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शिक्षा मंत्रालय: लिथुआनिया में 37वें अंतरराष्ट्रीय जीव विज्ञान ओलंपियाड में भारतीय टीम ने 1 स्वर्ण और 3 रजत पदक जीते

पल्लवी श्रीवास्तव/ नई दिल्ली: रसायन और भौतिकी के बाद अब भारतीय छात्रों ने जीव विज्ञान (Biology) के क्षेत्र में भी दुनिया भर में अपना लोहा मनवाया है। लिथुआनिया की राजधानी विनियस (Vilnius) में 12 से 19 जुलाई 2026 तक आयोजित 37वें अंतरराष्ट्रीय जीव विज्ञान ओलंपियाड (IBO 2026) में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली चार सदस्यीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एक स्वर्ण (Gold) और तीन रजत (Silver) पदक हासिल किए हैं। शिक्षा मंत्रालय ने भारतीय टीम की इस शानदार उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया है।

वैश्विक स्तर पर कड़ी प्रतिस्पर्धा

अंतरराष्ट्रीय जीव विज्ञान ओलंपियाड दुनिया भर के हाई-स्कूल के छात्रों के लिए विज्ञान की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में से एक है। इस वर्ष की प्रतियोगिता बायोइन्फॉर्मेटिक्स, डेटा साइंस, और जेनेटिक्स जैसे आधुनिक विषयों पर केंद्रित थी। इसमें दुनिया भर के प्रतिभाशाली छात्रों ने हिस्सा लिया, जिन्हें सैद्धांतिक (Theoretical) और प्रायोगिक (Practical) परीक्षाओं के कठोर दौर से गुजरना पड़ा। छात्रों को सेल बायोलॉजी, इकोलॉजी और माइक्रोस्कोपी जैसे विषयों में अपनी वैचारिक स्पष्टता (Conceptual Clarity) और प्रायोगिक कौशल (Experimental Skills) साबित करना था।

भारतीय छात्रों का शानदार कौशल

भारतीय दल ने कठिन लैब एक्सपेरिमेंट्स और डेटा विश्लेषण (Data Analysis) में अपनी महारत साबित की। ओलंपियाड में छात्रों को डीएनए (DNA) प्रोफाइलिंग, बायोकेमिकल परीक्षण और माइक्रोस्कोप के नीचे जैविक नमूनों की सटीक पहचान जैसे कई जटिल कार्य दिए गए थे, जिन्हें भारतीय छात्रों ने उत्कृष्ट सटीकता के साथ पूरा किया।

होमी भाभा सेंटर (HBCSE) का अहम रोल

रसायन और भौतिकी की तरह ही, जीव विज्ञान की इस टीम का चयन और प्रशिक्षण भी होमी भाभा सेंटर फॉर साइंस एजुकेशन (HBCSE), मुंबई द्वारा किया गया था। भारत भर से राष्ट्रीय स्तर की विज्ञान परीक्षाओं के माध्यम से चुने गए इन चार सर्वश्रेष्ठ छात्रों को लिथुआनिया भेजने से पहले विशेषज्ञों द्वारा गहन ट्रेनिंग दी गई थी। टीम के साथ गए भारतीय जूरी सदस्यों और मेंटर्स ने छात्रों का लगातार मार्गदर्शन किया।

शिक्षाविदों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय विज्ञान ओलंपियाड में भारतीय छात्रों का यह लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन देश के स्कूलों में बढ़ रही ‘स्टेम’ (STEM – Science, Technology, Engineering, and Mathematics) शिक्षा की गुणवत्ता को दर्शाता है। सरकार और विज्ञान संस्थानों का यह प्रयास निश्चित रूप से देश में अगली पीढ़ी के बेहतरीन वैज्ञानिक और शोधकर्ता तैयार करने में एक बड़ी भूमिका निभा रहा है।

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