मंधाना–शेफाली की ऐतिहासिक साझेदारी से भारत ने श्रीलंका को रौंदा, सीरीज में 4-0 की बढ़त
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की बल्लेबाजी की आक्रामकता और रिकॉर्डों की झड़ी के सामने श्रीलंका की जुझारू कोशिश भी बेअसर रही।
स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा के शानदार अर्धशतकों तथा दोनों के बीच पहले विकेट के लिए बनी ऐतिहासिक शतकीय साझेदारी से भारत ने चौथे टी20 में श्रीलंका को 30 रन से मात देकर पांच मैचों की श्रृंखला में 4-0 की अजेय बढ़त बनाई।
222 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम ने कप्तान चामरी अटापट्टू (52 रन, तीन छक्के, तीन चौके) के अर्धशतक और उनकी हसिनी परेरा (33) के साथ पहले विकेट के लिए 59 रन तथा इमेशा दुलानी (29) के साथ दूसरे विकेट के लिए 57 रन की साझेदारियों के बावजूद छह विकेट पर 191 रन बनाए।
यह टी20 अंतरराष्ट्रीय में श्रीलंका का अब तक का सर्वोच्च स्कोर रहा, लेकिन जीत के लिए नाकाफी साबित हुआ। भारत की गेंदबाजी में बाएं हाथ की स्पिनर वैष्णवी शर्मा ने 24 रन देकर दो विकेट झटके जबकि अरुंधति रेड्डी ने 42 रन देकर दो सफलता हासिल की।

श्री चरणी को 46 रन के बदले एक विकेट मिला। हालांकि भारतीय टीम के लिए क्षेत्ररक्षण चिंता का विषय रहा, क्योंकि मैच के दौरान कई आसान कैच टपकाए गए।
इससे पहले, शुरुआती तीन मैचों में अपेक्षित प्रदर्शन न कर पाने वाली स्मृति मंधाना (80 रन, 11 चौके, तीन छक्के) और शेफाली वर्मा (79 रन, 12 चौके, एक छक्का) ने जोरदार वापसी करते हुए पहले विकेट के लिए 162 रन जोड़े।
यह भारत से किसी भी विकेट के लिए टी20 में सबसे बड़ी साझेदारी है। इस साझेदारी से भारत ने दो विकेट पर 221 रन बनाए, जो इस प्रारूप में उसका सर्वोच्च स्कोर है। भारत ने दिसंबर 2024 में वेस्टइंडीज के खिलाफ चार विकेट पर 217 रन बनाए थे।
मध्यक्रम में ऋचा घोष (16 गेंद में नाबाद 40) और कप्तान हरमनप्रीत कौर (नाबाद 16) ने तीसरे विकेट के लिए सिर्फ 23 गेंद में 53 रन की अटूट साझेदारी कर टीम को 200 रन के पार पहुंचाया। भारत की पारी में कुल 28 चौके और आठ छक्के लगे, जो इस प्रारूप में टीम की ओर से सर्वाधिक बाउंड्री का नया रिकॉर्ड है।
लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंका को हसिनी और चामरी ने तेज शुरुआत दिलाई और चौथे ओवर में ही टीम का स्कोर 50 रन के पार पहुंचाया। हसिनी छठे ओवर में अरुंधति रेड्डी की गेंद पर मिड ऑफ पर कप्तान हरमनप्रीत को कैच दे बैठीं। उन्होंने 20 गेंदों की अपनी पारी में सात चौके लगाए। इसके बाद श्रीलंका की रन गति कुछ धीमी पड़ी।
इमेशा दुलानी ने दीप्ति शर्मा पर चौका जड़कर 25 गेंदों से चले आ रहे बाउंड्री के सूखे को खत्म किया। चामरी ने अमनजोत कौर की गेंद पर छक्के से स्वागत किया और 11वें ओवर में इमेशा के साथ मिलकर टीम को 100 रन के पार पहुंचाया।
उन्होंने चरणी की पारी की पहली गेंद पर भी छक्का लगाया और वैष्णवी की गेंद पर दो रन लेकर सिर्फ 34 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया, लेकिन इसी ओवर में बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में बाउंड्री पर स्मृति को कैच थमा बैठीं।
हर्षिता समरविक्रम (20) ने चरणी पर छक्के और चौके के साथ आक्रामकता दिखाई, लेकिन श्रीलंका को अंतिम पांच ओवर में 83 रन की जरूरत थी। इसी दबाव में इमेशा तेज दूसरा रन लेने की कोशिश में अमनजोत के सटीक थ्रो पर रन आउट हो गईं, जबकि हर्षिता को वैष्णवी की गेंद पर ऋचा घोष ने स्टंप कर दिया।
निलाक्षिका सिल्वा (नाबाद 23) ने चरणी पर लगातार दो चौके जरूर लगाए, लेकिन अंतिम दो ओवर में 54 रन की दरकार के सामने श्रीलंका की टीम लक्ष्य के करीब भी नहीं पहुंच सकी। टॉस जीतकर चामरी अटापट्टू ने भारत को बल्लेबाजी का न्योता दिया। स्मृति और शेफाली ने इस फैसले का पूरा फायदा उठाते हुए तूफानी शुरुआत की।
स्मृति ने माल्शा शेहानी के पहले ओवर में दो चौके लगाए और फिर काव्या काविंदी के अगले ओवर में भी लगातार दो चौके जड़े। शेफाली ने रश्मिका सेवांडी और चामरी पर दो-दो चौके लगाकर भारत को पावर प्ले में बिना विकेट खोए 61 रन तक पहुंचाया।
27 रन बनाते ही स्मृति मंधाना महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 10,000 रन पूरे करने वाली दूसरी भारतीय और कुल चौथी बल्लेबाज बनीं। उनसे पहले यह उपलब्धि भारत की मिताली राज, इंग्लैंड की चार्लोट एडवर्ड्स और न्यूजीलैंड की सूजी बेट्स ने हासिल की थी। स्मृति ने सिर्फ 281 पारियों में यह आंकड़ा छूकर नया रिकॉर्ड भी बनाया।
शेफाली ने 11वें ओवर में निमाशा मीपागे (40 रन पर एक विकेट) पर दो चौके और एक छक्का जड़ते हुए सिर्फ 30 गेंद में लगातार तीसरा अर्धशतक पूरा किया, इसी ओवर में टीम का शतक भी पूरा हुआ।
अगले ओवर में स्मृति ने रश्मिका की लगातार गेंदों पर दो चौके और एक छक्का लगाकर 35 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया। भारत को पहला झटका 16वें ओवर में लगा जब शेफाली ने निमाशा की गेंद पर उन्हीं को कैच थमाया। अगले ओवर में स्मृति भी माल्शा की गेंद पर स्क्वायर लेग पर इमेशा दुलानी को कैच दे बैठीं।
इसके बाद ऋचा घोष ने निमाशा पर चौके से खाता खोला और फिर उनके अगले ओवर में लगातार दो चौके मारे। 19वें ओवर में ऋचा ने कविशा की लगातार गेंदों पर तीन छक्के और एक चौका जड़कर 23 रन बटोरे और भारत को 200 रन के पार पहुंचाया।
हरमनप्रीत कौर ने अंतिम ओवर में काव्या की गेंदों पर छक्का और चौका लगाकर भारत का स्कोर उसके पिछले सर्वोच्च स्कोर से भी आगे पहुंचा दिया।



