गांव में स्ट्रॉबेरी, ड्रैगनफ्रूट और रागी से तीन लाख तक कमा रहीं इटावा की मंत्रवती शाक्य
एक बार का इन्वेस्टमेंट और 20 साल तक कमाई कराएगा ड्रैगन फ्रूट

लखनऊ : बेहतर नीति, मजबूत इच्छाशक्ति और आधुनिक सोच से इटावा की एक ग्रामीण महिला ने मिसाल कायम कर दी है। मंत्रवती शाक्य, जो कभी सीमित संसाधनों और आर्थिक तंगी से जूझ रही थीं, आज गांव में रहकर स्ट्रॉबेरी, ड्रैगनफ्रूट और रागी की खेती से सालाना करीब तीन लाख रुपये की कमाई कर रही हैं। सफलता की ये कहानी इटावा मुख्यालय से 9 किलोमीटर दूर भतोरा गांव की है।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की रूरल डेवलपमेंट की स्पेशल प्लानिंग के तहत ऑपरेशन चलाकर स्वयं सहायता समूह से प्रदेशभर की महिलाएं जोड़ी जा रहीं। साथ ही आमदनी बढ़ाने के लिए महिलाओं को आधुनिक खेती का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
हुनर और मेहनत के आगे समस्याएं बाधा नहीं बनतीं
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर मंत्रवती ने पारंपरिक खेती से आगे बढ़ते हुए लाभकारी और बाजारोन्मुख खेती को अपनाया। आठवीं तक पढ़ी मंत्रवती ने यह साबित कर दिया कि हुनर और मेहनत के आगे समस्याएं बाधा नहीं बनतीं। कोरोना काल जैसे कठिन दौर में उन्होंने अपने भविष्य की मजबूत नींव रखी। आज मंत्रवती एक बीघा में स्ट्रॉबेरी की खेती करती हैं, जिसकी फसल अक्टूबर से मार्च तक तैयार होती है। इसके अलावा तीन बीघे में ड्रैगनफ्रूट की खेती कर रही हैं, जिसकी कटाई छह माह में होती है। इनके अलावा, रागी जैसे मोटे अनाज की खेती भी करती हैं, जो पांच से छह महीने में तैयार हो जाती है। इन फसलों के जरिए उन्हें स्थायी आय हो रही है।
ब्लॉक पर तैनात समूह सखी खाता खुलवाने से सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने तक करती हैं मार्गदर्शन
मंत्रवती सिर्फ अपनी ही नहीं, बल्कि अन्य महिलाओं की भी किस्मत संवार रही हैं। वह जिले के अलग-अलग ब्लॉकों की 50 से अधिक महिलाओं को आधुनिक खेती का प्रशिक्षण दे चुकी हैं। उन्होंने बताया कि 12 से 15 महिलाओं का स्वयं सहायता समूह बनाकर काम शुरू किया जा सकता है। इसके लिए ब्लॉक पर एनआरएलएम के ऑफिस में समूह सखी तैनात रहती हैं। खाता खुलवाने से लेकर सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने तक हर कदम पर वह मार्गदर्शन करती हैं। इसके लिए केवल आधार कार्ड, बैंक पासबुक और फोटो की जरूरत होती है।
अवसर मिले तो गांव की महिलाएं भी बन सकती हैं सफल उद्यमी
मंत्रवती की उपलब्धियों को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उन्हें दो बार सम्मानित कर चुके हैं। अब मंत्रवती के लिए यह गौरव का क्षण है कि वह गणतंत्र दिवस पर नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित परेड में विशेष अतिथि के रूप में प्रदेश की ओर से हिस्सा लेंगी। मंत्रवती शाक्य की कहानी बताती है कि सही मार्गदर्शन, धैर्य और अवसर मिले तो गांव की महिलाएं भी सफल उद्यमी बन सकती हैं। योगी सरकार की योजनाओं के सहारे आज वह न सिर्फ अपने परिवार का संबल हैं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के लिए आशा, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की मजबूत पहचान बन चुकी हैं।
एक करोड़ से अधिक महिलाओं को बनाएंगे लखपति : संयुक्त मिशन निदेशक
राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के संयुक्त मिशन निदेशक जनमेजय शुक्ला ने बताया कि वर्तमान में कृषि और गैर कृषि क्षेत्र से स्वयं सहायता समूह की 30 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाया जाना है, जिसे आगामी वर्षों में बढ़ाकर एक करोड़ ग्रामीण महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का प्रयास किया जाएगा।
इसके लिए विशेष तौर पर ऐसी महिलाओं को चुना जा रहा है, जो खुद तो आत्मनिर्भर बनें ही, साथ ही आसपास की अन्य महिलाओं को भी अपने पैरों पर खड़ा करें। सीएम योगी आदित्यनाथ के विजन को मिशन बनाकर अभियान चलाया जा रहा है। जिसके जरिए अधिक से अधिक महिलाओं को समूह से जोड़ा जा रहा है। इसके साथ ही आमदनी बढ़ाने के लिए उन्हें टेक्निकल सपोर्ट के साथ साथ इस क्षेत्र के एक्सपर्ट ट्रेनिंग भी दे रहे हैं। इस कार्यक्रम के अंतर्गत प्रोडक्ट तैयार करने से लेकर उसकी पैकेजिंग तक सिखाई जा रही है।



