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इग्नू द्वारा अध्ययन केन्द्रों के प्राचार्यों, समन्वयकों एवं सहायक समन्वयकों के लिए वर्चुअल मीटिंग का आयोजन

लखनऊ: इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, क्षेत्रीय केन्द्र, लखनऊ द्वारा डिजिटल माध्यम से शिक्षा प्रदान करने एवं जनवरी 2026 सत्र में प्रवेश के सम्बन्ध में विमर्श करने के उद्देश्य से अध्ययन केन्द्रों के प्राचार्यों, समन्वयकों एवं सहायक समन्वयकों के लिए वर्चुअल मीटिंग का आयोजन दिन बुधवार, दिनाँक 25 फरवरी 2026 को किया गया। इस मीटिंग में झांसी, कानपुर, बरेली, चित्रकूट, सीतापुर, अयोध्या, कानपुर देहात, अमेठी, शाहजहाँपुर, लखीमपुर (खीरी), बलरामपुर, बस्ती एवं लखनऊ जिलों में स्थित इग्नू के अध्ययन केन्द्रों के 50 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
वर्चुअल मीटिंग का शुभारम्भ इग्नू के कुलगीत द्वारा हुआ। सर्वप्रथम इग्नू क्षेत्रीय केन्द्र, लखनऊ की वरिष्ठ क्षेत्रीय निदेशक एवं प्रमुख डॉ० अनिल कुमार मिश्रा ने अपने स्वागत सम्भाषण में समस्त अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया। अपने सारगर्भित उद्बोधन में डॉ० मिश्रा ने कहा कि आज इग्नू में 35 लाख से भी अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत् हैं। इग्नू का उद्देश्य दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों तक उच्च एवं कौशल विकास आधारित शिक्षा को पहुँचाना है। इग्नू क्षेत्रीय केन्द्र, लखनऊ द्वारा विद्यार्थियों को सहायता सेवा प्रदान करने हेतु गूगलमीट, ई-मेल, वाट्सएप ग्रुप, एस.एम.एस. एवं प्रत्यक्ष रूप से सत्रों का आयोजन किया जाता है। वर्तमान समय में स्नातक स्तर के पाठ्यक्रमों के काऊन्सलिंग सत्रों को आयोजन हिन्दी भाषा में स्वयंप्रभा चैनल 17 द्वारा प्रातः 10 बजे से सजीव प्रसारण किया जाता है।
वरिष्ठ क्षेत्रीय निदेशक एवं प्रमुख ने कहा कि इग्नू के द्वारा वर्तमान समय में राष्ट्र को सशक्त बनाने के उद्देश्य से विभिन्न कौशल विकास एवं ज्ञान सम्वर्धन हेतु नये पाठ्यक्रमों को लॉन्च किया जा चुका है। जैसे हिन्दी व्यवसायिक लेखन, ज्योतिष, वैदिक अध्ययन, अनुवाद अध्ययन, पत्रकारिता एवं जनसंचार, संस्कृत, अरेबिक भाषा में मास्टर डिग्री, माइक्रो स्मॉल एवं मीडियम एन्टरप्राइजेज में स्नातक डिग्री, फैब्रिक एवं अपैरल डिजानिंग में चार वर्षीय विज्ञान स्नातक का कार्यक्रम, वैदिक गणित, स्मार्ट सिटी विकास एवं प्रबन्धन, शिक्षकों का व्यवसायिक विकास में प्रमाण-पत्र पाठ्यक्रम महत्वपूर्ण हैं। डॉ० मिश्रा ने कहा कि इग्नू द्वारा विद्यार्थी दुनिया के किसी भी कोने में बैठकर शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ सकता है। इग्नू को नैक द्वारा सर्वोच्च ग्रेड ए++ एवं एन.आई.आर.एफ. द्वारा मुक्त शिक्षा के क्षेत्र में प्रथम स्थान प्रदान किया गया है। विद्यार्थी सहायता सेवा को सुदृढ करके विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम को पूरा करने में सहायता की जा सकती।

डॉ० अनामिका सिन्हा, क्षेत्रीय निदेशक ने समस्त प्रतिभागियों को इग्नू की वेबसाईट में उपलब्ध विभिन्न विद्यार्थी सहायता सम्बन्धित लिंक जैसे प्रवेश, सत्रीय कार्य, समर्थ पोर्टल एवं परीक्षा सम्बन्धी विभिन्न जानकारियों को साझा किया। अध्ययन केन्द्रों के द्वारा परामर्श सत्रों के विषय में भी चर्चा की गयी। अध्ययन केन्द्र किस प्रकार नये परामर्शदाताओं को ऑनलाईन माध्यम से इग्नू से जोड़ सकते है तथा नये विषयों को सक्रिय कराने के विषय में भी चर्चा की गयी।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए डॉ० जय प्रकाश वर्मा, क्षेत्रीय निदेशक ने सभी अतिथियों का परिचय कराया एवं बताया कि वर्तमान दौर में इग्नू ओ.डी.एल. एवं ऑनलाईन दोनों माध्यमों में पाठ्यक्रमों को संचालित कर रहा है। डॉ० वर्मा ने विद्यार्थी सेवाओं के बारे में भी विस्तार से चर्चा की।
डॉ० निशिथ नागर, सहायक कुलसचिव ने प्रशासन एवं वित के बारे में विस्तार से बताया। डॉ० नागर ने सभी समन्वयकों से वित्तीय अनुशासन को सदैव ध्यान रखनी की सलाह दी।
इस वर्चुअल कार्यक्रम में इग्नू के विभिन्न अध्ययन केन्द्रों के समन्वयक डॉ० विवेक सिंह, डॉ० हिमांशु शेखर सिंह, डॉ० नवनीत मिश्रा, डॉ० पर्वत सिंह, डॉ० प्रभात शुक्ला, डॉ० निलांशु अग्रवाल, डॉ० के० के० श्रीवास्तव, प्रो० प्रीति अवस्थी, डॉ० नवीन सैमुअल सिंह, प्रो० वन्दना शर्मा, डॉ० अतुल बुधौलिया, डॉ० विशाल प्रताप सिंह, डॉ० के० के० मिश्रा, डॉ० अरूण कुमार सिंह, डॉ० नीलम कुमारी, डॉ० राम नरेश सिंह, डॉ० शैलजा गुप्ता, डॉ० नीरज गुप्ता, डॉ० अविजीत चटर्जी, डॉ० कविता यादव, डॉ० मीना वर्मा ने भी संगोष्ठी में अपने विचार एवं सुझाव व्यक्त करते हुए कहा कि इग्नू के पाठ्यक्रमों में नामांकन वृद्धि से सम्बन्धित कार्यनीतियों, उठाये गये कदम एवं अपने अनुभवों तथा विद्यार्थी सहायता सेवा हेतु सुझावों को साझा किया।
कार्यक्रम का औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन डॉ० पर्वत सिंह द्वारा प्रस्तुत किया गया।

 

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