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फुटबॉल का अजेय योद्धा : रोनाल्डो और 1000 गोलों की चुनौती

महान फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो का करियर उपलब्धियों से भरा रहा है, लेकिन उनकी महत्वाकांक्षा अब भी थमी नहीं है। जहां अधिकांश खिलाड़ी इस उम्र में संन्यास की सोचने लगते हैं, वहीं रोनाल्डो ने अपने करियर के अंतिम चरण के लिए एक और बड़ा लक्ष्य तय कर लिया है।

उनका सपना है प्रोफेशनल फुटबॉल में 1000 गोल पूरे करना। 40 वर्षीय पुर्तगाली सुपरस्टार को पूरा भरोसा है कि अगर वह चोटों से बचे रहे, तो यह ऐतिहासिक आंकड़ा हासिल कर लेंगे। फिलहाल उनके नाम शीर्ष स्तर के पेशेवर फुटबॉल में 956 गोल दर्ज हैं।

यह संकल्प उन्होंने दुबई में आयोजित प्रतिष्ठित ‘ग्लोब सॉकर अवॉर्ड्स’ समारोह के दौरान साझा किया, जहां उन्हें मध्य पूर्व का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया।

सम्मान ग्रहण करते हुए उन्होंने कहा,  “अगर मुझे कोई चोट नहीं लगी, तो मैं प्रोफेशनल फुटबॉल में 1000 गोल जरूर पूरे करूंगा।” हाल ही में सऊदी प्रो लीग में अल-नसर की ओर से खेलते हुए रोनाल्डो ने दो गोल दागे, जिससे उनके कुल गोलों की संख्या 956 तक पहुंच गई।

साभार : गूगल

इन गोलों में पुर्तगाल के लिए किए गए 143 अंतरराष्ट्रीय गोल भी शामिल हैं, जो पुरुष फुटबॉल में एक रिकॉर्ड है। रोनाल्डो का सफर अभी थमा नहीं है। वह अगले साल अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में होने वाले फीफा विश्व कप में पुर्तगाल की कप्तानी करने वाले हैं।

विश्व कप शुरू होने के समय उनकी उम्र 41 वर्ष हो चुकी होगी, लेकिन उनकी फिटनेस और जुनून आज भी युवाओं को चुनौती देता है। रीयल मैड्रिड, मैनचेस्टर यूनाइटेड और युवेंटस जैसी दिग्गज क्लबों का प्रतिनिधित्व कर चुके इस स्ट्राइकर का कहना है कि उनकी प्रेरणा आज भी वैसी ही है।

उन्होंने कहा, “इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि मैं कहां खेल रहा हूं—मध्य पूर्व, यूरोप या कहीं और। मुझे फुटबॉल खेलना, ट्रॉफी जीतना और गोल करना हमेशा पसंद रहा है, और मैं इसी तरह आगे बढ़ना चाहता हूं।”

रोनाल्डो ने यह भी साफ किया कि उनका लक्ष्य सभी जानते हैं—और वह है ज्यादा से ज्यादा ट्रॉफी जीतना और उस खास संख्या तक पहुंचना।

हालांकि, उनके शानदार करियर में एक कमी जरूर रही है। रोनाल्डो अब तक फीफा विश्व कप का खिताब नहीं जीत पाए हैं। यह कसक शायद उनके मन में हमेशा रहेगी, क्योंकि विश्व कप जीतना किसी भी खिलाड़ी के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक माना जाता है।

फिर भी, उन्होंने 2016 में पुर्तगाल को यूरोपीय चैंपियनशिप जिताकर देश को उसका सबसे बड़ा खिताब दिलाया था, जो उनके नेतृत्व और महानता का प्रमाण है। आज भी क्रिस्टियानो रोनाल्डो सिर्फ अतीत की उपलब्धियों से नहीं, बल्कि भविष्य के लक्ष्यों से पहचाने जाते हैं—और यही बात उन्हें फुटबॉल की दुनिया में सचमुच महान बनाती है।

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