अंडर-19 विश्व कप सेमीफाइनल: भारत के दबदबे के सामने अफगानिस्तान की कड़ी चुनौती
हरारे में बुधवार को होने वाला आईसीसी अंडर-19 विश्व कप सेमीफाइनल सिर्फ एक नॉकआउट मुकाबला नहीं, बल्कि भारतीय टीम के दबदबे और अफगानिस्तान के उभरते आत्मविश्वास की कड़ी परीक्षा होगा।
टूर्नामेंट में अब तक हर विभाग में संतुलित और प्रभावशाली प्रदर्शन से भारत इस मैच में आत्मविश्वास से लबरेज़ नजर आ रहा है और रिकॉर्ड छठी बार खिताब जीतने की दिशा में एक और कदम बढ़ाने उतरेगा। विश्व कप के इतिहास में सबसे सफल टीम भारत ने अब तक पांच बार (2000, 2008, 2012, 2018, 2022) खिताब अपने नाम किए हैं, जबकि ऑस्ट्रेलिया चार बार विजेता रहा है।
मौजूदा फॉर्म को देखते हुए भारत को इस सेमीफाइनल का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। टीम ने अब तक खेले गए सभी पांच मुकाबले जीते हैं, जिनमें सुपर सिक्स चरण में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान पर 58 रन की प्रभावशाली जीत भी शामिल है।
भारतीय टीम अफगानिस्तान को हल्के में लेने की गलती नहीं करेगी। अफगानिस्तान ने भी टूर्नामेंट में मजबूत खेल दिखाया है और अपने पांच मैचों में से चार में जीत दर्ज की है। उसे एकमात्र हार श्रीलंका के खिलाफ मिली थी। बावजूद इसके, खिलाड़ियों की मौजूदा फॉर्म और हर विभाग में गहराई के कारण इस मुकाबले में भारत का पलड़ा भारी नजर आता है।

भारतीय बल्लेबाजी की बात करें तो विकेटकीपर-बल्लेबाज अभिज्ञान कुंडू टीम की बड़ी ताकत बनकर उभरे हैं। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने पांच मैचों में दो अर्धशतकों की मदद से 199 रन बनाए हैं। सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी भी शानदार फॉर्म में हैं। उन्होंने पांच मैचों में दो अर्धशतक लगाते हुए 196 रन बनाए हैं, लेकिन टीम प्रबंधन उनसे बड़ी पारियां, खासकर शतक में तब्दील करने की उम्मीद करेगा।
ऑलराउंडर विहान मल्होत्रा (पांच मैचों में 172 रन) पर भी सबकी नजरें होंगी। उन्होंने ग्रुप चरण में जिम्बाब्वे के खिलाफ 109 रन की नाबाद शतकीय पारी खेली थी। गेंदबाजी में भी मल्होत्रा अहम भूमिका निभा रहे हैं और अपनी ऑफ-ब्रेक से अब तक पांच विकेट ले चुके हैं। वह इस टूर्नामेंट में भारत की ओर से शतक लगाने वाले एकमात्र खिलाड़ी भी हैं।
कप्तान आयुष म्हात्रे ने गेंदबाजी में निरंतरता दिखाई है और अपनी ऑफ-ब्रेक से पांच मैचों में छह विकेट चटकाए हैं, लेकिन बल्लेबाजी में उनसे और बेहतर प्रदर्शन की अपेक्षा रहेगी। अब तक उन्होंने पांच मैचों में 99 रन बनाए हैं, जिसमें उनका सर्वोच्च स्कोर 53 रन है। वहीं सलामी बल्लेबाज आरोन जॉर्ज की फॉर्म भारत के लिए चिंता का विषय बनी हुई है, क्योंकि वह तीन पारियों में सिर्फ 46 रन ही बना सके हैं।
गेंदबाजी में भारतीय आक्रमण की अगुआई दाएं हाथ के तेज गेंदबाज हेनिल पटेल और आरएस अंबरीश कर रहे हैं। इन दोनों को स्पिनर खिलन पटेल का बेहतरीन साथ मिला है, जिन्होंने पांच मैचों में आठ विकेट झटके हैं। कप्तान म्हात्रे और विहान मल्होत्रा भी गेंदबाजी में उपयोगी योगदान दे रहे हैं, जिससे भारतीय आक्रमण और संतुलित दिखाई देता है।
दूसरी ओर अफगानिस्तान की टीम भी युवा जोश और अनुशासन के साथ खेल रही है। कप्तान महबूब खान की अगुआई में टीम ने इस टूर्नामेंट में खुद को मजबूत प्रतिद्वंद्वी के रूप में स्थापित किया है। भारत के लिए जरूरी होगा कि वह अफगान खिलाड़ियों को शुरुआती बढ़त बनाने का मौका न दे।



