द इंडियन व्यू

स्टॉक मार्केट से एफपीआई ने इस महीने अभी तक 22,530 करोड़ रुपये निकाले

नई दिल्ली : जनवरी के महीने में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) लगातार बिकवाल (सेलर) की भूमिका में बने हुए हैं। दूसरी ओर, घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई) लगातार खरीदारी करके विदेशी निवेशकों की बिकवाली के कारण बाजार में…

Ragwendra P Singh
January 18, 2026
3 min read
स्टॉक मार्केट से एफपीआई ने इस महीने अभी तक 22,530 करोड़ रुपये निकाले

नई दिल्ली : जनवरी के महीने में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) लगातार बिकवाल (सेलर) की भूमिका में बने हुए हैं। दूसरी ओर, घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई) लगातार खरीदारी करके विदेशी निवेशकों की बिकवाली के कारण बाजार में बने दबाव के माहौल को हल्का करने की कोशिश में लगे हुए हैं। जनवरी के महीने में एफपीआई अभी तक भारतीय शेयर बाजार से 22,530 करोड़ रुपये की निकासी कर चुके हैं। इसके पहले साल 2025 के दौरान भी विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने पूरे साल के दौरान शेयर बाजार में बिकवाली के जरिए 1,66,283 करोड़ रुपये की निकासी की थी।

 

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की और से लगातार की जा रही बिकवाली के बीच घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने लगातार खरीदारी करने की रणनीति बनाई है। जनवरी के महीने में जहां विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक 22,530 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध बिकवाली कर चुके हैं, वहीं इस महीने 16 जनवरी तक घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 34,076 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध खरीदारी की है। साल 2025 के दौरान भी डीआईआई विदेशी निवेशकों (एफपीआई) की बिकवाली का जवाब देने के लिए लगभग पूरे साल लिवाल (बायर) की भूमिका में बने रहे थे। पिछले साल डीआईआई ने कुल 7.44 लाख करोड़ रुपये के शेयरों की खरीदारी की थी, जिसकी वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में हुई तमाम उठा पटक के बावजूद भारतीय शेयर बाजार की स्थिति पर बहुत अधिक असर नहीं पड़ा था।

 

मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी होने और डॉलर की मजबूती की वजह से विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक लगातार बिकवाली का रुख बनाए हुए हैं। इसके साथ ही वैश्विक व्यापार में बने तनाव, अमेरिकी टैरिफ को लेकर बनी अनिश्चितता, बाजार के हाई वैल्यूएशन और करेंसी की अस्थिरता की वजह से विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने घरेलू शेयर बाजार में लगातार बिकवाली का दबाव बनाया हुआ है। साल 2025 के दौरान विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों द्वारा स्टॉक मार्केट में की गई जम कर बिकवाली भी डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत में कमी की एक बड़ी वजह रही। साल 2025 से लेकर अभी तक डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत लगभग पांच प्रतिशत कम हो चुकी है।

 

खुराना सिक्योरिटीज एंड फाइनेंशियल सर्विसेज के सीईओ रवि चंदर खुराना का कहना है कि अमेरिका और भारत के बीच होने वाले प्रस्तावित ट्रेड डील को लेकर बनी उलझन ने मार्केट सेंटीमेंट्स को कमजोर किया है, जिसकी वजह से निवेशकों के मन में, विशेष रूप से विदेशी निवेशकों के मन की उलझन बढ़ी है। इसके साथ ही मौजूदा अर्निंग सीजन के दौरान बाजार के मिले-जुले संकेतों की वजह से भी विदेशी निवेशक मुनाफा वसूली करते हुए अपना पैसा निकालने में लगे हुए हैं। ऐसी स्थिति में जब तक घरेलू बाजार को कोई पॉजिटिव ट्रिगर नहीं मिलेगा, तब तक विदेशी निवेशकों की बिकवाली का ट्रेंड जारी रह सकता है।

इस खबर को लाइक और शेयर करें

सम्बंधित ख़बरें

योगी सरकार की शादी अनुदान योजना से ओबीसी परिवारों को राहत, 53 हजार से अधिक को मिली सहायता

वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक एक लाख से ज्यादा आवेदन प्राप्त हुए 210 करोड़ रुपये के वार्षिक लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 107.092 करोड़ रुपये की सहायता वितरित पात्र परिवारों को बेटी के विवाह के लिए सीधे बैंक खाते में मिल रहे…

इजरायल के राष्ट्रपति का विशेष संदेश: कैप्टन स्मित मच्छर को बताया 'पूरी इंसानियत का हीरो'

विवेक ओझा यरुशलम/नई दिल्ली: कूटनीति और द्विपक्षीय संबंधों से परे, कभी-कभी व्यक्तिगत साहस की कहानियां दो देशों को एक अटूट डोर में बांध देती हैं। ऐसा ही एक वाकया सामने आया है, जहां इजरायल के राष्ट्रपति ने भारतीय मूल के…

महा-युद्ध की आहट! पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर किया भीषण पलटवार, आसमान से बरसाई मौत, 10 बड़े ठिकानों को ड्रोन से किया खाक

विवेक ओझा इस्लामाबाद/काबुल: दक्षिण एशिया में एक बार फिर भयंकर युद्ध के बादल मंडराने लगे हैं। सीमा पर चल रही तनातनी अब सीधे तौर पर एक खूनी संघर्ष में तब्दील हो चुकी है। अपनी आंतरिक सुरक्षा और आतंकवाद के मुद्दे पर बुरी…

यूपी पुलिस महकमे में आया भयंकर भूकंप! योगी सरकार का 'महा-एक्शन', एक साथ 18 आईपीएस अफसरों का हुआ ताबड़तोड़ तबादला; मची भारी खलबली

राघवेंद्र प्रताप सिंह लखनऊ/उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में अपराधियों पर नकेल कसने और कानून-व्यवस्था को पूरी तरह से अभेद्य बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना सबसे कड़ा 'प्रशासनिक हंटर' चला दिया है। सूबे…