वाहन स्क्रैपिंग में उत्तर प्रदेश बना नंबर-1 राज्य

राघवेंद्र प्रताप सिंह: उत्तर प्रदेश ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जब बात पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण की आती है तो वह सबसे आगे है। सीएम योगी की अगुवाई में प्रदेश सरकार ने प्रदूषण मुक्त यूपी के लक्ष्य को गंभीरता से लिया है। परिवहन विभाग खुद इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी कर रहा है। यही वजह है कि यूपी में स्क्रैपिंग नीति सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं है बल्कि जमीन पर भी असर दिखा रही है। पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को सड़कों से हटाने की दिशा में यूपी ने बड़ा रिकॉर्ड बनाया है। यूपी का यह रिकॉर्ड देश के बाकी राज्यों के लिए मिसाल बन गया है। वाहन स्क्रैपिंग के मामले में उत्तर प्रदेश इस समय पूरे देश में नंबर वन पर है।
केंद्र सरकार के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के डैशबोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक दिसंबर 2025 तक उत्तर प्रदेश में 94094 से ज्यादा वाहनों की स्क्रैपिंग की जा चुकी है। यह आंकड़ा देश में स्क्रैप किए गए कुल वाहनों का करीब 42 प्रतिशत है। यानी देश में जितनी भी गाड़ियां स्क्रैप हुई हैं। उनमें से लगभग हर दूसरी-तीसरी गाड़ी यूपी की है।
वाहन स्क्रैपिंग के इस मामले में उत्तर प्रदेश ने हरियाणा, गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र जैसे बड़े राज्यों को भी पीछे छोड़ दिया है। जहां दूसरे राज्य अभी इस योजना को गति देने में लगे हैं। वहीं यूपी पहले ही तेज रफ्तार पकड़ चुका है। सिर्फ स्क्रैपिंग के आंकड़ों में ही नहीं बल्कि Registered Vehicle Scrapping Facility (RVSF) केंद्रों की संख्या में भी उत्तर प्रदेश देश में सबसे आगे है। प्रदेश में अब तक 84 आरवीएसएफ केंद्र खोले जा चुके हैं जिनमें से 45 केंद्र पूरी तरह से संचालित हो रहे हैं। इसके बाद हरियाणा दूसरे और राजस्थान-गुजरात तीसरे स्थान पर हैं।



