समाचार पोर्टल

भारतीय मूल के नासा अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन 14 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए भरेंगे उड़ान

वाशिंगटन : अमेरिकी राष्ट्रीय वैमानिकी और अंतरिक्ष प्रशासन (नासा) के अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन 14 जुलाई को कजाखस्तान स्थित बैकानूर अंतरिक्ष प्रक्षेपण स्थल से अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए आठ महीने के मिशन पर रवाना…

Ragwendra P Singh
July 10, 2026
2 min read
भारतीय मूल के नासा अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन 14 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए भरेंगे उड़ान

वाशिंगटन : अमेरिकी राष्ट्रीय वैमानिकी और अंतरिक्ष प्रशासन (नासा) के अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन 14 जुलाई को कजाखस्तान स्थित बैकानूर अंतरिक्ष प्रक्षेपण स्थल से अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए आठ महीने के मिशन पर रवाना होंगे। 49 वर्षीय मेनन भारतीय मूल के हैं। इस आशय की विज्ञप्ति नासा की वेबसाइट पर नौ जुलाई को साझा की गई है। विज्ञप्ति के अनुसार, मिनियापोलिस में यूक्रेनी और भारतीय प्रवासी माता-पिता के घर जन्मे मेनन आपातकालीन चिकित्सा के चिकित्सक और अमेरिकी अंतरिक्ष बल में कर्नल हैं।

 

नासा की विज्ञप्ति के अनुसार, अनिल मेनन, कॉस्मोनॉट प्योत्र डुब्रोव और अन्ना किकिना के साथ रोस्कोस्मोस के सोयुज एमएस-29 स्पेसक्राफ्ट से अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए उड़ान भरेंगे। वहां वे 'एक्सपीडिशन 74' क्रू के साथ मिलकर वैज्ञानिक अनुसंधान को आगे बढ़ाएंगे। उत्तरी अमेरिका के समयानुसार तीनों सुबह 10:47 बजे (बैकोनूर समय के अनुसार शाम 7:47 बजे) उड़ान भरेंगे। इसका लाइव कवरेज नासा, अमेजन प्राइम और नासा के यू-टूयूब चैनल पर उपलब्ध होगा। नासा ने साफ किया है कि इस कार्यक्रम में बदलाव हो सकता है।

 

अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन, डुब्रोव और किकिना अप्रैल 2027 में पृथ्वी पर लौटने से पहले अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन 'एक्सपीडिशन 74/75' क्रू सदस्यों के तौर पर ऑर्बिटल कॉम्प्लेक्स में लगभग आठ महीने बिताएंगे। मेनन की यह पहली, डुब्रोव और किकिना की यह दूसरी अंतरिक्ष उड़ान होगी। इस दौरान मेनन अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर अपने प्रवास के दौरान वैज्ञानिक प्रयोग करेंगे। इनमें लंबे समय तक अंतरिक्ष में रहने का मानव शरीर पर पड़ने वाले शारीरिक प्रभावों का अध्ययन तथा यह जांच शामिल होगी।

इस खबर को लाइक और शेयर करें

Comments (0)

0/2000 characters

Facebook टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए Facebook में लॉगिन करें

टिप्पणियां अक्षम हैं। व्यवस्थापक से संपर्क करें।

सम्बंधित ख़बरें

पत्रकार के हाथों में युगांडा के ऐतिहासिक टोरो साम्राज्य की कमान, साल 1993 में बहाल हुई थी राजशाही

विवेक ओझा पूर्वी अफ्रीकी देश युगांडा के प्रसिद्ध टोरो साम्राज्य में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जहां एक पेशेवर पत्रकार को राजशाही का नेतृत्व सौंपा जा रहा है। देश में दशकों पहले समाप्त कर दी गई इस पारंपरिक व्यवस्था…

सऊदी-नेतृत्व वाले गठबंधन का यमन में हवाई हमला, होदेइदाह के हूथी सैन्य ठिकाने बने निशाना

रियाद/सना : लाल सागर में सऊदी-संबंधित जहाजों पर हुए हमलों और समुद्री तनाव के बीच सऊदी-नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन के हूथी-नियंत्रित होदेइदाह प्रांत में सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए। गठबंधन ने कहा कि कार्रवाई का…

खैबर पख्तूनख्वा के टैंक में आतंकी हमले में 14 सुरक्षाकर्मी समेत 15 की मौत, जवाबी कार्रवाई में 12 हमलावर ढेर

इस्लामाबाद : पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के टैंक जिले में एक संयुक्त पुलिस चेकपोस्ट पर हुए आतंकी हमले में 14 सुरक्षाकर्मियों समेत 15 लोगों की मौत हो गई। पाकिस्तान सेना के मीडिया विंग इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस…

कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी का 74 वर्ष की उम्र में निधन

दोहा : कतर के पूर्व शासक और ‘फादर अमीर’ के नाम से प्रसिद्ध शेख हमद बिन खलीफा अल थानी का 74 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। कतर के अमीरी दीवान ने रविवार को उनके निधन की जानकारी दी। अमीरी दीवान ने बयान जारी कर कहा कि देश…