सात साल बाद दमदार वापसी, पीडब्ल्यूएल 2026 ने बदली भारतीय कुश्ती की तस्वीर
नोएडा : भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) से मान्यता प्राप्त भारत की प्रमुख फ्रेंचाइज़ी आधारित पेशेवर कुश्ती लीग, प्रो रेसलिंग लीग (पीडब्ल्यूएल), ने अपने पुनर्कल्पित पाँचवें सत्र का शानदार और सफल समापन किया।
पीडब्ल्यूएल 2026 ने न केवल उच्चस्तरीय मैट पर मुकाबलों के जरिए अपनी पहचान को और मज़बूत किया, बल्कि राजनीतिक नेतृत्व, बॉलीवुड सितारों, खेल जगत की हस्तियों और डिजिटल इकोसिस्टम के प्रभावशाली चेहरों की मौजूदगी के चलते इसे व्यापक सांस्कृतिक और मुख्यधारा की पहचान भी मिली।
सीज़न का समापन हरियाणा थंडर्स के पीडब्ल्यूएल 2026 चैंपियन बनने के साथ हुआ, जिन्होंने प्रतिष्ठित ट्रॉफी के साथ ₹1.5 करोड़ की इनामी राशि अपने नाम की। उपविजेता दिल्ली दंगल वॉरियर्स ने कड़े मुकाबले वाले फाइनल के बाद ₹75 लाख की पुरस्कार राशि हासिल की, जो लीग की बढ़ती प्रतिस्पर्धात्मक गहराई और अंतरराष्ट्रीय स्तर की गुणवत्ता को दर्शाता है।
व्यक्तिगत प्रदर्शन के स्तर पर भी यह सीज़न यादगार रहा। दिल्ली दंगल वॉरियर्स के तुरान बैरामोव को पीडब्ल्यूएल 2026 का ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ चुना गया। उन्होंने पुरुषों के 57 किग्रा वर्ग में सात में से सात मुकाबले जीतते हुए अपराजेय प्रदर्शन किया और ₹2.5 लाख का पुरस्कार अर्जित किया। वहीं, पंजाब रॉयल्स के चंद्रमोहन टूर्नामेंट के सर्वाधिक अंक अर्जित करने वाले पहलवान रहे।
पीडब्ल्यूएल 2026 में भारत के राजनीतिक नेतृत्व की भी उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली। केंद्रीय युवा कार्य एवं खेल मंत्री मनसुख एल. मांडविया ने फाइनल मुकाबले में शिरकत कर पेशेवर कुश्ती के विकास को लेकर संस्थागत समर्थन को और मज़बूती दी। उनके साथ महेश शर्मा, बृज भूषण शरण सिंह, पंकज सिंह और दुष्यंत चौटाला जैसे वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे, जो भारत के खेल और प्रशासनिक परिदृश्य में पीडब्ल्यूएल की मजबूत पकड़ को दर्शाता है।

बॉलीवुड और लोकप्रिय संस्कृति की मौजूदगी ने पूरे सीज़न लीग की चमक को और बढ़ाया। वरिष्ठ अभिनेत्री और सांसद हेमा मालिनी अपनी बेटी ईशा देओल के साथ लीग में उपस्थित रहीं, जिनकी नियमित मौजूदगी ने पीडब्ल्यूएल के मुख्यधारा सांस्कृतिक जुड़ाव को और गहराया।
सेमीफाइनल और फाइनल चरणों के दौरान नोरा फतेही, सारा अली खान, सोनम बाजवा, शहनाज़ गिल और जोया अफ़रोज़ जैसी चर्चित हस्तियों की मौजूदगी ने दर्शकों और डिजिटल दर्शक वर्ग के बीच उत्साह को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया।
लीग की बहु-खेल अपील भारतीय क्रिकेटरों श्रेयस अय्यर और आकाश चोपड़ा की उपस्थिति से भी उजागर हुई, खासकर फाइनल मुकाबले के दौरान, जिसने विभिन्न खेल विधाओं में पीडब्ल्यूएल की बढ़ती पहचान को रेखांकित किया।

डिजिटल इन्फ्लुएंसर्स के बीच, एल्विश यादव हरियाणा थंडर्स के मुकाबलों के दौरान नियमित रूप से नज़र आए, जिससे युवाओं के बीच लीग की लोकप्रियता और ऑनलाइन जुड़ाव में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई। इसके अलावा, कंटेंट क्रिएटर्स, फाइनेंस एजुकेटर्स और एंटरटेनमेंट इन्फ्लुएंसर्स के बीच भी लीग को व्यापक समर्थन मिला, जिसने पूरे सीज़न सोशल मीडिया पर निरंतर ऑर्गेनिक प्रचार को बल दिया।
पीडब्ल्यूएल के चेयरमैन एवं प्रमोटर दयान फ़ारूक़ी ने कहा,“पीडब्ल्यूएल 2026 का समापन इस विश्वास को और मजबूत करता है कि भारत में पेशेवर कुश्ती एक नए दौर में प्रवेश कर चुकी है। राजनीति, सिनेमा, खेल और डिजिटल जगत से जुड़ी प्रमुख हस्तियों की मौजूदगी यह दर्शाती है कि लीग अब एक मुख्यधारा की सांस्कृतिक और खेल संपत्ति बन चुकी है। यह सीज़न भारतीय कुश्ती के वैश्विक भविष्य के लिए एक मजबूत नींव रखता है।”

पीडब्ल्यूएल के सीईओ एवं प्रमोटर अखिल गुप्ता ने कहा,“पीडब्ल्यूएल 2026 को लेकर दर्शकों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर मिली प्रतिक्रिया हमारे पुनर्कल्पित दृष्टिकोण को प्रमाणित करती है। प्रतिस्पर्धात्मक उत्कृष्टता से लेकर फैन एंगेजमेंट और हितधारकों के विश्वास तक, इस सीज़न ने यह साबित किया है कि एक पेशेवर, एथलीट-केंद्रित लीग क्या हासिल कर सकती है।”
सात साल के अंतराल के बाद लौटे पीडब्ल्यूएल 2026 में छह फ्रेंचाइज़ी — दिल्ली दंगल वॉरियर्स, हरियाणा थंडर्स, टाइगर्स ऑफ मुंबई दंगल्स, पंजाब रॉयल्स, महाराष्ट्र केसरी और यूपी डॉमिनेटर्स — ने हिस्सा लिया।
टूर्नामेंट में 16 देशों के कुल 63 पहलवानों ने पुरुषों और महिलाओं की विभिन्न वज़न श्रेणियों में मुकाबला किया, जिनमें ओलंपिक पदक विजेता, विश्व चैंपियन और उभरती भारतीय प्रतिभाएं शामिल रहीं। प्रत्येक टाई में नौ मुकाबलों के तेज़-तर्रार और दर्शक-अनुकूल प्रारूप ने लीग को खास बनाया।

सीज़न के समापन के साथ, प्रो रेसलिंग लीग 2026 भारतीय कुश्ती के बढ़ते कद का एक सशक्त उदाहरण बनकर उभरी है, जहाँ उच्चस्तरीय खेल, राजनीतिक नेतृत्व, सेलिब्रिटी मौजूदगी और डिजिटल प्रभाव एक साथ मिलकर लीग के विकास की एक ऐतिहासिक कहानी रचते हैं।



