सीरीज जीत के बाद भी सतर्क टीम इंडिया, चौथे टी20 में स्पिन संयोजन पर नजर
सीरीज पहले ही अपने नाम कर चुकी टीम इंडिया के लिए न्यूजीलैंड के खिलाफ बुधवार को विशाखापट्टनम में होने वाला चौथा टी20 औपचारिकता भर नहीं है।
यह मैच विश्व कप से पहले संयोजन, खासकर गेंदबाजी आक्रमण को परखने का अहम मौका भी है। अब तक हर विभाग में दबदबा बनाए रखने वाली भारतीय टीम इस मुकाबले में भी किसी तरह की ढिलाई नहीं बरतना चाहेगी, लेकिन उसकी नजरें खासतौर पर स्पिन विभाग पर टिकी होंगी।
अभिषेक शर्मा, सूर्यकुमार यादव और ईशान किशन के विस्फोटक प्रदर्शन की बदौलत भारत ने पहले तीनों मुकाबले जीतकर सीरीज पर कब्जा कर लिया है। हालांकि इस शानदार सफर के बीच टीम के दो प्रमुख स्पिनर कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतर पाए हैं।
कुलदीप ने दो मैचों में सिर्फ दो विकेट लिए हैं और उनकी इकॉनमी 9.5 रही है। पिछले मैच में उन्होंने तीन ओवर में 32 रन लुटाए और लय में नजर नहीं आए। इससे पहले वनडे सीरीज में भी कुलदीप तीन मैचों में तीन विकेट ही ले सके थे, जहां उनका इकॉनमी रेट 7.28 रहा।

वरुण चक्रवर्ती को पिछले मैच में विश्राम दिया गया था, जबकि पहले दो मुकाबलों में उनकी गेंदबाजी में वह धार नहीं दिखी जिसके लिए वे जाने जाते हैं। ऐसे में टीम प्रबंधन के सामने दुविधा है कि गुवाहाटी में 18 रन देकर दो विकेट लेने वाले रवि बिश्नोई को टीम में बनाए रखा जाए या कुलदीप को विश्राम देकर चक्रवर्ती को वापस लाया जाए।
तेज गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह, हार्दिक पांड्या और रवि बिश्नोई ने तीसरे टी20 में शानदार प्रदर्शन करते हुए न्यूजीलैंड को नौ विकेट पर 153 रन पर रोक दिया था।
वहीं ऑलराउंडर अक्षर पटेल की फिटनेस भी भारत के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। उंगली में चोट के कारण वह नागपुर में पहले मैच के बाद से नहीं खेल पाए हैं और टीम प्रबंधन उनकी स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए है।
जहां तक बल्लेबाजी की बात है, भारत इस सीरीज में बेजोड़ नजर आया है। भारतीय बल्लेबाजों ने आक्रामकता की नई मिसाल पेश की है। तीसरे मैच में भारत ने सिर्फ 10 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया था।
अभिषेक शर्मा ने 300 से अधिक के स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं, जबकि सूर्यकुमार यादव और ईशान किशन ने लगभग 230 के स्ट्राइक रेट को बनाए रखा है। दूसरे और तीसरे टी20 में भारत ने क्रमशः 209 और 154 रन का पीछा करते हुए कुल मिलाकर सिर्फ 25.2 ओवर खेले, जो उसकी बल्लेबाजी की ताकत को दर्शाता है।
विशाखापट्टनम की पिच और ओस की भूमिका को देखते हुए चौथे मुकाबले की कहानी भी अलग होने की संभावना कम है। इस बीच भारत के लिए एकमात्र चिंता संजू सैमसन का खराब फॉर्म रहा है। तीन मैचों में वह सिर्फ 16 रन बना पाए हैं और उनका औसत 5.33 का रहा है, जिससे टीम में उनके स्थान को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
हालांकि तिलक वर्मा के चोटिल होकर बाहर होने के कारण टीम प्रबंधन संजू को खुद को साबित करने का एक और मौका दे सकता है। उन्हें तीसरे नंबर पर उतारने पर भी विचार किया जा रहा है, ऐसे में अभिषेक शर्मा के साथ ईशान किशन पारी की शुरुआत कर सकते हैं।
दूसरी ओर, वनडे सीरीज में शानदार प्रदर्शन करने वाली न्यूजीलैंड की टीम टी20 में अब तक संघर्ष करती नजर आई है। उसके बल्लेबाजों ने कभी-कभार अच्छा खेल दिखाया है, लेकिन गेंदबाज भारतीय बल्लेबाजों के आक्रामक रवैये का कोई जवाब नहीं ढूंढ पाए हैं।
जेकब डफी न्यूजीलैंड के सबसे किफायती गेंदबाज रहे हैं, लेकिन उनका इकॉनमी रेट भी 10.30 है। मैट हेनरी (13.80), काइल जैमीसन (14.20), मिचेल सैंटनर (13.14) और ईश सोढ़ी (12.50) पूरी तरह से असफल रहे हैं।
न्यूजीलैंड इस मुकाबले में डेरिल मिचेल को बल्लेबाजी क्रम में ऊपर भेजने पर विचार कर सकता है। वनडे सीरीज में शानदार प्रदर्शन कर टीम को जीत दिलाने वाले मिचेल को टी20 में निचले मध्यक्रम में भेजा गया, जिस पर सवाल उठते रहे हैं।
यदि न्यूजीलैंड को विश्व कप से पहले आत्मविश्वास हासिल करना है तो उसके गेंदबाजों को हर हाल में बेहतर प्रदर्शन करना होगा, क्योंकि फिलहाल यही विभाग उसके लिए सबसे बड़ी चिंता बना हुआ है।



