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176 का दम, 17 रन की जीत- भारत शेरनियों ने ऑस्ट्रेलिया में रचा स्वर्णिम अध्याय

भारत ने एक बार फिर साबित कर दिया कि अब वह केवल चुनौती देने वाली टीम नहीं, बल्कि ऑस्ट्रेलिया जैसी दिग्गज टीम को उसकी धरती पर हराने का माद्दा रखने वाली चैंपियन टीम है।

निर्णायक तीसरे टी20 मुकाबले में शानदार बल्लेबाजी, संतुलित रणनीति और धारदार गेंदबाजी के दम पर भारतीय महिला टीम ने ऑस्ट्रेलिया को 17 रन से हराकर एक दशक बाद द्विपक्षीय टी20 श्रृंखला अपने नाम कर इतिहास रच दिया।

इस ऐतिहासिक जीत की नींव उपकप्तान स्मृति मंधाना (82 रन) और जेमिमा रोड्रिग्स (59 रन) की जिम्मेदार और आक्रामक बल्लेबाजी ने रखी। दोनों के बीच हुई 121 रनों की साझेदारी ने मैच का रुख पूरी तरह भारत की ओर मोड़ दिया।

मंधाना ने 55 गेंदों में आठ चौके और तीन छक्के जड़ते हुए पारी को गति दी, जबकि रोड्रिग्स ने 46 गेंदों में चार चौकों से संयमित लेकिन प्रभावी योगदान दिया। उनके दम पर भारत ने छह विकेट पर 176 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया।

@BCCIWomen

शुरुआत हालांकि भारत के लिए सहज नहीं रही। शेफाली वर्मा (7 रन) एक बार फिर जल्दी आउट हो गईं। किम गार्थ की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में वह अनाबेल सदरलैंड को कैच थमा बैठीं और भारत का स्कोर 19 रन पर एक विकेट हो गया। इसके बाद मंधाना और जेमिमा ने मोर्चा संभाला। कप्तान सोफी मोलिनू के ओवर में तीन चौकों के साथ 14 रन बटोरकर दोनों ने टीम को लय में ला दिया। पावरप्ले तक भारत 54/1 पर पहुंच चुका था।

मंधाना पूरे आत्मविश्वास में दिखीं। उन्होंने जॉर्जिया वेयरहम के खिलाफ बेहतरीन स्वीप शॉट से चौका जड़ा और 12वें ओवर में डार्सी ब्राउन पर छक्का लगाकर 38 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। यह उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का 33वां अर्धशतक था। हालांकि 17वें ओवर में लगातार आक्रामक शॉट खेलने की कोशिश में वह आउट हो गईं, लेकिन तब तक भारत मजबूत स्थिति में पहुंच चुका था।

कप्तान हरमनप्रीत कौर का ऋचा घोष को ऊपर भेजने का फैसला भी कारगर साबित हुआ। ऋचा ने सिर्फ सात गेंदों में 18 रन बनाकर टीम को मजबूत अंत दिलाया और स्कोर 176 तक पहुंचा दिया।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत भारत की तेज और सटीक गेंदबाजी के सामने लड़खड़ा गई। रेणुका सिंह और युवा स्पिनर श्रेयंका पाटिल ने शुरुआती ओवरों में ही शीर्ष क्रम को झकझोर दिया। जॉर्जिया वोल और बेथ मूनी जल्दी पवेलियन लौट गईं, जबकि एलिस पैरी भी ज्यादा देर टिक नहीं सकीं। चार ओवर में 32 रन पर तीन विकेट गिरने से ऑस्ट्रेलिया दबाव में आ गई।

बाएं हाथ की स्पिनर श्री चरणी ने भी तीन विकेट लेकर मध्यक्रम को संभलने का मौका नहीं दिया। एशले गार्डनर (57 रन) ने जरूर संघर्षपूर्ण अर्धशतक जड़ा और टीम को मैच में बनाए रखने की कोशिश की, लेकिन 16वें ओवर में अरुंधति रेड्डी ने उनका अहम विकेट लेकर मुकाबले का रुख पूरी तरह भारत की ओर कर दिया।

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