Trending

भारत_ फ्रांस के बीच नए राष्ट्रीय संग्रहालय के लिए एमओयू

नई दिल्ली(रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी)। भारतीय राष्ट्रीय संग्रहालय ने गुरुवार को फ्रेंच म्यूजियम डेवलपमेंट (एफएमडी) के साथ एक ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस महत्वाकांक्षी साझेदारी का उद्देश्य युग युगीन भारत राष्ट्रीय संग्रहालय को वैश्विक सांस्कृतिक प्रकाश स्तंभ के रूप में स्थापित करना है, साथ ही इसके स्थान की अनूठी ऐतिहासिक वास्तुकला को सावधानीपूर्वक संरक्षित करना है। हस्ताक्षर समारोह में बोलते हुए, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने सॉफ्ट पावर डिप्लोमेसी में संस्कृति की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा संस्कृति सॉफ्ट पावर का सार है।’’ विदेश मंत्री ने भारत-फ्रांस संबंधों में एक मील के पत्थर के रूप में इस सांस्कृतिक आदान-प्रदान के महत्व को रेखांकित किया।

दिल्ली के नॉर्थ और साउथ ब्लॉक में 1,55,000 वर्ग मीटर में फैली यह परियोजना, फ्रांस द्वारा वास्तुशिल्प विरासत को संरक्षित करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली पद्धति, अनुकूली पुन: उपयोग के सिद्धांत को अपनाएगी। इस दृष्टिकोण के प्रसिद्ध उदाहरणों में लौवर और ग्रैंड पैलेस शामिल हैं, जो समकालीन कार्यक्षमता के साथ ऐतिहासिक संरक्षण को सहजता से मिश्रित करते हैं। डॉ. जयशंकर ने इस सहयोग के व्यापक निहितार्थों पर प्रकाश डाला और इसे भारत और फ्रांस के बीच दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी को गहरा करने की दिशा में एक कदम बताया। उन्होंने कहा कि दोनों राष्ट्र एक-दूसरे को तेजी से बहुध्रुवीय दुनिया में ‘महत्वपूर्ण ध्रुव’ के रूप में देखते हैं। उन्होंने कहा हमारे सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ाकर, हम न केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत कर रहे हैं, बल्कि एक अधिक लोकतांत्रिक और समावेशी वैश्विक व्यवस्था के निर्माण में योगदान दे रहे हैं।

यह समझौता सांस्कृतिक कूटनीति और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को आगे बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो साझा मूल्यों और आपसी आकांक्षाओं से एकजुट दो देशों के बीच स्थायी संबंधों की पुष्टि करता है।

Related Articles

Back to top button