पूनम राउत ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को कहा अलविदा, कोचिंग में नई पारी की तैयारी
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पूर्व बल्लेबाज पूनम राउत ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेकर अपने एक दशक से अधिक लंबे करियर पर विराम लगा दिया है। वर्ष 2017 में महिला वनडे विश्व कप के फाइनल तक पहुंचने…

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पूर्व बल्लेबाज पूनम राउत ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेकर अपने एक दशक से अधिक लंबे करियर पर विराम लगा दिया है।
वर्ष 2017 में महिला वनडे विश्व कप के फाइनल तक पहुंचने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहीं पूनम ने अपने करियर में कई यादगार उपलब्धियां हासिल कीं। अब वह कोचिंग के माध्यम से क्रिकेट से जुड़ी रहना चाहती हैं और खेल के विकास में योगदान देने की इच्छुक हैं।
पूनम ने इंस्टाग्राम पर साझा किए गए अपने विदाई संदेश में कहा कि काफी सोच-विचार करने के बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने का फैसला किया। उन्होंने भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करने को अपने जीवन का सबसे बड़ा सम्मान बताया। उनके मुताबिक, क्रिकेट ने उन्हें अनुशासन, संघर्ष करने की क्षमता और ऐसी अनमोल यादें दीं, जिन्हें वह हमेशा अपने साथ रखेंगी। संन्यास के फैसले के साथ ही उन्होंने भविष्य में क्रिकेट के लिए काम करते रहने की अपनी इच्छा भी जाहिर की।

मुंबई में जन्मीं पूनम ने मार्च 2009 में वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे मुकाबले से अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने अपने करियर में 73 वनडे मैच खेले और 34.83 की औसत से कुल 2,299 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से तीन शतक और 15 अर्धशतक निकले। वनडे क्रिकेट में उनका प्रदर्शन भारतीय टीम के लिए अहम रहा।
टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पूनम ने 35 मुकाबलों में 719 रन बनाए, जबकि चार टेस्ट मैचों में उनके नाम 264 रन दर्ज हैं। टेस्ट क्रिकेट में उनका सर्वोच्च स्कोर 130 रन रहा, जो उन्होंने वर्ष 2014 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ बनाया था। इस तरह पूनम ने क्रिकेट के तीनों अंतरराष्ट्रीय प्रारूपों में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए अपनी छाप छोड़ी।

पूनम के अंतरराष्ट्रीय करियर का सबसे यादगार अध्याय 2017 महिला वनडे विश्व कप रहा। इंग्लैंड में आयोजित इस टूर्नामेंट में भारतीय टीम ने फाइनल तक का सफर तय किया था। लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर मेजबान इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए खिताबी मुकाबले में पूनम ने 86 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली थी। हालांकि, उनकी इस शानदार बल्लेबाजी के बावजूद भारतीय टीम विश्व कप का खिताब जीतने में सफल नहीं हो सकी।
पूनम ने 2017 के विश्व कप को महिला क्रिकेट के लिए निर्णायक मोड़ करार दिया। उनका मानना है कि इस टूर्नामेंट ने भारत में महिला क्रिकेट की तस्वीर बदलने, युवा लड़कियों को खेल अपनाने के लिए प्रेरित करने और महिला क्रिकेट के भविष्य को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अपने लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर के दौरान उन्होंने तीन वनडे विश्व कप और चार टी20 विश्व कप में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
अपने विदाई संदेश में पूनम ने बीसीसीआई, मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन और भारतीय रेलवे के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इन संस्थाओं से मिले अवसरों, मार्गदर्शन और सहयोग ने उनके क्रिकेट करियर को मजबूत आधार प्रदान किया। उनके लिए इन संस्थाओं का समर्थन पेशेवर सफर में महत्वपूर्ण रहा।

पूनम ने पूर्व भारतीय कप्तान मिताली राज का भी विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत और रेलवे, दोनों टीमों में मिताली की कप्तानी में खेलना उनके लिए सम्मान की बात थी। इसके साथ ही उन्होंने अपने प्रशिक्षकों, फिजियोथेरेपिस्ट, ट्रेनरों, चिकित्सकों, माता-पिता और टीम की साथी खिलाड़ियों को धन्यवाद दिया। पूनम ने अपने पूरे सफर में सहयोग देने वाले सभी लोगों के योगदान को याद किया।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से विदाई लेने के बावजूद पूनम का खेल से रिश्ता खत्म नहीं होगा। उन्होंने अपने संदेश में स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर के रूप में उनका सफर जरूर समाप्त हो रहा है, लेकिन क्रिकेट के प्रति उनका प्रेम पहले की तरह बना रहेगा।
पूनम ने कोचिंग प्रमाणपत्र हासिल करने की दिशा में किए जा रहे अपने प्रयासों का भी जिक्र किया। इससे संकेत मिलता है कि वह भविष्य में कोचिंग के क्षेत्र में अपनी नई पारी शुरू करना चाहती हैं। उनका उद्देश्य अपने अनुभव और सीख को आगे की पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ-साथ क्रिकेट के विकास में योगदान देना है। इस तरह मैदान पर एक खिलाड़ी के रूप में लंबे समय तक देश का प्रतिनिधित्व करने के बाद अब वह कोचिंग के माध्यम से खेल की सेवा करने की तैयारी में हैं।
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