मेडिकल AI का ‘मॉडल स्टेट’ बनेगा उत्तर प्रदेश: योगी आदित्यनाथ

राघवेंद्र प्रताप सिंह: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजनरी नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अब स्वास्थ्य और तकनीक के संगम का नया केंद्र बनकर उभर रहा है. 24 करोड़ की विशाल आबादी वाली चुनौतियों को अवसर में बदलते हुए योगी सरकार प्रदेश को ‘मेडिकल एआई’ के क्षेत्र में एक मॉडल स्टेट के रूप में विकसित कर रही है. मुख्यमंत्री का स्पष्ट मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डॉक्टर का विकल्प नहीं, बल्कि एक सशक्त सहायक है, जो उपचार की गुणवत्ता और सटीकता को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा. इस दिशा में शोध संस्थानों, तकनीकी कंपनियों और डोनर एजेंसियों के समन्वय से उत्तर प्रदेश भविष्य की स्वास्थ्य सेवाओं का खाका तैयार कर रहा है।
अपर मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) अमित कुमार घोष के अनुसार, पिछले पौने नौ वर्षों में प्रदेश ने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को प्राथमिकता दी है। वर्तमान में 10 लाख फ्रंटलाइन हेल्थ वर्कर (आशा, एएनएम और डॉक्टर) ई-संजीवनी, निक्षय पोर्टल और आरसीएच (RCH) जैसे विशाल डिजिटल डेटाबेस से जुड़े हैं। यह डेटा अब एआई आधारित समाधानों के लिए एक मजबूत आधार तैयार कर रहा है. विशेष रूप से, ई-संजीवनी के माध्यम से उत्तर प्रदेश पूरे देश में सबसे अधिक टेलीकंसल्टेशन प्रदान करने वाला अग्रणी राज्य बन गया है।
एनएचएम (NHM) की महानिदेशक डॉ. पिंकी जोवल ने बताया कि टीबी उन्मूलन के लिए एआई आधारित विश्लेषणात्मक टूल्स का उपयोग किया जा रहा है। यह तकनीक उन इलाकों और समूहों की पहचान कर रही है जहाँ संक्रमण का जोखिम अधिक है, जिससे ‘रोकथाम ही बेहतर इलाज’ के विजन को मजबूती मिल रही है। इसी प्रकार, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए एआई उपकरण उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की पहचान कर समय पर रेफरल सुनिश्चित कर रहे हैं।
मानव-केंद्रित एआई मॉडल और भविष्य की राह :
प्रदेश में गैर-संचारी रोगों जैसे मधुमेह (Diabetes) और उच्च रक्तचाप की स्क्रीनिंग के लिए भी एआई का प्रभावी उपयोग हो रहा है। डायबिटिक रेटिनोपैथी जैसे पायलट प्रोजेक्ट्स ने सिद्ध किया है कि तकनीक से स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच ग्रामीण क्षेत्रों तक बढ़ाई जा सकती है। सरकार का उद्देश्य एआई को पूरी तरह से ‘मानव-केंद्रित’ रखना है, जिसमें फ्रंटलाइन वर्कर्स के अनुभव को तकनीक के साथ जोड़ा गया है। योगी सरकार की इस पहल से उत्तर प्रदेश न केवल राष्ट्रीय बल्कि वैश्विक स्तर पर एआई आधारित सार्वजनिक स्वास्थ्य नवाचार का एक बड़ा उदाहरण बनने की ओर अग्रसर है।



