‘हर समस्या का हल युद्ध नहीं’, US-ईरान समझौते के बीच इजराइली हमले में 16 लोगों की मौत पर अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने नेतन्याहू को फटकारा
Iran-US Agreement : इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच नई राजनीतिक और सैन्य घटनाएं सामने आ रही हैं। हाल ही में, इजराइल ने लेबनान पर फिर से हमला किया है, जिसमें 16 लोगों की मौत हो गई। इजराइल का कहना है कि वह लेबनान…

Iran-US Agreement : इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच नई राजनीतिक और सैन्य घटनाएं सामने आ रही हैं। हाल ही में, इजराइल ने लेबनान पर फिर से हमला किया है, जिसमें 16 लोगों की मौत हो गई। इजराइल का कहना है कि वह लेबनान से अपनी सेना नहीं हटाएगा। इस सबके बीच, अमेरिका-ईरान के बीच हुए शांति समझौते के बावजूद, इजराइल की सैन्य कार्रवाई की आलोचना हो रही है।
इस मामले में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का बयान सामने आया है, जिन्होंने स्पष्ट कहा है कि क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों का समाधान केवल सैन्य ताकत से नहीं किया जा सकता, बल्कि बातचीत और कूटनीति पर भी ध्यान देना चाहिए।
जेडी वेंस का क्या संदेश?
न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए इंटरव्यू में वेंस ने कहा, “इजराइल अपनी हर नेशनल सिक्योरिटी समस्या का समाधान सिर्फ लोगों को मारकर या सैन्य कार्रवाई से नहीं निकाल सकता।” उन्होंने इजराइली नेताओं से अपील की कि वे अमेरिका के कूटनीतिक प्रयासों का समर्थन करें और उसकी नीतियों की आलोचना करने की बजाय सहयोग करें। वेंस ने कहा, “आपका एक्जेक्ट प्लान क्या है? आप एक छोटे से देश हैं, जिसकी आबादी केवल 90 लाख है। हर सुरक्षा चुनौती का समाधान केवल सैन्य कार्रवाई से नहीं निकाला जा सकता।” उन्होंने इशारों में यह भी सुझाव दिया कि सुरक्षा के समाधान के लिए बातचीत और कूटनीति का रास्ता अपनाना जरूरी है।
इजराइल क्यों डील पर उठा रहा सवाल?
इजराइल के कई वरिष्ठ नेताओं और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की कैबिनेट के मंत्रियों का मानना है कि अमेरिका-ईरान समझौते में ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम और बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता पर पर्याप्त रोक नहीं है। उनका यह भी आरोप है कि इससे लेबनान में हिज्बुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई करने की इजराइल की स्वतंत्रता सीमित हो सकती है।
महीनों के युद्ध के बाद, अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता हो गया है, लेकिन लेबनान में इजराइल की सैन्य कार्रवाई को लेकर ईरान खुश नहीं है। ईरान ने इसे शांति समझौते का उल्लंघन बताया है। वहीं, अमेरिका भी इस कार्रवाई का विरोध कर रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मानना है कि इजराइल को अपनी रक्षा का अधिकार है, लेकिन अगर हिज्बुल्लाह इजराइल पर ड्रोन दागे और सेना उन्हें मार गिराए, तो उन्हें लेबनान में निर्दोष लोगों को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए।
डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि यदि हिज्बुल्लाह से जुड़ी गतिविधियों में इजराइल हमला करता है, तो अमेरिका को उसकी कार्रवाई का समर्थन रहेगा, लेकिन उसे लेबनान में मौजूद नागरिकों और इमारतों को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए। साथ ही, अमेरिका ने इजराइल को चेतावनी दी है कि उसे अपने हमलों को रोकना चाहिए, क्योंकि शांति समझौते की शर्तें भी ऐसा ही कहती हैं।
शांतिवार्ता के बावजूद, इजराइल में कई लोग इस शांति समझौते और नई रणनीतियों की आलोचना कर रहे हैं। खासतौर पर, नेतन्याहू की सरकार और उनके समर्थक इस समझौते को लेकर सवाल उठा रहे हैं। वहीं, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का मानना है कि लेबनान का मुद्दा ईरान-अमेरिका शांति समझौते का ही हिस्सा है और इजराइल को इस बात को स्वीकार करना चाहिए।
हालांकि, ट्रंप और नेतन्याहू लंबे समय से मित्र रहे हैं, लेकिन हाल के दिनों में उनके बीच मतभेद देखने को मिले हैं। अमेरिका की मध्यस्थता में हुए सीजफायर के बावजूद, इजराइल के लेबनान पर हमलों की वजह से ट्रंप निराश हैं। उन्होंने नेतन्याहू को दो बार फोन कर चेतावनी दी है कि इस तरह की कार्रवाइयों से शांति प्रक्रिया पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
Facebook टिप्पणियाँ
टिप्पणी करने के लिए Facebook में लॉगिन करें
टिप्पणियां अक्षम हैं। व्यवस्थापक से संपर्क करें।
सम्बंधित ख़बरें
पत्रकार के हाथों में युगांडा के ऐतिहासिक टोरो साम्राज्य की कमान, साल 1993 में बहाल हुई थी राजशाही
विवेक ओझा पूर्वी अफ्रीकी देश युगांडा के प्रसिद्ध टोरो साम्राज्य में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जहां एक पेशेवर पत्रकार को राजशाही का नेतृत्व सौंपा जा रहा है। देश में दशकों पहले समाप्त कर दी गई इस पारंपरिक व्यवस्था…
सऊदी-नेतृत्व वाले गठबंधन का यमन में हवाई हमला, होदेइदाह के हूथी सैन्य ठिकाने बने निशाना
रियाद/सना : लाल सागर में सऊदी-संबंधित जहाजों पर हुए हमलों और समुद्री तनाव के बीच सऊदी-नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन के हूथी-नियंत्रित होदेइदाह प्रांत में सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए। गठबंधन ने कहा कि कार्रवाई का…
खैबर पख्तूनख्वा के टैंक में आतंकी हमले में 14 सुरक्षाकर्मी समेत 15 की मौत, जवाबी कार्रवाई में 12 हमलावर ढेर
इस्लामाबाद : पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के टैंक जिले में एक संयुक्त पुलिस चेकपोस्ट पर हुए आतंकी हमले में 14 सुरक्षाकर्मियों समेत 15 लोगों की मौत हो गई। पाकिस्तान सेना के मीडिया विंग इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस…
कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी का 74 वर्ष की उम्र में निधन
दोहा : कतर के पूर्व शासक और ‘फादर अमीर’ के नाम से प्रसिद्ध शेख हमद बिन खलीफा अल थानी का 74 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। कतर के अमीरी दीवान ने रविवार को उनके निधन की जानकारी दी। अमीरी दीवान ने बयान जारी कर कहा कि देश…
