कृष्णमूर्ति बने ‘प्लेयर ऑफ द मैच’, अमेरिका ने नामीबिया को 31 रन से हराया
टी20 विश्व कप
संजय कृष्णमूर्ति (नाबाद 68) और कप्तान मोनांक पटेल (52) की विस्फोटक अर्धशतकीय पारियों के बाद गेंदबाजों के उम्दा प्रदर्शन से अमेरिका ने आईसीसी टी20 विश्व कप के ग्रुप ए मैच में रविवार को यहां नामीबिया को 31 रन से हराकर सुपर आठ में पहुंचने की अपनी क्षीण उम्मीदों को कायम रखा।
लगातार दो जीत के साथ अमेरिका ने ग्रुप चरण का समापन चार अंकों के साथ किया और भारत तथा पाकिस्तान के बाद तीसरे स्थान पर रहा। भारत या पाकिस्तान में से कोई भी टीम यदि उलटफेर का शिकार होती है तो अमेरिका सुपर आठ में प्रवेश कर सकता है।
अमेरिका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 199 रन बनाए, जो टी20 विश्व कप में उसका सर्वश्रेष्ठ स्कोर है। जवाब में, सलामी बल्लेबाज लॉरेन स्टीनकैंप की 39 गेंदों में 58 रन की पारी के बावजूद नामीबिया 168 रन ही बना सका। अमेरिका से शानदार फॉर्म में चल रहे शैडली वैन शाल्कविक ने दो विकेट झटके और टूर्नामेंट में उनके विकेटों की संख्या 13 हो गई, जो अब तक सर्वाधिक है।
‘प्लेयर ऑफ द मैच’ कृष्णमूर्ति ने 33 गेंदों में चार चौकों और छह छक्कों की मदद से नाबाद 68 रन बनाए। उन्होंने मिलिंद कुमार (20 गेंदों में 28 रन) के साथ चौथे विकेट के लिए 87 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी कर टीम को 200 के करीब पहुंचाया।

कृष्णमूर्ति ने 2011 विश्व कप में भारत की जीत देखने के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर बनने का सपना संजोया था। उन्होंने बेंगलुरु में अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत की और कोविड-19 महामारी के दौरान सैन फ्रांसिस्को चले गए।
मोनांक ने हालिया कम स्कोर वाली पारियों को पीछे छोड़ते हुए 30 गेंदों में तीन चौके और तीन छक्के लगाए। पारी की शुरुआत में जीवनदान मिलने के बाद उन्होंने आत्मविश्वास और आक्रामकता का बेहतरीन तालमेल दिखाया। उन्होंने शायन जहांगीर (18 गेंदों में 22 रन) के साथ पहले विकेट के लिए 6.5 ओवर में 68 रन जोड़े। इस जोड़ी ने पावरप्ले में प्रति ओवर 11 रन की दर से रन बटोरे।
नामीबिया के लिए लेग स्पिनर विलेम मायबर्ग और कप्तान गेरहार्ड इरास्मस ने दो-दो विकेट हासिल किए। लक्ष्य का पीछा करते हुए नामीबिया के सलामी बल्लेबाज स्टीनकैंप ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। विशेष रूप से पांचवें ओवर में उन्होंने अली खान पर दो चौके और एक छक्का लगाते हुए 20 रन जुटाए, जिससे मुकाबला रोमांचक हो उठा।
अमेरिका ने तुरंत जवाबी हमला किया, जब शाल्कविक ने जान फ्रायलिंक (19) का कैच अपनी ही गेंद पर लपक लिया। इसके बावजूद नामीबिया ने आक्रामकता बरकरार रखी और स्टीनकैंप को जान निकोल लॉफ्टी-ईटन का अच्छा साथ मिला। दोनों ने 31 गेंदों में 45 रन की साझेदारी कर जरूरी रनगति को नियंत्रण में रखा।
लॉफ्टी-ईटन ने रिवर्स स्वीप और इनसाइड-आउट जैसे आकर्षक शॉट खेलकर प्रभावित किया। 10 ओवर के बाद नामीबिया का स्कोर एक विकेट पर 97 रन था और अंतिम 10 ओवर में उसे 103 रन की आवश्यकता थी।
मोनांक के समझदारी भरे गेंदबाजी बदलाव ने मैच की दिशा बदल दी। उन्होंने सौरभ नेत्रवलकर (27 रन पर एक विकेट) को फिर से गेंद थमाई, जिन्होंने लॉफ्टी-ईटन को आउट किया। वह रिवर्स स्वीप खेलने के प्रयास में शॉर्ट थर्ड मैन पर खड़े शुभम रंजने को कैच दे बैठे।
इसके तुरंत बाद स्टीनकैंप ने 33 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया, लेकिन अगले ही ओवर में रंजने की मध्यम गति की गेंद पर चकमा खा गए। इन दो झटकों से नामीबिया की पारी डगमगा गई। 13 रन के अंतराल में दो विकेट गिरने के बाद इरास्मस (6) भी सस्ते में आउट हो गए और शाल्कविक का दूसरा शिकार बने।
इसके बाद नामीबिया वापसी नहीं कर सका और अंतिम ओवर में उसे 38 रन की दरकार थी। मोनांक शुरू से ही आक्रामक अंदाज में नजर आए। उन्होंने तीन छक्के लगाए, जिनमें दो जेजे स्मिट के खिलाफ थे। उन्होंने 27 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया।
पावरप्ले के अंतिम ओवर में स्मिट पर एक छक्का और दो चौके जड़ते हुए 19 रन बनाए, जिससे अमेरिका बिना किसी नुकसान के 65 रन तक पहुंच गया। जहांगीर भी अच्छी लय में दिखे और एक छक्का तथा दो चौके लगाए, लेकिन लेग स्पिनर मायबर्ग ने उन्हें आउट कर नामीबिया को सफलता दिलाई।
मायबर्ग ने पहले धीमी गेंद पर उन्हें फंसाकर मिड-ऑन पर कैच कराया और अपने अगले ओवर में कप्तान मोनांक को भी पवेलियन भेज दिया, जिससे नामीबिया ने कुछ समय के लिए मुकाबले में वापसी की। इरास्मस ने भी अपने पहले ओवर में विविधताओं का चतुर उपयोग करते हुए प्रभाव छोड़ा।
कृष्णमूर्ति को पारी की शुरुआत में किस्मत का साथ मिला। जब वह 10 रन पर थे, तब इरास्मस ने लॉन्ग-ऑफ पर दौड़ते हुए शानदार कैच लेने की कोशिश की, लेकिन डाइव लगाते समय गेंद पर पकड़ नहीं बना सके। यह चूक नामीबिया पर भारी पड़ी।
इसके बाद युवा बल्लेबाज ने गियर बदला और आक्रामक तेवर अपनाते हुए अपने टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर का पहला अर्धशतक शानदार अंदाज में पूरा किया। उन्होंने 17वें ओवर में रुबेन ट्रम्पेलमैन के खिलाफ लगातार तीन छक्के जड़े, जिसमें कमर से ऊपर की नो-बॉल पर लगाया गया छक्का भी शामिल था। मात्र 23 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर उन्होंने मैच का रुख पूरी तरह पलट दिया।



