Maharashtra News: महाराष्ट्र की राजनीति में आया सियासी उबाल, पूर्व गृह मंत्री Anil Deshmukh पर हमला

बीएस राय: महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री और एनसीपी नेता अनिल देशमुख पर नागपुर के कटोल में चुनावी रैली से लौटते समय पथराव किया गया। हमले में वे घायल हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एनसीपी ने कानून व्यवस्था पर सवाल उठाकर सरकार को घेरा, जबकि भाजपा ने इसे सहानुभूति बटोरने का स्टंट बताया।
दरअसल, महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर उबाल आ गया है। एनसीपी (शरद पवार गुट) के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख पर नागपुर के कटोल में पथराव किया गया, जिसमें वे घायल हो गए। इस हमले में उनके सिर में फ्रैक्चर हो गया और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। यह घटना उस समय हुई जब अनिल देशमुख एक चुनावी रैली को संबोधित कर लौट रहे थे। अभी तक हमले के कारणों और आरोपियों के बारे में कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिला है, लेकिन पुलिस मामले की जांच कर रही है।
हमले के बाद एनसीपी (शरद गुट) ने इसे राज्य की कानून व्यवस्था पर सीधा हमला बताया। पार्टी ने बयान जारी कर कहा कि महाराष्ट्र में लोकतंत्र और कानून व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। पार्टी ने इस घटना को “कायरतापूर्ण कृत्य” करार दिया और भाजपा नीत सरकार पर तीखा हमला किया। पार्टी ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “राज्य में कानून व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। यह घटना दिखाती है कि राज्य में अब कोई भी सुरक्षित नहीं है।”
एनसीपी जहां इसे राज्य की विफलता बता रही है, वहीं बीजेपी ने इस घटना को सहानुभूति बटोरने के लिए “राजनीतिक स्टंट” करार दिया है। बीजेपी नेता प्रवीण दारेककर ने कहा, “यह हमला अनिल देशमुख ने खुद चुनाव में सहानुभूति बटोरने के लिए किया होगा।” भाजपा ने मामले की पूरी जांच की मांग की है और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने पर जोर दिया है।
अनिल देशमुख के बेटे सलिल देशमुख कटोल से एनसीपी (शरद गुट) के उम्मीदवार हैं। वह इस सीट से मौजूदा विधायक हैं और भाजपा ने उनके खिलाफ चरण सिंह ठाकुर को मैदान में उतारा है। चुनावी मैदान में मुकाबला काफी कड़ा माना जा रहा है।
हाल ही में आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह और कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने सलिल देशमुख के लिए प्रचार किया था। पटवारी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि “लोग विदर्भ विरोधी गठबंधन सरकार से तंग आ चुके हैं।”
दूसरी ओर, भाजपा की ओर से केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कटोल में प्रचार करते हुए शिवसेना और उद्धव ठाकरे पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “कोरोना काल में जब पीएम मोदी देश की सेवा कर रहे थे, तब उद्धव ठाकरे अपने बंगले से बाहर तक नहीं निकले।” शिवराज ने महायुति सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि राज्य सरकार किसानों के लिए अच्छा काम कर रही है।
अनिल देशमुख पर हुए हमले ने महाराष्ट्र में राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। एक तरफ एनसीपी इसे बीजेपी सरकार की नाकामी बता रही है, तो वहीं बीजेपी इसे साजिश मान रही है। यह घटना महज चुनावी घटना नहीं है, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति में बढ़ते तनाव और आरोप-प्रत्यारोप की संस्कृति का उदाहरण है। आने वाले दिनों में इस घटना का असर सिर्फ कटोल चुनाव पर ही नहीं, बल्कि पूरे राज्य की राजनीति पर देखने को मिल सकता है।
अनिल देशमुख पर हुए हमले ने राजनीति और कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी, लेकिन चुनावी माहौल में इस घटना ने राजनीतिक तापमान तो बढ़ा ही दिया है। अब देखना यह है कि यह मामला किस दिशा में आगे बढ़ता है और चुनाव नतीजों पर इसका क्या असर पड़ता है।



