हिसार : सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के कुएं में उतरे चार युवकों की मौत, ग्रामीणों ने शवों को ले जाने से पुलिस को रोका

मंत्री धानक ने ग्रामीणों को समझाने का किया प्रयास

डीसी ने घटना की मजिस्ट्रियल जांच के दिए आदेश

हिसार। जिले के उकलाना खंड के गांव बुढ़ाखेड़ा में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के कुएं में उतरे चार युवकों की मौत हो गई है। मौके पर राज्य के मंत्री, प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी पहुंच गए और हिसार से आई रेस्क्यू टीम ने चारों शव को कुएं से निकाल लिया है। एक साथ चार लोगों की मौत से स्थानीय लोगों में आक्रोश है। इन लोगों ने शव को ले जाने वाली एंबुलेंस को रोक लिया है। प्रशासन ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं।

बताया गया कि बुढ़ाखेड़ा गांव में मंगलवार देर सायं यह घटना हुई है। ग्रामीणों के अनुसार ठेकेदार का एक कर्मचारी सुरेंद्र इस कुएं में पहले मोटर की चेकिंग करने उतरा था और उसके बाद एक अन्य कर्मी राहुल भी उतर गया। इन दोनों के अंदर ही रह जाने पर महेंद्र व चौकीदार राजेश भी कुएं में नीचे उतर गए परंतु यह लोग भी उपर नहीं आ सके। कुएं में चार युवकों के डूबने की सूचना आग की तरह गांव में फैल गई। ग्रामीण मौके पर पहुंच गए परंतु सहायक उपकरण उपलब्ध न होने के कारण कोई ग्रामीण कुएं में नहीं उतर सके। कुएं के अंदर जहरीली गैस होने के कारण चारों की मौत हो गई।

सूचना मिलने के बाद एसडीएम राजेन्द्र सिंह, डीएसपी रोहताश सिंह व थाना प्रभारी बलवंत सिंह दल-बल के साथ पहुंचे। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने ग्रामीणों के सहयोग से कुएं का पानी निकलवाया और राहत कार्य शुरू करवाया। हिसार से पहुंची रेस्कयू टीम ने देर रात तक चारों लोगों के शव बरामद कर बाहर निकाले।

एक साथ चार लोगों की मौत से आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस को शव ले जाने से रोक दिया है। घटना की खबर मिलने पर राज्य मंत्री अनूप धानक रात 11 बजे के करीब बुढ़ाखेड़ा में ग्रामीणों के बीच पहुंच गए। मंत्री ने भी ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। ग्रामीणों और पीड़ित परिजनों की मांग है कि परिवार को मुआवजा देने और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं। खबर लिखे जाने तक मंत्री धानक ग्रामीणों से बातचीत कर रहे थे।

उकलाना एसटीपी में चार लोगों की मौत के मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जिलाधीश डॉ प्रियंका सोनी ने एसडीएम की अध्यक्षता में इसके लिए एक कमेटी गठित करने की घोषणा की है।

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