प्रगति मैदान टनल और अंडरपास का भारतीय प्रधानमंत्री ने किया उद्घाटन

राजधानी क्षेत्र दिल्ली में प्रदूषण और ट्रैफिक जाम की समस्या से कौन वाकिफ़ नही है पर देखने वाली बात यह है कि इनको दूर करने का माद्दा कौन रखता है। दिल्ली का प्रगति मैदान क्षेत्र विदेशी पर्यटकों और अन्य तमाम कारणों से देश की राजधानी में एक विशेष स्थान रखता और अब भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका कायाकल्प करने वाला एक बड़ा कदम उठाया है।

आज 19 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज प्रगति मैदान टनल और 6 अंडरपासेज का उद्घाटन किया। 920 करोड़ रुपए से ज्यादा की लागत से पूरी की गई इस परियोजना से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को जाम से राहत मिल सकेगी। इस टनल और छह अंडरपास के जरिए एक लाख से ज्यादा यात्रियों के लिए यातायात आसान हो जाएगा और इससे सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे आईटीओ पर लगने वाला जाम भी खत्म होगा। ये सभी रास्ते आज से लोगों के आवागमन के लिए खोल दिए गए हैं। प्रगति मैदान कॉरिडोर स्मार्ट फायर प्रबंधन, आधुनिक वेंटिलेशन, स्वचालित जल निकासी, डिजिटल रूप से नियंत्रित सीसीटीवी और सुरंग के अंदर सार्वजनिक घोषणा प्रणाली जैसी नवीनतम वैश्विक सुविधाओं से लैस है । यह कॉरिडोर 6 लेन का है और कॉरिडोर की मुख्य सुरंग प्रगति मैदान से गुजरते हुए पुराना किला रोड होते हुए रिंग रोड को इंडिया गेट से जोड़ती है। इसके जरिए प्रगति मैदान की विशाल बेसमेंट पार्किंग तक पहुंचा जा सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटित प्रगति मैदान सुरंग से यातायात की भीड़ कम होगी और क्षेत्र में प्रदूषण का भार कम होगा।

यह ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन की कटौती में महत्वपूर्ण योगदान देगा। भारत के पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव का कहना है कि प्रारंभिक अध्ययनों के आधार पर, यह अनुमान लगाया गया है कि सुरंग प्रति वाहन लगभग 8 मिनट की यात्रा समय की बचत में योगदान देगी और प्रति कार कुल ईंधन (petrol equivalent) बचत प्रति वाहन प्रति घंटे 600 मिलीलीटर होगी, जिससे कुल ईंधन बचत 54.9 लाख लीटर/वर्ष होने का अनुमान है और साथ ही CO2 बचत 12,400 टन/वर्ष है।वहीं टेरी (भारतीय ऊर्जा अनुसंधान संस्थान) द्वारा किए गए अध्ययन के मुताबिक प्रगति मैदान कॉरिडोर बनने के बाद अनुमानित 16,400 टन CO2 हर साल कम उत्सर्जित होगी। प्रति कार के हिसाब से ईंधन की बचत प्रति वाहन प्रति घंटे 600 मिलीलीटर होगी, जिससे हर साल 54,90,240 लीटर ईंधन बचने का अनुमान है।

Related Articles

Back to top button