एनआईएफटी अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 2026 का हुआ उद्घाटन

सरिता त्रिपाठी: दो दिवसीय एनआईएफटी अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 2026, जिसका शीर्षक “समावेशी भविष्य के लिए डिजाइन” था, 22 जनवरी 2026 को राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संसथान(एनआईएफटी), मुंबई परिसर में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन एक महत्वपूर्ण उपलब्धि का प्रतीक है, क्योंकि यह देश में फैशन शिक्षा, डिज़ाइन नवाचार, स्थिरता और उद्योग सहभागिता में एनआईएफटी के चार दशकों के योगदान के पूरा होने के साथ आयोजित हुआ। इस दिन केंद्रीय कपड़ा(वस्त्र) मंत्री श्री गिरिराज सिंह ने प्लेनरी सेशन को संबोधित किया।
उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एनआईएफटी भारत के वस्त्र और हस्तशिल्प क्षेत्रों के लिए एक प्रमुख आर्थिक प्रेरक के रूप में उभरा है, जहां प्रत्येक स्नातक अपने जीवनकाल में अनुमानतः 8,000 से 10,000 नौकरियों के सृजन में सहयोग करता है। उन्होंने कहा कि भारत अब विदेशी मानकों पर निर्भरता से आगे बढ़ रहा है और IndiaSize तथा VisionNxt जैसी स्वदेशी पहलों के माध्यम से अपने खुद के मानक विकसित कर रहा है, जो भारत-विशिष्ट डिज़ाइन पूर्वानुमान और पहचान को सशक्त बनाते हुए आत्मनिर्भर भारत के विजन के अनुरूप है।
सरकार द्वारा क्षेत्र को निरंतर समर्थन देने पर प्रकाश डालते हुए मंत्री श्री सिंह ने किफायती वस्त्रों पर जीएसटी को 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत किए जाने तथा कपास आयात शुल्क सहित व्यापार बाधाओं को हटाने जैसे उपायों का उल्लेख किया, जिनसे उद्योग की वृद्धि में सहायता मिली है। उन्होंने यह भी कहा कि एनआईएफटी की डिजाइन विशेषज्ञता अब फैशन से आगे बढ़कर ऑटोमोबाइल और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों तक विस्तारित हो चुकी है, जो संस्थान की बढ़ती प्रासंगिकता को दर्शाता है। विजन 2047 को साकार करने में एनआईएफटी के पूर्व छात्रों की भूमिका पर जोर देते हुए उन्होंने उन्हें मजबूत वैश्विक नेटवर्क बनाने और वैश्विक स्तर पर “I AM NIFT” पहचान को गर्व के साथ प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित किया।



