पूंजीगत खर्च 12.2 लाख करोड़, दवाएं‑बैटरी और सीएनजी-बायोगैस सस्ती, किसानों और राज्यों को बड़ी राहत
नई दिल्ली : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में अपने बजट भाषण में कहा कि वित्त वर्ष 2026‑27 में सरकार का पूंजीगत खर्च 12.2 लाख करोड़ रुपये रहेगा। राज्यों को 1.4 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगे और उनका…

नई दिल्ली : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में अपने बजट भाषण में कहा कि वित्त वर्ष 2026‑27 में सरकार का पूंजीगत खर्च 12.2 लाख करोड़ रुपये रहेगा। राज्यों को 1.4 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगे और उनका हिस्सा 41 प्रतिशत पर बनाए रखा जाएगा। उन्होंने मालगाड़ियों के लिए नया मालवाहन कॉरिडोर (डीएफसी) बनाने, कलिंगानगर में औद्योगिक केंद्र स्थापित करने, तटीय मालवाहन को बढ़ावा देने के लिए योजना शुरू करने और देश में सी प्लेन बनाने के लिए भी विशेष योजना लाए जाने का ऐलान किया।
वित्त मंत्री ने दवाओं और चिकित्सीय उपकरणों पर सीमा शुल्क घटाने का ऐलान किया। साथ ही सीएनजी और बायोगैस को भी सस्ता करने की घोषणा की, जिससे सीएनजी से चलने वाले वाहनों के मालिकों को राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि बैटरी बनाने में इस्तेमाल होने वाले सामान पर सीमा शुल्क में छूट दी जाएगी। लिथियम‑आयन सेल बनाने वाली मशीनों और उपकरणों पर पहले से लागू छूट अब बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली में इस्तेमाल होने वाले सामान पर भी लागू होगी। सोलर ग्लास बनाने में काम आने वाले सोडियम एंटीमोनेट के आयात पर भी सीमा शुल्क से छूट दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि आम जनता को राहत देने के लिए कई वस्तुएं सस्ती की जाएंगी। शराब और बीड़ी सस्ती होंगी, जूते, कपड़ा निर्यात और बैटरी भी सस्ती होंगी। कैंसर से जुड़ी 17 दवाएं और 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाएं सस्ती की जाएंगी।
वित्तमंत्री ने तटीय इलाकों में नारियल, काजू और कोको जैसी अधिक मूल्य वाली फसलों को बढ़ावा देने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अखरोट और पाइन नट्स जैसे मेवों की खेती को भी समर्थन देगी। छोटे और सीमांत किसानों की आय बढ़ाने, युवाओं को रोजगार और प्रशिक्षण देने तथा कमजोर वर्गों को मानसिक स्वास्थ्य और ट्रॉमा उपचार की सुविधा देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि अरुणाचल, मिजोरम और त्रिपुरा में बुद्ध सर्किट का विकास होगा। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू‑कश्मीर में पर्वतीय ट्रेनें शुरू की जाएंगी। पूर्वोत्तर राज्यों के विकास के लिए पांच राज्यों में 5000 ई‑बसें चलाई जाएंगी।
वित्त मंत्री ने बताया कि मंदिरों वाले शहरों और 2‑3 बड़े शहरों पर विशेष फोकस रहेगा, जिसके लिए 5000 करोड़ रुपये का आवंटन किया जा रहा है। बैंकिंग सिस्टम के लिए उच्च स्तरीय समिति बनेगी। पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन और आरईसी का पुनर्गठन होगा। कॉर्पोरेट बॉन्ड मार्केट में टोटल रिटर्न स्वैप की शुरुआत होगी और म्यूनिसिपल बॉन्ड के लिए 100 करोड़ रुपये की योजना लाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि कंटेनर निर्माण के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। एबीजीसी सेक्टर में 20 लाख पेशेवरों को रोजगार मिलेगा। मुंबई में भारतीय रचनात्मक केंद्र बनेगा, पूर्वी भारत में नया राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान स्थापित होगा। हर जिले में लड़कियों के लिए छात्रावास बनाए जाएंगे। राष्ट्रीय आतिथ्य संस्थान और राष्ट्रीय गंतव्य डिजिटल ग्रिड भी स्थापित किए जाएंगे।
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