कीर्ति आजाद ने उठाया सवाल, बोले हरभजन सिंह —खेल में राजनीति नहीं होनी चाहिए
भारत 8 मार्च की रात को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में टी20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी जीतती है। सारे सेलिब्रेशन खत्म होने के बाद टीम इंडिया के कप्तान सूर्यकुमार यादव, कोच गौतम गंभीर और आईसीसी चेयरमैन जय शाह स्टेडियम के पास में बने हनुमान मंदिर में ट्रॉफी लेकर पहुंच जाते हैं।
ये बात 1983 विश्व कप विजेता टीम के सदस्य और मौजूदा टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद को अच्छी नहीं लगती। उन्होंने इस पर बोला कि टीम इंडिया को शर्म आनी चाहिए। इस पर पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह का बयान आया है और उन्होंने कीर्ति आजाद की बोलती बंद कर दी है।
कीर्ति आजाद ने भारतीय टीम की बुराई करते हुए ट्रॉफी के मंदिर ले जाने पर सवाल किया कि ट्रॉफी को मस्जिद, चर्च या गुरुद्वारे में क्यों नहीं ले जाया गया? उनका कहना था कि जीत हर भारतीय की है और यह किसी एक धर्म की नहीं है।
इस पर पहले ईशान किशन कहते हैं कि कुछ अच्छा सवाल पूछो और अब हरभजन सिंह ने साफ कह दिया है कि यह बेतुका बयान है कि वह इस पर राजनीति करने की कोशिश कर रहे हैं। हरभजन सिंह ने एक न्यूज़ एजेंसी को दिए बयान में कहा, “यह अजीब है कि वह (कीर्ति आजाद) इस पर पॉलिटिक्स खेलकर क्या करने की कोशिश कर रहे हैं।

इंडियन टीम ट्रॉफी को मंदिर, मस्जिद, चर्च, जहां चाहे ले जा सकती है। अगर उन्होंने अपने भगवान से कुछ मांगा है और उनकी इच्छा पूरी होने के बाद उन्होंने अपने विश्वास पर दोबारा सोचा है, तो इसमें क्या दिक्कत है?” हरभजन ने कहा है कि उन्हें खुश होना चाहिए कि भारत ने वर्ल्ड कप जीता है।
उन्होंने कहा, “साथी क्रिकेटरों से ये बातें सुनना बुरा लगता है। शायद वे खेल से ज्यादा पॉलिटिक्स को पसंद कर रहे हैं। यह और भी बुरा है कि वह एक स्पोर्ट्समैन हैं। देश ने वर्ल्ड कप जीता है। खुश रहो, जश्न मनाओ, लेकिन तुम पॉलिटिक्स करने में बिजी हो।
हम अपने धर्म में कहते हैं कि सभी धर्म एक जैसे हैं। भगवान अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन रास्ता एक ही है। अगर वे मंदिर, मस्जिद या चर्च गए, तो सब एक ही है। यह उनका धर्म है और तुम्हें इस पर सवाल नहीं उठाना चाहिए।”



