सिर्फ रन नहीं, प्रभाव भी: डेल स्टेन के अनुसार हार्दिक ने बदली मैच की दिशा
दक्षिण अफ्रीका के पूर्व तेज गेंदबाज डेल स्टेन ने पांचवें टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच को मानसिक मजबूती और दबदबे के नजरिये से देखते हुए हार्दिक पंड्या की पारी को मैच का टर्निंग पॉइंट बताया। स्टेन के अनुसार, पंड्या सिर्फ रन नहीं बना रहे थे, बल्कि मैदान पर एक ऐसा प्रभाव छोड़ रहे थे जिसने मुकाबले की दिशा तय कर दी।
हार्दिक पंड्या (63) ने इस मैच में भारत से टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का दूसरा सबसे तेज अर्धशतक लगाया, जबकि तिलक वर्मा ने 73 रनों की शानदार पारी खेलकर भारत की 30 रन की जीत में अहम भूमिका निभाई।
स्टेन का मानना है कि इन दोनों पारियों में अंतर साफ दिखता है—जहां तिलक ने तकनीक और निरंतरता से रन बटोरे, वहीं हार्दिक ने अपनी मानसिक बढ़त से खेल पर नियंत्रण रखा।
स्टेन ने कहा, “हार्दिक ने शानदार प्रदर्शन किया। वह अब सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं रहे, बल्कि उन्होंने एक सेलिब्रिटी का दर्जा हासिल कर लिया है। वह किसी फिल्म के सुपरहीरो की तरह मैदान में उतरे, जहां कोई भी उनकी रणनीति को बदल नहीं सकता।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हार्दिक का यह रवैया नकारात्मक नहीं है। “यह कोई खराब रवैया नहीं है। यह पूरी तरह से दबदबा बनाए रखने से जुड़ा है। यह एक ऐसा प्रभाव है जिसकी बराबरी कोई नहीं कर सकता।
आप इसे उनके हावभाव में देख सकते हैं। वह मानसिक रूप से एक अलग ही स्तर पर हैं। वह एक ऐसे खेल में अजेय हैं जो मानसिक उलझनों से जुड़ा है। सभी खिलाड़ी कुशल हैं, लेकिन वह उनसे कहीं ऊपर हैं।”
स्टेन ने इस मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका की रणनीति पर भी सवाल उठाए, खासकर भारत के मुख्य गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और वरुण चक्रवर्ती के खिलाफ बल्लेबाजों के रवैये को लेकर। उनके अनुसार, जरूरत से ज्यादा सतर्कता दक्षिण अफ्रीका पर ही भारी पड़ी।
उन्होंने कहा, “यह बुमराह का प्रभाव है। आप उन्हें दबदबा बनाने का मौका नहीं दे सकते, लेकिन दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाजों ने उनके सामने सतर्क रवैया अपनाया। उन्होंने दूसरे गेंदबाजों को निशाने पर रखा, लेकिन जैसे ही बुमराह ने क्विंटन डिकॉक को आउट किया, उसके बाद चक्रवर्ती पूरी तरह हावी हो गए।”
स्टेन के मुताबिक, यह मैच सिर्फ स्कोर या आंकड़ों से नहीं, बल्कि मानसिक बढ़त, आत्मविश्वास और दबाव को संभालने की क्षमता से तय हुआ—और इस कसौटी पर हार्दिक पंड्या सबसे आगे नजर आए।



