हैवर्ट्ज़ की निर्णायक चोट, चेल्सी ढेर: आर्सेनल काराबाओ कप के फाइनल में
एमिरेट्स स्टेडियम की ठंडी शाम में खेला गया यह सेमीफाइनल सिर्फ स्कोरलाइन की कहानी नहीं था, बल्कि धैर्य, रणनीति और सही समय पर किए गए वार का नमूना भी बना।
आर्सेनल ने चेल्सी को 4-2 से मात देकर काराबाओ कप के फाइनल में जगह बनाई और इस सफर की आखिरी कड़ी बने काई हैवर्ट्ज, जिन्होंने निर्णायक क्षणों में खुद को साबित किया। दो चरणों के इस मुकाबले में गनर्स पहले ही मजबूत स्थिति में थे।
पहले चरण में विक्टर ग्योकेरेस, बेन व्हाइट और मार्टिन जुबीमेंदी के गोल ने आर्सेनल को 3-2 की बढ़त दिला दी थी। इसी आत्मविश्वास के साथ मिकेल आर्टेटा की टीम ने एमिरेट्स में कदम रखा और शुरुआत से ही गेंद पर नियंत्रण जमाने की कोशिश की।
मैच के शुरुआती हिस्से में आर्सेनल का दबदबा साफ दिखा, लेकिन चेल्सी ने इसे आसान नहीं होने दिया। पांच खिलाड़ियों की बैकलाइन के साथ ब्लूज़ ने कड़ी रक्षात्मक रणनीति अपनाई, जिसके चलते पहले एक घंटे तक दोनों टीमों को बहुत कम साफ मौके मिले।

चेल्सी के कोच लियाम रोसेनियर ने मैच का रुख पलटने के इरादे से एस्तेवाओ और कोल पामर को मैदान में उतारा, मगर आर्सेनल की डिफेंस दीवार की तरह खड़ी रही। जैसे-जैसे समय निकलता गया, चेल्सी गोल की तलाश में और ज्यादा खिलाड़ियों के साथ आगे बढ़ने लगी। यही वह पल था, जब आर्सेनल को जवाबी हमले का सुनहरा मौका मिला।
चोट से वापसी कर रहे सब्स्टीट्यूट काई हैवर्ट्ज ने मौके की नजाकत को समझा, गोलकीपर रॉबर्ट सांचेज को शानदार संयम के साथ छकाया और गेंद को जाल में पहुंचा दिया। उसी एक गोल ने मुकाबले की तस्वीर पूरी तरह साफ कर दी और आर्सेनल की फाइनल की टिकट पक्की हो गई।
इस जीत के साथ आर्सेनल आठ साल बाद काराबाओ कप के फाइनल में पहुंचा है। अब खिताबी मुकाबले में उसका सामना मैनचेस्टर सिटी या न्यूकैसल यूनाइटेड से होगा, जिनके बीच सेमीफाइनल का दूसरा चरण बुधवार शाम खेला जाएगा।
कप की इस बड़ी सफलता के बाद गनर्स का ध्यान फिर प्रीमियर लीग पर जाएगा। वे अपने घरेलू मैदान एन5 में सदरलैंड के खिलाफ उतरेंगे, जबकि इसके बाद 12 फरवरी को वेस्ट लंदन में ब्रेंटफोर्ड से जीटेक कम्युनिटी स्टेडियम में भिड़ंत होगी।



