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3 जनवरी से 24 जनवरी तक: वो 21 दिन जिन्होंने बांग्लादेश क्रिकेट की किस्मत बदल दी

शायद खुद बीसीसीआई ने भी उस वक्त नहीं सोचा होगा कि साल की शुरुआत में लिया गया उनका एक छोटा-सा फैसला आने वाले समय में बांग्लादेश क्रिकेट के लिए इतना बड़ा तूफान बन जाएगा।

नया साल शुरू हुए अभी महज़ दो दिन ही बीते थे कि 3 जनवरी 2026 को बीसीसीआई ने एक ऐसा निर्णय लिया, जिसने धीरे-धीरे हालात को उस मोड़ पर पहुंचा दिया, जहां से वापसी नामुमकिन हो गई।

इसका नतीजा यह हुआ कि बांग्लादेश की टीम को आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर होना पड़ा। सिर्फ टूर्नामेंट से बाहर होना ही नहीं, बल्कि इस फैसले ने बांग्लादेश को सैकड़ों करोड़ रुपये के नुकसान में भी धकेल दिया—ऐसा नुकसान जिसकी भरपाई अब किसी भी सूरत में संभव नहीं है।

साभार : गूगल

तारीख 3 जनवरी : बीसीसीआई कोलकाता नाइट राइडर्स को निर्देश देती है कि बांग्लादेश के खिलाड़ी मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल 2026 से बाहर कर दिया जाए, जिन्हें 9.20 करोड़ रुपये में ऑक्शन में खरीदा था। केकेआर ने बीसीसीआई की बात मानी और जल्द ही मुस्तफिजुर को रिलीज कर दिया।

इसके भारतीय मीडिया में तर्क दिया गया कि भारतीय धर्मगुरु और राजनेता केकेआर और उनके मालिक शाहरुख खान से खुश नहीं हैं, क्योंकि बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हमले हो रहे हैं। बीसीसीआई और केकेआर पर दबाव था। उन्हें मुस्तफिजुर को रिलीज करना पड़ा। इसके बाद बांग्लादेश भी चुप नहीं बैठने वाला था।

तारीख 4 जनवरी : मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज करने के अगले ही दिन बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने अपनी अंतरिम सरकार के खेल सलाहकार से बातचीत करने के बाद ऐलान कर दिया कि बांग्लादेश की टीम टी20 वर्ल्ड कप 2026 खेलने के लिए भारत नहीं जाएगी। वहां, सुरक्षा उनके खिलाड़ियों को नहीं मिल पाएगी। बांग्लादेश ने उसी दिन वेन्यू शिफ्ट करने की अर्जी आईसीसी को दे दी थी।

तारीख 5 जनवरी : बांग्लादेश ने टी20 वर्ल्ड कप भारत में नहीं खेलने का फैसला करने के एक दिन बाद आईपीएल के लाइव टेलीकास्ट और लाइव स्ट्रीमिंग पर अपने यहां अगले आदेश तक बैन लगा दिया।

तारीख 7 जनवरी : दो दिन बाद बांग्लादेशी मीडिया में इस बात तरह की बातें सामने आईं कि राष्ट्रीय अपमान के बाद ये भारत में खेलना संभव नहीं है।

तारीख 11 जनवरी : बांग्लादेश के मैच कोलकाता और मुंबई में होने थे। बांग्लादेश वहां खेलने के लिए तैयार नहीं था। ऐसे में आईसीसी ने चेन्नई और त्रिवेंद्रम में संभावित तौर पर बांग्लादेश के मैच आयोजित कराने के बारे में सोचा।

तारीख 12 जनवरी : अगले दिन आईसीसी ने एक इंडिपेंडेंट सिक्योरिटी असेसमेंट कराया, जिसमें किसी भी तरह का कोई सिक्योरिटी थ्रेट बांग्लादेश या किसी अन्य टीम के लिए नहीं था।

तारीख 13 जनवरी : आईसीसी ने बांग्लादेश से अनुरोध किया और भारत में ही खेलने की बात की, क्योंकि भारत में सुरक्षा को लेकर कोई चूक उनको नजर नहीं आई।

तारीख 16 जनवरी : आईसीसी के अधिकारी ढाका में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अधिकारियों के साथ इस मसले पर बातचीत करने के लिए गए, लेकिन बांग्लादेश भारत में खेलने के लिए तैयार नहीं था।

तारीख 17 जनवरी : बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने आईसीसी को एक ऑफर दिया कि उनके मैच आयरलैंड के साथ शिफ्ट कर दिए जाएं, जो कि अपने सभी लीग मैच श्रीलंका में खेलने वाली है। आईसीसी ने आयरलैंड को आश्वस्त किया था कि उनके मैच शिफ्ट नहीं किए जाएंगे। ऐसे में बीसीबी का ये अनुरोध भी खारिज हो गया।

तारीख 21 जनवरी : अब आती है वो तारीख जब आईसीसी ने बीसीबी के वेन्यू चेंज करने की रिक्वेस्ट को रिजेक्ट कर दिया और उन्हें 24 घंटे का अल्टीमेटम दे दिया कि आपको भारत में खेलना है या नहीं? इसके बारे में बता दें। बोर्ड मीटिंग में आईसीसी ने ये फैसला लिया था। उस दिन बीसीबी ये आईसीसी से किसी करिश्मे की उम्मीद थी कि उनकी डिमांड को अभी भी माना जा सकता है।

तारीख 22 जनवरी : बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड, टीम के खिलाड़ियों और खेल सलाहकार की एक मीटिंग ढाका में होती है और उस मीटिंग में फैसला लिया जाता है कि भारत में बांग्लादेश की टीम टी20 विश्व कप खेलने के लिए नहीं जाएगी। खेल सलाहकार आसिफ नजरूल ने इसे आईसीसी से अन्याय करार दिया और कहा कि भारत में सिक्योरिटी रिस्क है।

तारीख 23 जनवरी : आईसीसी ने स्कॉटलैंड क्रिकेट बोर्ड को अपनी टीम स्टैंडबाय पर रखने के लिए कहा था। आईसीसी ने कहा था कि अगर बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड का जवाब उम्मीदों के मुताबिक नहीं आया तो आपको मौका मिलेगा…

तारीख 24 जनवरी : जब बीसीबी से कोई सूचना आईसीसी को नहीं मिली और प्रेस कॉन्फ्रेंस में पहले ही बीसीबी और बांग्लादेश ने अपने इरादे स्पष्ट कर दिए तो आईसीसी ने आखिरी फैसला उनका यही माना कि वे भारत में टी20 विश्व कप नहीं खेलेंगे।

ऐसे में बांग्लादेश को टी20 विश्व कप से बाहर कर दिया और स्कॉटलैंड क्रिकेट टीम को टी20 विश्व कप में जगह दे दी। स्कॉटलैंड क्रिकेट बोर्ड ने भी इस फैसले को स्वीकार कर लिया।

बीच-बीच में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने भी इस महाभारत में हिस्सा लिया, लेकिन चक्रव्यूह के बाहर रहना ही उन्होंने उचित समझा। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड का पाकिस्तान ने खुलकर समर्थन किया और खुद भी टूर्नामेंट से हटने की धमकी दी, लेकिन ये टाइमलाइन की स्टोरी लिखे जाने तक उन्होंने टी20 विश्व कप 2026 के लिए टीम का ऐलान कर दिया।

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