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नीट-यूजी पेपर लीक: हैदराबाद में छात्रों के विरोध प्रदर्शन से जनजीवन प्रभावित

हैदराबाद : नीट-यूजी-2026 पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली में आयोजित 'चलो संसद' मार्च के दौरान छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में शुक्रवार को हैदराबाद में वामपंथी और अन्य छात्र संगठनों ने व्यापक प्रदर्शन किया।…

Ragwendra P Singh
July 24, 2026
2 min read
नीट-यूजी पेपर लीक: हैदराबाद में छात्रों के विरोध प्रदर्शन से जनजीवन प्रभावित

हैदराबाद : नीट-यूजी-2026 पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली में आयोजित 'चलो संसद' मार्च के दौरान छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में शुक्रवार को हैदराबाद में वामपंथी और अन्य छात्र संगठनों ने व्यापक प्रदर्शन किया। विभिन्न स्थानों पर आयोजित विरोध-प्रदर्शनों और रैली के कारण शहर के कई हिस्सों में यातायात प्रभावित हुआ, जबकि बंद के आह्वान के चलते कई शैक्षणिक संस्थान भी बंद रहे।

 

छात्र संगठनों के आह्वान पर बड़ी संख्या में छात्र कार्यकर्ता दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में सड़कों पर उतरे और एकजुटता रैली निकाली। स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई), ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (एआईएसएफ), नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई), पीडीएसयू, एआईएफडीएस, एआईपीएसयू और एआईएसबी के संयुक्त नेतृत्व में निकाली गई यह रैली नारायणगुडा एक्स रोड से शुरू होकर वाई-जंक्शन तक पहुंची।

 

रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली के खिलाफ नारेबाजी की। बड़ी संख्या में छात्रों के सड़क पर उतरने से व्यस्त नारायणगुडा रोड पर लंबे समय तक यातायात बाधित रहा, जिससे आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहा और यातायात को वैकल्पिक मार्गों से संचालित किया गया।

 

प्रदर्शन के दौरान छात्र संगठनों ने दिल्ली में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की लोकतांत्रिक आवाज को बलपूर्वक दबाने का प्रयास किया गया है।

 

छात्र नेताओं ने नीट-यूजी पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। साथ ही पेपर लीक से कथित रूप से प्रभावित होकर आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि देने की भी मांग की।

 

इसके अलावा, प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) को भंग करने तथा प्रस्तावित 'विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025' को वापस लेने की मांग की। उनका कहना था कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और छात्रों का विश्वास बहाल करने के लिए व्यापक सुधार आवश्यक हैं।

 

प्रदर्शन के मद्देनजर शहर के कई हिस्सों में पुलिस की अतिरिक्त तैनाती की गई थी। हालांकि, किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है।-----------

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