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राष्ट्रपति भवन के प्रतिष्ठित 'चेंज ऑफ गार्ड' समारोह के समय में बदलाव: मौसम के अनुरूप सुबह 07:30 बजे से होगा भव्य आयोजन

राघवेंद्र प्रताप सिंह | द इंडियन व्यू नई दिल्ली: राष्ट्रपति भवन के विशाल प्रांगण (Forecourt) में प्रति सप्ताह आयोजित होने वाले विश्व प्रसिद्ध और ऐतिहासिक 'चेंज ऑफ गार्ड' (Change of Guard Ceremony) के समय में आधिकारिक…

Ragwendra P Singh
October 13, 2026
2 min read
राष्ट्रपति भवन के प्रतिष्ठित 'चेंज ऑफ गार्ड' समारोह के समय में बदलाव: मौसम के अनुरूप सुबह 07:30 बजे से होगा भव्य आयोजन

राघवेंद्र प्रताप सिंह | द इंडियन व्यू

नई दिल्ली: राष्ट्रपति भवन के विशाल प्रांगण (Forecourt) में प्रति सप्ताह आयोजित होने वाले विश्व प्रसिद्ध और ऐतिहासिक 'चेंज ऑफ गार्ड' (Change of Guard Ceremony) के समय में आधिकारिक रूप से बदलाव किया गया है। राष्ट्रपति भवन सचिवालय द्वारा जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, बदलते मौसम और सर्दियों के आगमन को ध्यान में रखते हुए इस शनिवार से समारोह का समय बदलकर सुबह 07:30 बजे से 08:30 बजे तक कर दिया गया है। देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों और आम नागरिकों के लिए यह सैन्य अनुशासन और शाही परंपरा का एक अत्यंत आकर्षक और विहंगम दृश्य होता है।

'चेंज ऑफ गार्ड' एक सदियों पुरानी सैन्य परंपरा है, जिसके माध्यम से देश के संवैधानिक प्रमुख और सेनाओं के सर्वोच्च कमांडर यानी भारत के राष्ट्रपति की सुरक्षा में तैनात सुरक्षा गार्डों के एक दस्ते को औपचारिक रूप से नए गार्ड दस्ते द्वारा बदला जाता है। इस समारोह का मुख्य आकर्षण भारतीय सेना की सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित रेजिमेंट 'राष्ट्रपति के अंगरक्षक' (The President's Bodyguard - PBG) की भागीदारी है। वर्ष 1773 में स्थापित यह घुड़सवार दस्ता अपने शानदार घोड़ों, चमकीले पारंपरिक परिधानों और अनुशासित कदमताल के लिए दुनिया भर में अद्वितीय पहचान रखता है।

समारोह के दौरान जब घुड़सवार दस्ते के साथ सेना की सेरेमोनियल इन्फैंट्री बटालियन (आर्मी गार्ड) कदम मिलाती है, तो पूरा प्रांगण देशभक्ति के उत्साह से भर जाता है। इसके साथ ही, प्रेसिडेंट्स बॉडीगार्ड का ब्रास बैंड देशभक्ति और शास्त्रीय धुनों की मनमोहक प्रस्तुति देता है। लगभग एक घंटे तक चलने वाली इस पूरी सैन्य ड्रिल में हथियारों के औपचारिक निरीक्षण, पारंपरिक सलामी और गार्ड्स के हस्तांतरण की प्रक्रिया अत्यंत उच्च कोटि के सैन्य मानकों के साथ पूरी की जाती है।

सचिवालय ने जानकारी दी है कि आम जनता इस गरिमामय समारोह को देखने के लिए राष्ट्रपति भवन की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से अपना अग्रिम ऑनलाइन पंजीकरण करा सकती है। दर्शकों का प्रवेश राजपथ/कर्तव्य पथ के समीप स्थित गेट नंबर 2 या गेट नंबर 37 से निर्धारित पहचान पत्र दिखाने के बाद ही संभव होगा। समय में किए गए इस बदलाव से सुबह के सुहावने मौसम में अधिक से अधिक संख्या में स्कूली छात्र, युवा और विदेशी पर्यटक भारत की इस समृद्ध और गौरवशाली सैन्य परंपरा के साक्षी बन सकेंगे।

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