ईशा सिंह की शानदार वापसी, एशियाई चैंपियनशिप में भारत को दोहरे स्वर्ण
एशियाई निशानेबाजी चैंपियनशिप (पिस्टल/राइफल) के पहले ही दिन भारत ने दमदार शुरुआत करते हुए महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में व्यक्तिगत और टीम—दोनों वर्गों में स्वर्ण पदक अपने नाम किए।
ओलंपियन ईशा सिंह ने पिछले साल के शानदार प्रदर्शन की निरंतरता दिखाते हुए फाइनल में जबरदस्त वापसी की और 239.8 अंकों के साथ स्वर्ण पदक जीता। फाइनल में शुरुआती दौर में पिछड़ने के बावजूद ईशा ने संयम और अनुभव का बेहतरीन प्रदर्शन किया।
उन्होंने 10.4 और उससे अधिक के तीन सटीक स्कोर लगाकर चीनी ताइपे की चेंग येन चिंग (235.4 अंक) और यू ऐ वेन (217.7 अंक) को पीछे छोड़ा। इस जीत के साथ ईशा ने सीनियर एशियाई चैंपियनशिप में अपना दूसरा स्वर्ण पदक हासिल किया।

ईशा का यह प्रदर्शन उनके लगातार बढ़ते कद को दर्शाता है। उन्होंने पिछले साल चीन के निंगबो में आईएसएसएफ विश्व कप में स्वर्ण पदक जीता था और 2024 में महज 19 वर्ष की उम्र में जकार्ता में अपना पहला महाद्वीपीय खिताब अपने नाम किया था।
इस स्पर्धा में भारत की युवा निशानेबाज सुरुचि सिंह ने भी शानदार चुनौती पेश की। पहले 10 शॉट के चरण के बाद फाइनल में बढ़त बनाने वाली 19 वर्षीय सुरुचि एलिमिनेशन राउंड में लय बरकरार नहीं रख सकीं और चौथे स्थान पर रहीं। वहीं पेरिस ओलंपिक में दो कांस्य पदक जीत चुकीं मनु भाकर सातवें स्थान पर रहीं।

क्वालीफाइंग राउंड में सुरुचि 576 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहीं, जबकि मनु और ईशा दोनों ने 575 अंक बनाए। इन तीनों ने फाइनल में जगह बनाई और बाद में टीम स्पर्धा में भी भारत को स्वर्ण पदक दिलाया। सुरुचि (576), मनु (575) और ईशा (575) की तिकड़ी ने कुल 1726 अंक जुटाए, जो रजत पदक जीतने वाले वियतनाम (1713) और कांस्य पदक विजेता चीनी ताइपे (1711) से काफी अधिक थे।
पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में हालांकि विश्व चैंपियन सम्राट राणा से स्वर्ण की उम्मीदें पूरी नहीं हो सकीं। पिछले साल काहिरा में विश्व चैंपियनशिप का स्वर्ण जीतने वाले सम्राट ने क्वालीफाइंग राउंड में 581 अंक बनाकर दूसरे स्थान पर रहते हुए फाइनल में प्रवेश किया, लेकिन निर्णायक दौर में वह अपनी सर्वश्रेष्ठ लय नहीं पकड़ पाए।

फाइनल में 21 वर्षीय सम्राट 220.3 अंकों के साथ उज्बेकिस्तान के व्लादिमीर स्वेचनिकोव (242.0) और कजाकिस्तान के वैलेरी रखिमजान (241.0) से पीछे रहते हुए कांस्य पदक तक सीमित रहे। आठ निशानेबाजों के फाइनल में पहुंचे दूसरे भारतीय श्रवण कुमार चौथे स्थान पर रहे।
टीम स्पर्धा में भारत ने रजत पदक जीता। सम्राट (581), श्रवण (578) और विश्व चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता वरुण तोमर (573) ने मिलकर कुल 1732 अंक बनाए।

उज्बेकिस्तान के भी 1732 अंक रहे, लेकिन उसके 58 ‘इनर 10’ भारत के 52 की तुलना में अधिक होने के कारण उसे स्वर्ण पदक मिला। कजाकिस्तान 1731 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा। इस चैंपियनशिप में भारत ने 118 निशानेबाजों का अब तक का सबसे बड़ा दल उतारा है, जबकि 35 खिलाड़ियों के साथ कजाकिस्तान दूसरा सबसे बड़ा दल है।

अन्य परिणामों में पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल (जूनियर) स्पर्धा में भारत के गेविन एंटनी ने 240.9 अंकों के साथ स्वर्ण पदक जीता। कजाकिस्तान के इमांडोस बेक्टेनोव (236.7) दूसरे और इंडोनेशिया के मारूफ औलिया (215.6) तीसरे स्थान पर रहे। टीम स्पर्धा में भारत ने 1735 अंकों के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि कजाकिस्तान 1680 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा।



