सुमित नागल चोटिल, दक्षिणेश्वर सुरेश से भारत को बड़ी उम्मीदें
डेविस कप क्वालीफायर के पहले दौर में भारत शनिवार को नीदरलैंड के खिलाफ मैदान में उतरेगा। इस बार बेंगलुरू के तेज कोर्ट पर भारत की नजरें मुख्य एकल खिलाड़ी सुमित नागल पर नहीं, बल्कि दक्षिणेश्वर सुरेश पर टिकी हैं।
नागल कूल्हे की चोट की वजह से बाहर हैं, जिससे टीम की बड़ी उम्मीदें दक्षिणेश्वर की कंधों पर आ गई हैं। तेज कोर्ट की परिस्थितियों में आक्रामक खेल दिखाने वाले खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं और दक्षिणेश्वर ने इसे पिछले मैचों में साबित किया है।
नागल तेजी से रिकवर कर रहे हैं और अभ्यास के दौरान सहज दिखे, उनकी मैच फिटनेस को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। यदि मुकाबला लंबी रेलियों में चला तो नागल की मूवमेंट और स्टैमिना की परीक्षा होगी। उनके पास बेंगलुरू ओपन और डब्ल्यूटीएल में अनुभव है, जिससे वह परिस्थितियों से भली-भांति वाकिफ हैं।
दक्षिणेश्वर ने पिछले साल स्विट्जरलैंड में एक अहम एकल मुकाबला जीतकर भारत को विदेशी धरती पर ऐतिहासिक जीत दिलाई थी। उस समय उन्होंने पहला मुकाबला जीता और नागल ने दूसरा मैच अपने नाम किया।

नीदरलैंड के खिलाड़ी भी तेज कोर्ट में सहज हैं, इसलिए भारतीय टीम को मुकाबले के लिए पूरी तैयारी करनी होगी। नीदरलैंड को उनके शीर्ष एकल खिलाड़ी टालोन ग्रीकस्पूर (विश्व रैंकिंग 29) और बोटिच वान डे जैंडशल्प (67) की कमी खलेगी, जिससे भारत के लिए मुकाबला संतुलित होने की उम्मीद है।
नीदरलैंड टीम की अगुवाई 88वीं रैंकिंग वाले जेस्पर डे जोंग कर रहे हैं, जिन्होंने पहले भी शीर्ष 30 खिलाड़ियों को हराया है। वहीं, 162वीं रैंकिंग वाले गाय डेन ओडेन का यह डेब्यू डेविस कप मैच होगा, जिससे उनके अनुभव की परीक्षा होगी।
युगल मुकाबले में युकी भांबरी की वापसी से भारतीय टीम को मजबूती मिली है। उनके पास अनुभव और रणनीतिक गहराई है। भांबरी इस बार एन श्रीराम बालाजी के साथ खेलेंगे, जिन्होंने रित्विक बोल्लिपल्ली की जगह ली है। उनका सामना नीदरलैंड के सांड्रे एरेंड्स और डेविड पेल से होगा।
इस मुकाबले का महत्व भी कम नहीं है। हारने वाली टीम को सितंबर में विश्व ग्रुप वन में लौटना होगा, जबकि विजेता टीम क्वालीफायर्स के दूसरे दौर में प्रवेश करेगी।



