चिन्नास्वामी स्टेडियम में सुरक्षा मानकों का पालन न होने के कारण मैच आयोजन पर रोक
कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने बुधवार को स्पष्ट किया कि कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ सुरक्षा मानकों का पालन करने में असफल रहा है, जिसके कारण बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में आगामी क्रिकेट मैच आयोजित करने की अनुमति फिलहाल नहीं दी जा सकती।
परमेश्वर ने कहा कि केएससीए को न्यायमूर्ति जॉन माइकल कुन्हा के अध्यक्षता वाले आयोग की सिफारिशों का पूरी तरह पालन करना होगा, तभी स्टेडियम में मैचों के आयोजन पर विचार किया जा सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार इस मामले में कोई भी निर्णय जल्दबाजी में नहीं लेगी।
बेंगलुरु पुलिस आयुक्त सीमंत कुमार सिंह ने मंगलवार को यह जानकारी दी थी कि 24 दिसंबर को विजय हजारे ट्रॉफी मैच के लिए स्टेडियम में आयोजन की अनुमति नहीं दी गई है। इसके पहले केएससीए ने दर्शकों के बिना मैच आयोजित करने की अपील की थी।
यह रोक पिछले साल 4 जून को आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की जीत का जश्न मनाने के दौरान हुई भगदड़ के बाद लगी थी, जिसमें 11 लोगों की जान चली गई थी। इसके बाद से चिन्नास्वामी स्टेडियम में किसी भी बड़े आयोजन पर रोक लग गई।
गृह मंत्री परमेश्वर ने बताया कि केएससीए के प्रशासन ने पूर्व क्रिकेटर वेंकटेश प्रसाद के नेतृत्व में मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री से स्टेडियम में मैच आयोजित करने की अनुमति मांगी थी। मंत्रिमंडल की चर्चा के बाद उन्हें इस मामले में निर्णय लेने का अधिकार दिया गया।
परमेश्वर ने आगे कहा कि भगदड़ के बाद सरकार ने इस घटना की जांच के लिए न्यायमूर्ति कुन्हा आयोग का गठन किया था। आयोग ने कई सुरक्षा सिफारिशें की थीं और केएससीए को उन्हें लागू करने के लिए कहा गया था। लेकिन अब तक ऐसा प्रतीत होता है कि केएससीए ने इन सिफारिशों का पालन नहीं किया है।
इसके बाद गृह मंत्री ने स्टेडियम में मैच आयोजन की स्थिति का आकलन करने के लिए एक समिति का गठन किया था। समिति ने सोमवार को स्टेडियम का निरीक्षण किया और पाया कि केएससीए ने कोई भी सिफारिश लागू नहीं की है।
इस आधार पर यह निर्णय लिया गया कि फिलहाल स्टेडियम में कोई मैच आयोजित नहीं किया जा सकता। केएससीए को इस फैसले की सूचना भी दे दी गई है।



