इतिहास रचने को तैयार भारत : नॉर्वे शतरंज में गुकेश और युवा सितारों की परीक्षा
भारतीय शतरंज के लिए यह मई काफी खास होने वाला है। मौजूदा विश्व विजेता डी. गुकेश नॉर्वे शतरंज टूर्नामेंट में खेलते नजर आएंगे, जहां उनकी चुनौती दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी और गत चैंपियन मैग्नस कार्लसन सहित कई दिग्गजों से होगी।
25 मई से 5 जून तक चलने वाला यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट इस बार अपने पारंपरिक स्थल स्टेवेंगर से हटकर ओस्लो में आयोजित किया जाएगा।
दुनिया के सबसे कड़े शतरंज टूर्नामेंटों में गिने जाने वाले नॉर्वे शतरंज में हिस्सा लेने की पुष्टि गुकेश पहले ही कर चुके हैं। पिछले साल ओपन वर्ग में तीसरे स्थान पर रहने वाले भारतीय स्टार इस बार इतिहास के सबसे कम उम्र के विश्व चैंपियन के रूप में ओस्लो पहुंचेंगे।
गुकेश ने एक विज्ञप्ति में कहा, “मैं नॉर्वे शतरंज में फिर से हिस्सा लेकर बहुत खुश हूं। हमेशा की तरह बहुत मजबूत खिलाड़ियों के खिलाफ मुकाबला करूंगा और सभी रोमांचक बाजियों का इंतजार कर रहा हूं।”

18 साल की उम्र में शतरंज की दुनिया पर छा जाने वाले गुकेश ने 2024 में कैंडिडेट्स टूर्नामेंट जीतने के बाद तत्कालीन विश्व चैंपियन डिंग लिरेन को हराकर विश्व खिताब अपने नाम किया था।
उनकी उपलब्धियों की सूची यहीं नहीं रुकती—वे 2750 रेटिंग अंक पार करने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बने और महज 12 साल की उम्र में ग्रैंडमास्टर का खिताब हासिल किया। शतरंज के इतिहास में वे तीसरे सबसे कम उम्र के ग्रैंडमास्टर हैं।
नॉर्वे शतरंज 2025 में गुकेश ने मैग्नस कार्लसन के खिलाफ अपनी पहली क्लासिकल जीत भी दर्ज की थी, जिसने इस प्रतिद्वंद्विता को और रोमांचक बना दिया। कार्लसन ने पिछले महीने टूर्नामेंट में अपनी भागीदारी की पुष्टि की थी।
सभी प्रारूपों में 20 बार के विश्व चैंपियन कार्लसन पिछले 13 वर्षों से लगातार अपने घरेलू टूर्नामेंट में खेलते आ रहे हैं, हालांकि वे धीरे-धीरे क्लासिकल शतरंज से दूर होने की इच्छा जता चुके हैं।
इसके बावजूद नॉर्वे शतरंज जैसे क्लासिकल प्रारूप में उनकी मौजूदगी हमेशा खास रहती है। मौजूदा विश्व रैपिड और ब्लिट्ज़ चैंपियन कार्लसन इस टूर्नामेंट को अब तक सात बार जीत चुके हैं। भारतीय चुनौती यहीं खत्म नहीं होती। एक अन्य भारतीय स्टार आर. प्रज्ञानानंदा ने भी इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में अपनी भागीदारी की पुष्टि की है।
वहीं, भारतीय ग्रैंडमास्टर और विश्व कप विजेता दिव्या देशमुख नॉर्वे शतरंज में महिलाओं के वर्ग में पदार्पण करेंगी। 2024 में इस वर्ग की शुरुआत के बाद वे महिलाओं के टूर्नामेंट में प्रतिस्पर्धा करने वाली सबसे कम उम्र की खिलाड़ी बन जाएंगी।
हालांकि, अब तक कोई भी भारतीय इस प्रतिष्ठित नॉर्वे शतरंज खिताब को नहीं जीत सका है, लेकिन गुकेश, प्रज्ञानानंदा और दिव्या की मौजूदगी से इस बार भारत की उम्मीदें पहले से कहीं ज्यादा मजबूत नजर आ रही हैं।



