द इंडियन व्यू

राहुल की रामलीला 'जलसा' 1984 के पीड़ितों के घावों पर नमक छिड़कने जैसा, अमित शाह का कांग्रेस पर निशाना

Poonam Kumari
November 1, 2026
3 min read
राहुल की रामलीला 'जलसा' 1984 के पीड़ितों के घावों पर नमक छिड़कने जैसा, अमित शाह का कांग्रेस पर निशाना

राघवेंद्र प्रताप सिंह

चंडीगढ़: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार (1 नवंबर, 2026) को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्षी गठबंधन 'INDIA' ब्लॉक पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित INDIA गठबंधन की रैली को 1984 के सिख-विरोधी दंगों की बरसी पर आयोजित करने को "पीड़ितों के घावों पर नमक छिड़कने" जैसा करार दिया है।

'जिस दिन नरसंहार हुआ, उसी दिन जलसा'

चंडीगढ़ में ₹258 करोड़ की विकास परियोजनाओं के शिलान्यास और उद्घाटन के बाद एक सभा को संबोधित करते हुए शाह ने कहा, "राहुल गांधी का 1 नवंबर को दिल्ली में 'जलसा' सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों के घावों पर नमक छिड़कने जैसा है। जिस दिन सिखों का नरसंहार हुआ, उसी दिन उन्हें रैली करनी थी।" उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने कांग्रेस से 1, 2 और 3 नवंबर को रैली टालने की अपील की थी, लेकिन पार्टी नहीं मानी।

'मोहब्बत की दुकान' पर तंज

शाह ने राहुल गांधी के 'मोहब्बत की दुकान' नारे पर तंज कसते हुए कहा, "अगर कांग्रेस नरसंहार के काले दिनों पर भव्य रैली करना चाहती है, तो राहुल जी, आपकी 'मोहब्बत की दुकान' से नफरत के अलावा कुछ नहीं मिलेगा।" उन्होंने कहा कि केवल कांग्रेस के नेता ही हजारों सिखों की हत्या के बाद ऐसी टिप्पणी कर सकते हैं और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के "जब बड़ा पेड़ गिरता है, तो धरती हिलती है" वाले बयान का हवाला दिया।

'मॉक पार्लियामेंट' पर साधा निशाना

गृह मंत्री ने शनिवार को विपक्ष द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आयोजित 'जन महाभियोग' को 'मॉक पार्लियामेंट' करार दिया। उन्होंने कहा, "अगर आपको प्रधानमंत्री बनना है, तो जिंदगी भर 'मॉक पार्लियामेंट' में ही रहिए। आपका नंबर नहीं आने वाला।" शाह ने कहा कि झूठ बोलना, अराजकता फैलाना और संसद को काम न करने देना विपक्ष की 'फितरत' है।

1984 दंगों पर कांग्रेस पर हमला

शाह ने कहा कि 2014 में मोदी सरकार आने के बाद 1984 के दंगों से जुड़े सभी मामले फिर से खोले गए, पीड़ितों के परिवारों को ₹5 लाख का मुआवजा दिया गया और प्रमुख कांग्रेस नेताओं को जेल भेजा गया। उन्होंने कहा, "भारत ने ऐसे दंगे न कभी देखे हैं और न ही कभी देखेगा, जो किसी राजनीतिक दल द्वारा भड़काए गए हों।"

राजनीतिक संदर्भ

यह बयान ऐसे समय में आया है जब रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन ने 'चलो दिल्ली' रैली का आयोजन किया, जिसका उद्देश्य CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करना था। पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए अमित शाह का यह बयान राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है।

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