दुनिया पर मंडराया एक और महामारी का साया
कोरोना वायरस (Covid-19) की विभीषिका से उबरने का प्रयास कर रही दुनिया के सामने एक और अत्यंत जानलेवा वायरस ने सिर उठा लिया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के प्रमुख टेड्रोस अदनोम घेब्रेयेसस ने एक आपातकालीन चेतावनी जारी…

कोरोना वायरस (Covid-19) की विभीषिका से उबरने का प्रयास कर रही दुनिया के सामने एक और अत्यंत जानलेवा वायरस ने सिर उठा लिया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के प्रमुख टेड्रोस अदनोम घेब्रेयेसस ने एक आपातकालीन चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि अफ्रीकी देश कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (DRC) में 'इबोला' (Ebola) महामारी अत्यंत तेज गति से फैल रही है। अब तक वहां 900 से अधिक संदिग्ध मामले सामने आ चुके हैं और 220 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है।
जब भी चिकित्सा विज्ञान को लगता है कि उसने प्राकृतिक महामारियों पर विजय प्राप्त कर ली है, प्रकृति एक नए और कहीं अधिक घातक वायरस के साथ दुनिया को चुनौती दे डालती है। अफ्रीका के मध्य में स्थित कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (DRC) के घने जंगलों और संघर्षग्रस्त इलाकों से इस बार दुनिया के सबसे खतरनाक वायरसों में से एक—इबोला (Ebola Virus Disease)—ने दोबारा कहर बरपाना शुरू कर दिया है।
क्या है इबोला वायरस और यह कितना घातक है?
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, इबोला वायरस कोरोना की तरह हवा से नहीं, बल्कि संक्रमित व्यक्ति के शारीरिक तरल पदार्थों (रक्त, पसीना, लार) के सीधे संपर्क में आने से फैलता है। इसकी मृत्यु दर (Fatality Rate) अत्यंत उच्च है—संक्रमित होने वाले 50% से 90% मरीजों की मौत हो जाती है। इसके संक्रमण के बाद मरीज को तेज बुखार, मांसपेशियों में दर्द, उल्टी और अंततः शरीर के अंदरूनी और बाहरी अंगों से भारी रक्तस्राव (Bleeding) होने लगता है।
900 मामले और 220 मौतें: WHO की चेतावनी
जिनेवा में आयोजित एक आपातकालीन प्रेस वार्ता में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टेड्रोस अदनोम ने इस संकट की गंभीरता को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि कांगो के उत्तर-पूर्वी और पूर्वी प्रांतों में पिछले कुछ हफ्तों के भीतर ही 900 संदिग्ध मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 220 से अधिक मरीजों ने दम तोड़ दिया है।
टेड्रोस ने चेतावनी देते हुए कहा, "इबोला का यह नया प्रकोप पहले से कहीं अधिक संक्रामक (Contagious) प्रतीत हो रहा है। यदि इसे तत्काल कांगो की सीमाओं के भीतर नहीं रोका गया, तो यह पड़ोसी देशों (रवांडा, युगांडा) और उसके बाद पूरी दुनिया के लिए एक वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल (Global Health Emergency) बन जाएगा।"
कांगो में राहत कार्यों के सामने खड़ी चुनौतियां
इस महामारी से लड़ने में सबसे बड़ी बाधा कांगो की आंतरिक स्थिति है। जिन इलाकों में यह वायरस फैल रहा है, वे भारी सशस्त्र विद्रोह (Armed Conflict) और गृहयुद्ध की चपेट में हैं। मिलिशिया समूहों के कारण डब्लूएचओ (WHO) और रेड क्रॉस (Red Cross) के स्वास्थ्य कर्मियों का वहां पहुंचना और टीकाकरण (Vaccination) अभियान चलाना लगभग असंभव हो रहा है। स्वास्थ्य कर्मियों पर लगातार हमले हो रहे हैं, जिसके कारण संक्रमितों की पहचान (Contact Tracing) नहीं हो पा रही है।
वैश्विक सहायता की गुहार
कांगो सरकार ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल चिकित्सा उपकरणों, सुरक्षा किट (PPE) और प्रायोगिक इबोला टीकों (Vaccines) की खेप भेजने की गुहार लगाई है। दुनिया भर के हवाई अड्डों पर भी अफ्रीका से आने वाले यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग (Thermal Screening) शुरू करने पर विचार किया जा रहा है। दुनिया अभी एक महामारी के आर्थिक और मानसिक आघात से पूरी तरह उबरी भी नहीं है, ऐसे में इबोला की यह तेज वापसी मानवता के लिए एक नई और अत्यंत डरावनी चुनौती बन गई है।
Facebook टिप्पणियाँ
टिप्पणी करने के लिए Facebook में लॉगिन करें
टिप्पणियां अक्षम हैं। व्यवस्थापक से संपर्क करें।
सम्बंधित ख़बरें
पत्रकार के हाथों में युगांडा के ऐतिहासिक टोरो साम्राज्य की कमान, साल 1993 में बहाल हुई थी राजशाही
विवेक ओझा पूर्वी अफ्रीकी देश युगांडा के प्रसिद्ध टोरो साम्राज्य में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जहां एक पेशेवर पत्रकार को राजशाही का नेतृत्व सौंपा जा रहा है। देश में दशकों पहले समाप्त कर दी गई इस पारंपरिक व्यवस्था…
सऊदी-नेतृत्व वाले गठबंधन का यमन में हवाई हमला, होदेइदाह के हूथी सैन्य ठिकाने बने निशाना
रियाद/सना : लाल सागर में सऊदी-संबंधित जहाजों पर हुए हमलों और समुद्री तनाव के बीच सऊदी-नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन के हूथी-नियंत्रित होदेइदाह प्रांत में सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए। गठबंधन ने कहा कि कार्रवाई का…
खैबर पख्तूनख्वा के टैंक में आतंकी हमले में 14 सुरक्षाकर्मी समेत 15 की मौत, जवाबी कार्रवाई में 12 हमलावर ढेर
इस्लामाबाद : पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के टैंक जिले में एक संयुक्त पुलिस चेकपोस्ट पर हुए आतंकी हमले में 14 सुरक्षाकर्मियों समेत 15 लोगों की मौत हो गई। पाकिस्तान सेना के मीडिया विंग इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस…
कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी का 74 वर्ष की उम्र में निधन
दोहा : कतर के पूर्व शासक और ‘फादर अमीर’ के नाम से प्रसिद्ध शेख हमद बिन खलीफा अल थानी का 74 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। कतर के अमीरी दीवान ने रविवार को उनके निधन की जानकारी दी। अमीरी दीवान ने बयान जारी कर कहा कि देश…
