जिम्मेदारी सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपने कंधों पर ले ली।
उन्होंने कप्तान आयुष म्हात्रे के साथ दूसरे विकेट के लिए 142 रन की ठोस साझेदारी कर भारत को स्थिरता दी। म्हात्रे ने 53 रन बनाकर पवेलियन लौटते हुए मंच तैयार किया, जिस पर सूर्यवंशी ने अपनी ऐतिहासिक पारी की नींव और मजबूत की।

वेदांत त्रिवेदी के साथ तीसरे विकेट के लिए 39 गेंदों में 89 रन जोड़कर भारत को 251 तक पहुंचाया गया। वैभव सूर्यवंशी ने 175 रन की पारी खेली, जो कि इस फाइनल का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुई। उनके आउट होने के बाद भी भारत की रफ्तार नहीं थमी।
विहान मल्होत्रा ने वेदांत त्रिवेदी के साथ 51 रन जोड़ते हुए स्कोर को 300 के पार पहुंचाया। विहान 30 रन बनाकर आउट हुए, लेकिन अभिज्ञान कुंडु ने 40 रन बनाकर अंतिम ओवरों के लिए आधार तैयार कर दिया।
अंत में कनिष्क चौहान ने 37 रन की नाबाद पारी खेलते हुए भारत को 9 विकेट पर 411 रन के विशाल स्कोर तक पहुंचा दिया। इंग्लैंड से जेम्स मिंटो सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने 3 विकेट लिए, जबकि सेबेस्टियन मॉर्गन और एलेक्स ग्रीन को 2-2 सफलताएं मिलीं। मैनी लम्सडेन ने भी 1 विकेट अपने नाम किया।
411 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लिश टीम को भी शुरुआती झटका जल्दी लग गया। 19 रन पर जोसेफ मूर्स (17) का विकेट गिरने के बाद बेन डॉकिन्स और बेन मेयस ने दूसरे विकेट के लिए 74 रन जोड़कर मुकाबले को जीवित रखने की कोशिश की।
मेयस ने 45 रन बनाए, लेकिन उनके आउट होते ही इंग्लैंड की पारी फिर डगमगाने लगी। डॉकिन्स ने थॉमस रेव के साथ तीसरे विकेट के लिए 49 रन और कैलेब फाल्कनर के साथ चौथे विकेट के लिए 32 रन जोड़े, लेकिन 20.4 ओवरों में 174 के स्कोर पर चौथा विकेट गिरना इंग्लैंड के लिए बड़ा झटका साबित हुआ।
हालात और बिगड़े जब 21.6 ओवरों तक स्कोर 177/7 हो गया। यहां से कैलेब फाल्कनर ने अकेले संघर्ष की कहानी लिखी। उन्होंने 115 रन की शानदार पारी खेली, लेकिन तब तक मैच भारत की पकड़ में जा चुका था।
अंततः इंग्लैंड की पूरी टीम 40.2 ओवरों में 311 रन पर सिमट गई और भारत ने 100 रन से ऐतिहासिक जीत दर्ज की। गेंदबाजी में आरएस अंबरीश ने 3 विकेट लेकर सबसे अहम भूमिका निभाई, जबकि दीपेश देवेंद्रन और कनिष्क चौहान को 2-2 सफलताएं मिलीं। कप्तान आयुष म्हात्रे ने भी 1 विकेट हासिल किया।



