खेल मंत्रालय का नया निर्देश: अंतर्राष्ट्रीय संबंध समिति और ‘मेक इन इंडिया खेल समिति’ का गठन
खेल मंत्रालय ने राष्ट्रीय खेल महासंघों को एक अहम दिशा-निर्देश जारी किया है, जिसमें संयुक्त अभ्यास कार्यक्रमों और प्रमुख खेल आयोजनों की मेज़बानी के लिए अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के साथ सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से अंतर्राष्ट्रीय संबंध समिति गठित करने का आग्रह किया गया है।
इसके साथ ही, मंत्रालय ने ‘मेक इन इंडिया खेल समिति’ बनाने का भी निर्देश दिया है, जिसका उद्देश्य खेल उपकरणों और तकनीकी उत्पादों के निर्माण में भारतीय निर्माताओं, स्टार्टअप्स, अनुसंधान संस्थानों, और परीक्षण एवं मानकीकरण निकायों का सहयोग बढ़ाना है, ताकि देश में खेल विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त किया जा सके।
खेल मंत्रालय द्वारा एनएसएफ को भेजे गए पत्र में यह कहा गया है कि अंतर्राष्ट्रीय संबंध समिति में महासंघ के वरिष्ठ सदस्य, पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी, कोच, और ऐसे विशेषज्ञ होने चाहिए जिनके पास वैश्विक खेल प्रशासन और कूटनीति का ठोस अनुभव हो। मंत्रालय ने इस समिति के गठन को लेकर एनएसएफ से 30 दिनों के भीतर विवरण देने की मांग की है।
यह कदम खेल सचिव हरि रंजन राव द्वारा एनएसएफ के अधिकारियों से की गई हालिया अपील के बाद उठाया गया है, जिसमें उन्होंने महासंघों से कहा था कि वे दैनिक प्रशासन के कार्यों को पेशेवर प्रशासकों पर छोड़कर, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर संबंधों के निर्माण और विकास योजनाओं पर ध्यान केंद्रित करें।

अहमदाबाद में आयोजित एक बैठक में उन्होंने यह भी कहा था, “आप दूरदृष्टा निर्माता हैं, प्रशासक नहीं। आपको अपने संगठन में पेशेवर प्रशासकों की जरूरत है, ताकि आप अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं के साथ संबंध स्थापित करने और विकास के लिए योजनाएं तैयार कर सकें।” मंत्रालय की सलाहकार समिति ने इस कदम को ‘तेजी से बदलते वैश्विक खेल परिदृश्य’ को ध्यान में रखते हुए लिया है।
समिति का कार्य होगा अंतर्राष्ट्रीय महासंघों (आईएफ) और महाद्वीपीय महासंघों (सीएफ) के घटनाक्रमों की निगरानी रखना, साथ ही भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की मेज़बानी हासिल करने के लिए समय पर बोली प्रक्रिया में भागीदारी सुनिश्चित करना। समिति खेल मंत्रालय को इस संदर्भ में समय-समय पर रिपोर्ट भी सौंपेगी।
‘मेक इन इंडिया’ समिति में महासंघ के वरिष्ठ सदस्य, तकनीकी विशेषज्ञ, पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी, और खेल उपकरण या प्रौद्योगिकी, विनिर्माण या मानकीकरण में अनुभव रखने वाले कम से कम एक सदस्य को शामिल किया जाएगा। एनएसएफ को इस समिति के गठन की जानकारी 60 दिनों के भीतर मंत्रालय को देने का निर्देश दिया गया है।



