‘भारत तो भूटान को सस्ते में तेल बेचता..’ पेट्रोल के दाम बढ़ने पर सपा-AIMIM ने सरकार को घेरा, कहा- यहां Petrol के दमा क्यों बढ़े?
Petrol Price Hike : पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का सिलसिला शुरू हो गया है। पेट्रोल कंपनियों ने प्रीमियम, स्पीड पेट्रोल और इंडस्ट्रियल डीजल के दामों में क्रमशः 2 रुपये और 22…

Petrol Price Hike : पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का सिलसिला शुरू हो गया है। पेट्रोल कंपनियों ने प्रीमियम, स्पीड पेट्रोल और इंडस्ट्रियल डीजल के दामों में क्रमशः 2 रुपये और 22 रुपये की बढ़ोतरी की है। इस बढ़ोतरी के साथ ही सरकार की आर्थिक नीतियों और विपक्ष की आलोचनाओं पर तीखे सवाल खड़े हो गए हैं।
देश में बढ़े पेट्रोल के दाम
पेट्रोल की कीमतों में 2 रुपये की बढ़ोतरी के साथ ही प्रीमियम और स्पीड पेट्रोल की कीमतें भी नई रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई हैं। इसके अलावा, इंडस्ट्रियल डीजल के दाम 22 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ गए हैं। यह बढ़ोतरी आम जनता के लिए एक नई परेशानी लेकर आई है, क्योंकि इससे रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं के दाम भी बढ़ने की आशंका है।
सपा ने कहा- यह बढ़ोतरी जनता पर बोझ
सामाजिक न्याय पार्टी (सपा) के प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले ही गरीब को गैस जैसी जरूरी वस्तु नहीं मिल रही थी, और अब पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने से जीवन की बुनियादी जरूरतें भी महंगी हो जाएंगी। उन्होंने कहा, “यह बढ़ोतरी जनता पर बोझ डालने वाली है। बीजेपी को यह भार जनता पर नहीं डालना चाहिए था।” उन्होंने सरकार से साफ तौर पर मांग की है कि वह इस तरह की कीमत वृद्धि से बचें और आम जनता को राहत प्रदान करें।
AIMIM ने कहा- भारत तो भूटान को सस्ता तेल बेचता है
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के नेता शादाब चौहान ने भी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार अपने मुनाफे के चक्कर में है। उन्होंने तर्क दिया कि भारत से भूटान तेल खरीदता है, जो सस्ता है, लेकिन यहां केंद्र सरकार तेल का दाम महंगा कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह नीति आम जनता के हित में नहीं है और सरकार को तुरंत कीमतें नियंत्रित करनी चाहिए।
तेल की कीमतों में इस तरह की बढ़ोतरी से न केवल परिवहन और उद्योग क्षेत्रों पर असर पड़ेगा, बल्कि इसके प्रभाव से सभी जरूरी वस्तुओं के दाम भी प्रभावित होंगे। इससे महंगाई और जीवन यापन की लागत में इजाफा होने की आशंका है। विपक्षी दल सरकार की नीतियों को चुनौती देते हुए इसे जनता के हित में नहीं मान रहे हैं।
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