पांचवें टी20 में भारत की नजर सीरीज जीत पर, कप्तान सूर्यकुमार की फॉर्म चिंता का विषय
चयन को लेकर उठे सवाल, कुछ कमजोरियों का सामने आना और टी20 वर्ल्ड कप की नजदीकी—इन सबके बीच भारत शुक्रवार को अहमदाबाद में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होने वाले पांचवें और अंतिम टी20 में उतरेगा।
यह मुकाबला भले ही श्रृंखला के लिहाज से निर्णायक हो, लेकिन भारतीय खेमे में चर्चा जीत-हार से कहीं आगे जा चुकी है। भारत इस श्रृंखला को पहले ही हारने से बचा चुका है। जीत मिली तो सीरीज भारत के नाम होगी और हार की स्थिति में श्रृंखला ड्रॉ पर खत्म होगी।
ऐसे में मुकाबले का दबाव अंकतालिका से ज्यादा कप्तान सूर्यकुमार यादव के प्रदर्शन पर होगा। टी20 वर्ल्ड कप अब बस कुछ ही हफ्तों दूर है और कप्तान का फॉर्म में लौटना टीम प्रबंधन के लिए बेहद जरूरी हो गया है।
टेस्ट श्रृंखला में 0-2 की निराशाजनक हार के बाद भारत ने शानदार वापसी करते हुए वनडे श्रृंखला जीती थी। इसके बाद टी20 में भी टीम ने 2-1 की अजेय बढ़त बना ली है।
बुधवार को लखनऊ में खराब मौसम के कारण चौथा टी20 रद्द हो गया, जिससे भारत की स्थिति और मजबूत हो गई। यह तथ्य मुख्य कोच गौतम गंभीर के लिए राहत की बात जरूर है, लेकिन चिंता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।
दरअसल, टीम के दो प्रमुख बल्लेबाज—कप्तान सूर्यकुमार यादव और टेस्ट व वनडे कप्तान शुभमन गिल—लंबे समय से रन बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
कभी विश्व के नंबर एक टी20 बल्लेबाज रहे सूर्यकुमार की फॉर्म इस समय भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता बनी हुई है। इस साल खेले गए 20 टी20 मैचों में उन्होंने 18 पारियों में एक भी अर्धशतक नहीं लगाया है। इस दौरान उनके बल्ले से 213 रन निकले हैं, वह भी सिर्फ 14.20 के औसत से।
शुभमन गिल का छोटे प्रारूप में लगातार नहीं चल पाना भी अगले साल की शुरुआत में होने वाले टी20 विश्व कप से पहले टीम इंडिया के लिए चिंता का विषय है।
ऊपर से, वह पिछले मैच में अभ्यास के दौरान चोटिल हो गए थे, जिससे अंतिम टी20 में उनके खेलने पर संशय बना हुआ है। भारतीय टीम किसी तरह का जोखिम उठाने के मूड में नहीं होगी, खासकर तब जब शीर्ष क्रम में संजू सैमसन जैसा मजबूत विकल्प मौजूद है।
संजू सैमसन को निचले क्रम में बल्लेबाजी के लिए कभी आदर्श विकल्प नहीं माना गया। सलामी बल्लेबाज के तौर पर उन्होंने बेहतर प्रदर्शन किया है, जबकि मध्यक्रम में उनसे अपेक्षित योगदान नहीं मिल पाया। उनके तीनों टी20 अंतरराष्ट्रीय शतक शीर्ष क्रम पर खेलते हुए ही आए हैं।
अगर गिल अंतिम मैच में उपलब्ध नहीं होते हैं, तो केरल के इस विकेटकीपर-बल्लेबाज के पास खुद को साबित करने का सुनहरा मौका होगा।
टीम संतुलन की बात करें तो भारत फिलहाल मजबूत नजर आ रहा है। ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या और शिवम दुबे अब तक खेले गए तीनों मैचों में अंतिम एकादश का हिस्सा रहे हैं।
तेज गेंदबाजी आक्रमण में अर्शदीप सिंह धीरे-धीरे अपनी लय पकड़ते दिख रहे हैं, जबकि हर्षित राणा ने भी अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया है। निजी कारणों से तीसरे टी20 में नहीं खेल पाए जसप्रीत बुमराह चौथे मैच से पहले टीम से जुड़ चुके हैं, जो गेंदबाजी विभाग को और मजबूती देता है।
अहमदाबाद की पिच बल्लेबाजी के लिए अनुकूल मानी जाती है। यह परिस्थिति इस श्रृंखला में भारत के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज रहे वरुण चक्रवर्ती (छह विकेट) के लिए चुनौती पेश कर सकती है, क्योंकि यहां रन रोकना आसान नहीं होगा।
दूसरी ओर, दक्षिण अफ्रीका की टीम के बल्लेबाजों का प्रदर्शन अब तक उतार-चढ़ाव भरा रहा है। अगर उसे श्रृंखला बराबर करनी है, तो शीर्ष और मध्यक्रम दोनों को अपना सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाना होगा।
टीम प्रबंधन रीजा हेंड्रिक्स की जगह एडेन मार्क्रम को एक बार फिर शीर्ष क्रम में भेजने पर विचार कर सकता है, क्योंकि हेंड्रिक्स इस दौरे पर अपनी लय हासिल नहीं कर पाए हैं।
दक्षिण अफ्रीका को युवा बल्लेबाज डेवाल्ड ब्रेविस से भी बड़ी पारी की उम्मीद होगी, जो अभी तक अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतर सके हैं।
इसके अलावा, मार्को यानसन की आक्रामक पारियों की कमी भी टीम को खल रही है। हालांकि गेंदबाजी में लुंगी एनगिडी और ओटनेल बार्टमैन ने अब तक अच्छा प्रदर्शन किया है और वही उनकी सबसे बड़ी ताकत बने हुए हैं।
भारत: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), शुभमन गिल, संजू सैमसन (विकेटकीपर), जितेश शर्मा (विकेटकीपर), अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, हार्दिक पंड्या, शाहबाज अहमद, वाशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह, हर्षित राणा, कुलदीप यादव, वरुण चक्रवर्ती
दक्षिण अफ्रीका: एडेन मार्क्रम (कप्तान), डेवाल्ड ब्रेविस, क्विंटन डी कॉक (विकेटकीपर), रीजा हेंड्रिक्स, डेविड मिलर, ट्रिस्टन स्टब्स, कॉर्बिन बॉश, डोनोवन फरेरा, मार्को यानसन, जॉर्ज लिंडे, ओटनील बार्टमैन, केशव महाराज, लुंगी एनगिडी, एनरिक नोर्किया, लूथो सिपाम्ला



